Congress: 'नेता प्रतिपक्ष को बोलने ही नहीं दिया, तो क्या जवाब देंगे?', कांग्रेस ने पीएम मोदी से पूछे तीखे सवाल
लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जानबूझकर बोलने नहीं दिया जा रहा, ताकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत-चीन विवाद जैसे मुद्दे न उठा सकें। कांग्रेस ने सवाल किया है कि जब सदन में बहस ही नहीं हुई, तो प्रधानमंत्री मोदी किस बात का जवाब देंगे।
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लोकसभा में इन दिनों सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव खूब देखने को मिल रहा है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी अपने चरम पर है। इसी बीच कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जानबूझकर पूरा भाषण नहीं देने दिया जा रहा है, ताकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत-चीन विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सवाल न उठा सकें। कांग्रेस का कहना है कि पिछले तीन दिनों से राहुल गांधी जब भी सदन में बोलने की कोशिश करते हैं, उन्हें बीच में रोक दिया जाता है, जिससे वे अपनी बात पूरी नहीं रख पा रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर कांग्रेस का जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने सदन में प्रधानमंत्री मोदी के संभावित संबोधन पर भी सवाल उठाया है। कांग्रेस का कहना है कि जब सदन में बहस ही नहीं हुई तो प्रधानमंत्री मोदी किस बात का जवाब देंगे।
पीएम मोदी के संभावित भाषण पर उठाए सवाल
बता दें कि इन सभी मुद्दों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने मीडिया से बात करते हुए यह भी सवाल उठाया कि जब लोकसभा में बहस ही पूरी नहीं हुई, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस बात का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि परंपरा यह है कि प्रधानमंत्री बहस के बाद जवाब देते हैं, लेकिन अगर नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका गया, तो बहस कैसे मानी जाएगी। जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि क्या प्रधानमंत्री अपने ही भाषण का जवाब देंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले 11 वर्षों से संसद में चुनावी भाषण देते रहे हैं, जिनमें वे कांग्रेस, नेहरू और गांधी परिवार पर आरोप लगाते हैं। जयराम रमेश ने कहा कि इस बार भी प्रधानमंत्री का भाषण इसी तरह का होने की आशंका है, जबकि असल मुद्दों पर चर्चा ही नहीं हो पा रही है।
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सवालों से बचना चाहती है सरकार- कांग्रेस
जयराम रमेश ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी को इसलिए रोका जा रहा है क्योंकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील और गंभीर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार इन सवालों से बचना चाहती है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस इस स्थिति को अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में भाजपा सांसदों द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर अपमानजनक टिप्पणियां की गईं, जिसकी कांग्रेस कड़ी निंदा करती है और इस पर कार्रवाई की मांग करती है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि असली मुद्दा यह है कि राहुल गांधी को अपनी बात पूरी रखने नहीं दी जा रही।
कल खरगे के कक्ष में कांग्रेस की बैठक
कांग्रेस ने आगे की रणनीति तय करने के लिए गुरुवार सुबह 10 बजे संसद में मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में लोकसभा और राज्यसभा के सभी विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक बुलाने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि संसद के अंदर और बाहर सरकार के रवैये के खिलाफ आगे क्या कदम उठाए जाएं। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के आरोप, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल और प्रधानमंत्री के संभावित जवाब को लेकर संसद में टकराव और तेज होने के आसार हैं, जिससे आने वाले दिनों में लोकसभा की कार्यवाही और अधिक हंगामेदार हो सकती है।
सदन में राहुल उठा रहे भारत-चीन का मुद्दा
बीते कई दिनों से राहुल गांधी संसद में वर्ष 2020 के भारत-चीन सैन्य टकराव से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देते हुए दावा किया कि उस समय प्रधानमंत्री ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय फैसला लेने का बोझ सेना प्रमुख पर डाल दिया था। सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ने इस किताब के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए कहा है कि चूंकि यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए इसका संदर्भ सदन में नहीं दिया जा सकता।
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इस पर राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कथित अप्रकाशित किताब दिखायी और कहा कि सरकार और रक्षा मंत्री यह कह रहे हैं कि यह किताब मौजूद नहीं है, लेकिन वे देश के युवाओं को दिखाना चाहते हैं कि यह किताब वास्तव में मौजूद है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाना जरूरी है।
बुधवार को सदन में कैसा रहा दिन?
गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब विपक्ष की महिला सांसद बैनर लेकर सदन के वेल से होते हुए ट्रेजरी बेंच तक पहुंच गईं। वे अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते और जनरल नरवणे की किताब से जुड़े मुद्दों पर विरोध कर रही थीं। इस दौरान प्रधानमंत्री सदन में मौजूद नहीं थे और भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी अपनी बात रख रहे थे। सरकार की ओर से वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी द्वारा अप्रकाशित किताब का हवाला दिए जाने पर कड़ा विरोध जताया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। इस कारण लोकसभा में लगातार शोर-शराबा और टकराव की स्थिति बनी रही।