संसद का बजट सत्र: 2021 में प्राधिकरणों ने 1899 करोड़ का चालान काटा, राज्यसभा में उठा एक देश-एक चुनाव का मुद्दा
सरकार ने कहा है कि जरूरतमंदों को पक्का आवास देने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत देशभर में 1.15 करोड़ से ज्यादा घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
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सरकार ने कहा है कि देश के विभिन्न प्राधिकरणों ने यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों को 2021 में 1898.73 करोड़ रुपये के 1.98 करोड़ चालान जारी किए। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में कहा कि सरकार के केंद्रीय डाटाबेस के अनुसार 2021 में रोडरेज और बेतरतीब वाहन चलाने के 2,15,328 मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि एक जनवरी से 15 मार्च, 2022 तक 417 करोड़ रुपये के 40 लाख चालान काटे गए। संसद ने सड़क सुरक्षा में सुधार और यातायात नियमों को मजबूत करने के लिए संसद ने 5 अगस्त, 2019 को मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 पास किया था। गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने सड़क सुरक्षा से जुड़े मसलों को हल करने के लिए कई तरह की रणनीति बनाई है।
पीएम आवास योजना में 115 लाख मकान को मंजूरी
सरकार ने कहा है कि जरूरतमंदों को पक्का आवास देने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत देशभर में 1.15 करोड़ से ज्यादा घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। आवास एवं शहरी विकास मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में बताया कि इनमें से 56.20 लाख मकान या तो तैयार हो चुके हैं या लाभार्थियों को आवंटित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रस्तावों के आधार पर देशभर में 115 लाख मकानों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। मंत्री ने कहा कि सभी राज्यों को मकानों के निर्माण में तेजी लाने को कहा गया है।
जम्मू-कश्मीर में पिछले माह आए 1.42 लाख पर्यटक
पिछले माह जम्मू-कश्मीर में 1.42 लाख पर्यटक आए। यह पिछले सात साल का रिकॉर्ड है। सरकार ने राज्यसभा में गुरुवार को यह जानकारी दी। प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के जवाब में पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ाने में मदद दे रही है। इसके अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। पिछले माह जम्मू के लिए 1280 और श्रीनगर के लिए 2048 उड़ानें चलीं। यह सरकार के नागरिक उड्डयन आधारभूत ढांचे को प्रोत्साहन का परिणाम है।
दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट से प्राधिकरण को पांच साल में 13,439 करोड़ की कमाई
सरकार ने कहा है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से पिछले पांच साल में 13,439 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री वीके सिंह ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में बताया कि निजी और सार्वजनिक साझेदारी मॉडल पर चल रहे दोनों हवाईअड्डों को 2006 में निजी हाथों में सौंप दिया गया था। मंत्री ने कहा कि 2016-17 से 2020-21 के दौरान दिल्ली हवाईअड्डे से करीब 8093 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि मुंबई एयरपोर्ट से इस दौरान 5346 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अहमदाबाद, लखनऊ और मेंगलुरु एयरपोर्ट को भी नवंबर 2020 में निजी संचालक अदाणी समूह को सौंप दिया गया था। वहीं, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डों को पिछले वर्ष इस समूह को सौंपा गया। इन छह हवाईअड्डों से जनवरी 2022 तक प्राधिकरण को 331 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
राज्यसभा में उठा एक देश एक चुनाव का मुद्दा
राज्यसभा में बृहस्पतिवार को शून्यकाल के दौरान एक राष्ट्र एक चुनाव का मुद्दा उठाया गया। भाजपा सांसद डॉ डीपी वत्स ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, वर्तमान व्यवस्था को देखते हुए एक राष्ट्र एक चुनाव की बहुत आवश्यकता है। इससे समय, धन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि 1967 के बाद संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करते हुए कई बार राज्य सरकारों को बीच में ही बर्खास्त करना पड़ा। इसलिए देश में लगातार एक राष्ट्र एक चुनाव की मांग उठ रही है। उन्होंने कहा अलग-अलग चुनाव होने से देश के संसाधनों पर बोझ बढ़ता है, इसलिए एक चुनाव से देश के हित हैं। उन्होंने कहा कि सभी दल दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस पर विचार करें।
पीएम मातृत्व योजना के आवेदन को आसान बनाएं
सांसद छाया वर्मा ने प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के आवेदन को आसान बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आवेदन की कठिन प्रक्रिया के चलते कई बार बेहद जरूरतमंद महिला को भी इस योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ता है। उन्होंने सदन को बताया कि केवल 58 फीसदी महिलाओं को ही योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ गर्भपात के बाद दूसरे गर्भधारण पर भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
बच्चों के साथ जेलों में बंद महिलाओं की दुर्दशा पर चिंता
राज्यसभा में नरेंद्र जाधव ने बच्चों के साथ जेलों में बंद महिलाओं की दुर्दशा का मुद्दा उठाया। शून्यकाल में मनोनीत सदस्य जाधव ने कहा, माताओं के साथ जेलों में बंद बच्चों के लिए कम से कम शिक्षा का प्रबंध तो किया जाना चाहिए। जाधव ने बताया कि 2019-20 के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में 1,543 महिला कैदी 1,779 बच्चों के साथ जेलों में बंद हैं। इनमें से 1,212 महिलाएं विचाराधीन हैं, जिनके साथ 1,409 बच्चे हैं। 325 सजायाफ्ता महिलाओं के साथ 363 बच्चे हैं।