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PM Modi Speech: देश.. महंगाई... कोरोना और गरीब... पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

Mon, 07 Feb 2022 07:22 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Mon, 07 Feb 2022 07:22 PM IST
सार

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने देश, राष्ट्रवाद, महंगाई, कोरोना, गांव, गरीब और आत्मनिर्भर भारत समेत तमाम मुद्दे उठाए। साथ ही, कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : लोकसभा टीवी

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (सात फरवरी) को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश, राष्ट्रवाद, महंगाई, कोरोना, गांव, गरीब और आत्मनिर्भर भारत समेत तमाम मुद्दे उठाए। साथ ही, देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का भी कई बार जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। इस रिपोर्ट में हम आपको पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातों से रूबरू करा रहे हैं। 

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1. लता मंगेशकर के जिक्र से शुरू किया भाषण

पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत लता मंगेशकर से की। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी बात बताने से पहले कल जो घटना घटी, उसके लिए दो शब्द जरूर कहना चाहूंगा। देश ने आदरणीय लता दीदी को खो दिया। इतने लंबे कालखंड में जिनकी आवाज ने देश को मोहित किया। देश को प्रेरित किया, देश को भावनाओं से भर दिया। सांस्कृतिक धरोहर और एकता को मजबूत करते हुए। उन्होंने 36 भाषाओं में गाया। ये भारत के लिए एकता और अखंडता के लिए एक प्रेरक उदाहरण है। मैं लता दीदी को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं।'

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2. आत्मनिर्भर भारत पर फोकस

पीएम मोदी ने कहा कि विश्व में बहुत बड़ा बदलाव आया है। एक बड़ा वर्ल्ड ऑर्डर, जिसमें हम जी रहे हैं। मैं देख रहा हूं कि कोरोनाकाल के बाद विश्व नई व्यवस्थाओं की तरफ बढ़ रहा है। भारत को यह अवसर गंवाना नहीं चाहिए। टेबल पर भारत की आवाज बुलंद रहनी चाहिए। भारत को नेतृत्वकर्ता के रोल के लिए खुद को कम नहीं आंकना चाहिए। आजादी के 75 साल अपनेआप में एक प्रेरक अवसर है। नए संकल्पों के साथ देश जब आजादी के 100 साल मनाएगा, तब तक हम पूरे सामर्थ्य और शक्ति और संकल्प से देश को उस तरफ ले कर पहुंचेंगे।
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3. गरीबों के बहाने विपक्ष पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में मूलभूत व्यवस्था दी है। बहुत मजबूती का अनुभव किया है। हम बहुत मजबूती से आगे बढ़े हैं। गरीबों को रहने के लिए घर हों। यह कार्यक्रम काफी समय से चल रहा है, लेकिन इसकी व्यापकता बढ़ी है। गरीबों का घर भी लाखों में बन रहा है। जो भी पक्का घर पाता है, वह गरीब आज लखपति की श्रेणी में भी आ जाता है। कौन हिंदुस्तानी होगा, जिसे ये सुनकर गर्व न हो कि देश के हर गरीब से गरीब व्यक्ति के घर में शौचालय है। गांव के गांव शौचमुक्त हुए हैं। आजादी के इतने सालों के बाद गरीबों के घर में जो रोशनी होती है, उसकी खुशियां देश की खुशियों को ताकत देती है। चूल्हे के धुएं से जलती आंखों से काम करने वाली गरीब मां को गैस का कनेक्शन हो तो उसका आनंद कुछ और ही होता है। हमारी माताएं-बहनें उसका पूरा लाभ ले रही हैं। आज गरीब भी टेलीफोन पर अपने बैंक के खाते का इस्तेमाल करता है। सरकार की दी हुई राशि सीधी उसके बैंक खाते में पहुंचती हो। ये सब अगर आप जमीन से जुड़े हुए होते, अगर आप जनता के बीच में रहते होते, तो ये चीजें जरूर नजर आतीं, दिखाई देतीं। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि आप में से बहुत लोग ऐसे हैं, जिनका सुई-कांटा 2014 से अटका है। उससे वे लोग बाहर नहीं निकल पाते हैं। उसका नतीजा भी आपको भुगतना पड़ा है। आपने अपने आपको ऐसी मानसिक अवस्था में बांध कर रखा है। देश की जनता ने आपको पहचान लिया है। कुछ ने पहले, कुछ ने अभी और कुछ बाद में पहचानेंगे।

4. कांग्रेस पर बोला सीधा हमला

पीएम मोदी ने कहा कि जब वे इतना लंबा भाषण देते हैं तो भूल जाते हैं कि 50 साल आपने इस जगह बैठने का लाभ लिया था। आप क्यों कुछ नहीं सोच पाते हैं। नगालैंड के लोगों ने आखिरी बार 1998 में कांग्रेस के लिए वोट किया था। ओडिशा ने 1995 में आपके लिए आखिरी बार वोट किया था। 27 साल हो गए। गोवा में आप 1994 में पूर्ण बहुमत से जीते थे। पिछली बार 1988 में आप त्रिपुरा में वोट पाए थे। कांग्रेस का हाल है यूपी, बिहार, गुजरात में 1985 में आपके लिए वोट किया गया था। बंगाल में 1972 में यानी 50 साल पहले आपको पसंद किया था। तमिलनाडु में करीब 60 साल पहले आपको मौका मिला था। तेलंगाना बनाने का श्रेय लेते हैं, लेकिन तेलंगाना की जनता ने आपको स्वीकार नहीं किया। झारखंड को बने 20 साल हो गए, लेकिन वे आपको स्वीकारते नहीं हैं। आप पिछले दरवाजे से घुसते हैं। सवाल कांग्रेस के वोटों का नहीं है। सवाल उनकी नीयत का है। इतने बड़े लोकतंत्र में इतने सालों तक शासन में रहने के बाद भी देश की जनता उनको क्यों नकारती है। 

5. महामारी के असर का भी किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि बीते दो साल में 100 साल की सबसे बड़ी महामारी से पूरी दुनिया की मानव जाति जूझ रही है। जिन्होंने भारत के अतीत के आधार पर ही भारत को समझने का काम किया, उन्हें आशंका थी कि भारत इतनी बड़ी लड़ाई नहीं लड़ पाएगा। भारत खुद को नहीं बचा पाएगा। लेकिन आज स्थिति क्या है। मेड इन इंडिया वैक्सीन दुनिया में सबसे अधिक प्रभावी हैं। आज भारत शत-प्रतिशत पहली डोज के लक्ष्य के निकट करीब करीब पहुंच गया है और 80 फीसदी सेकंड डोज का पड़ाव भी पूरा कर लिया है। 

6. योग की अहमियत से भी कराया रूबरू

पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान योग की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा, 'आज पूरी दुनिया कोरोना के बीच योग को अपना रही है। आपने उसका भी मजाक उड़ाया। आपको कहना चाहिए था कि घर पर लोग हैं तो योग कीजिए। आपको मोदी से विरोध हो सकता है। हम सबने मिलकर क्विट इंडिया के द्वारा लोगों से आगे बढ़ने को कहते। हम कहां खड़े हैं? प्यार से कह रहा हूं नाराज मत होइए। मुझे कभी-कभी यह विचार आता है उनके बयानों से उनके कार्यक्रमों से, जिस तरह आप बोलते हैं, जिस तरह मुद्दों को जोड़ते हैं। ऐसा लगता है आपने मन बना लिया है कि 100 साल तक आपको सत्ता में नहीं आना है।'

7. मेक इन इंडिया के फायदे गिनाए

पीएम मोदी ने कहा, वे कहते हैं कि मेक इन इंडिया हो ही नहीं सकता। उन्हें इसमें आनंद होता है। आप देश के खिलाफ क्यों बोलते हो। मेक इन इंडिया हो ही नहीं सकता। देश के आंत्रप्रेन्योर ने यह करके दिखाया है और आप मजाक का विषय बन गए हो। मेक इन इंडिया की सफलता आपको कितना दर्द दे रही है, ये मै समझ पा रहा हूं। मेक इन इंडिया से कुछ लोगों को तकलीफ इस बात से है कि कमीशन के रास्ते बंद, इसका मतलब है भ्रष्टाचार के रास्ते बंद, इसका मतलब है तिजोरी भरने के रास्ते बंद। भारत के लोगों के सामर्थ्य को नजरअंदाज करना देश के युवाओं और उद्यमियों का अपमान है।

8. महंगाई के मुद्दे पर दिया यह जवाब

पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष के हमारे साथियों ने महंगाई का मुद्दा भी उठाया है। अच्छा लगता देश का भी भला होता, अगर आपकी ये चिंता तब भी होती, जब कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए की सरकार थी। ये दर्द उस समय भी होना चाहिए था। आप भूल गए हैं। मैं याद दिलाता हूं। कांग्रेस के आखिरी पांच साल में लगभग पूरे कार्यकाल के दौरान देश को डबल डिजिट महंगाई की मार झेलनी पड़ी थी। कांग्रेस की नीतियां ऐसी थीं कि सरकार खुद मानने लगी थी कि महंगाई उसके नियंत्रण से बाहर है। वित्त मंत्री ने लोगों से बेशर्मी के साथ कह दिया था कि महंगाई कम करने के लिए किसी अलाद्दीन के चिराग की अपेक्षा न करें। वहीं, 2014 से 2020 तक देश में महंगाई पांच फीसदी से कम रही है। कोरोना के बावजूद इस साल महंगाई 22.2 फीसदी रही है। उसमें भी कुल इंफ्लेशन तीन फीसदी से कम रही है।

9. डिफेंस सेक्टर का भी किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि जिन्होंने 50 साल तक देश की सरकार चलाई, अगर वे सिर्फ डिफेंस सेक्टर को ही देखें तो पता चलेगा कि वे क्या करते थे। पहले क्या होता था। नए उपकरण खरीदने के लिए कई साल तक खरीद चलती थी। जब तक वह उपकरण आता था, वे चीजें पुरानी हो जाती थीं। हमने रक्षा क्षेत्र के मु्द्दों को निपटाने का प्रयास किया। हमें पहले उपकरणों के लिए दूसरे देशों की तरफ देखना पड़ता था। आपाधापी में ये लाओ, वो लाओ यही करते थे। स्पेयर पार्ट्स के लिए भी हम दूसरे देशों पर निर्भर थे। दूसरों पर निर्भर होकर हम देश की रक्षा नहीं कर सकते थे। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना, ये जरूरत की बात है। इस बजट में भी हमने ज्यादा से ज्यादा रक्षा उपकरण भारत में ही बनाएंगे, भारत की कंपनियों से ही खरीदेंगे ये सुनिश्चित किया है। बाहर से खरीद को बंद करने का ये तरीका है। भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम डिफेंस एक्सपोर्टर बनने का लक्ष्य रखकर चल रहे हैं।

10. नेहरू का नाम लेकर कांग्रेस को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस के समय में महंगाई को लेकर पंडित नेहरू ने लालकिले से क्या कहा था? पंडित नेहरू ने उस समय कहा था कि कभी-कभी कोरिया में लड़ाई भी हमें प्रभावित करती है। इसके चलते वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं। और ये हमारे नियंत्रण से भी बाहर हो जाती हैं। अगर अमेरिका में भी कुछ हो जाता है तो इसका असर भी वस्तुओं की कीमत पर पड़ता है। आज दुनिया में अमेरिका जैसे देशों में महंगाई सात फीसदी है, लेकिन हम किसी पर ठीकरा फोड़कर भाग जाने वालों में से नहीं हैं। हम ईमानदारी से कोशिश करने वालों में से हैं।

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