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RG Kar Case: 'शाह से न मिल पाने से परेशान नहीं, भविष्य में मिल सकता है मौका', आरजी कर केस की पीड़िता के परिजन

Fri, 01 Nov 2024 10:04 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 01 Nov 2024 10:04 AM IST
सार

नौ अगस्त की वो भयावह सुबह कोई नहीं भूल सकता, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर का शव मिला था। जब मामला विवादों में आया, तो पता चला कि डॉक्टर के साथ दुष्कर्म हुआ था।
 

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Parents of deceased RG Kar medic, said Not upset about failing to meet Shah, may get chance later
आरजी कर मामले को लेकर विरोध करते डॉक्टर (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई भयावह घटना को लेकर अभी भी देशभर में गुस्सा है। न्याय और कार्यस्थल की सुरक्षा की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों का विरोध जारी है। वहीं पीड़िता के माता-पिता ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की मांग की थी। हालांकि, अब परिजनों का कहना है कि वे 27 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान शाह से मुलाकात न हो पाने से वे परेशान नहीं हैं।

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गृह मंत्री के पास बहुत बड़ी जिम्मेदारियां
परिजनों ने 22 अक्तूबर को शाह को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा था। हालांकि, अब पीड़िता के माता-पिता ने उम्मीद जताई कि भविष्य में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने का अवसर मिल सकता है। मृतक डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा, 'हम समझते हैं कि गृह मंत्री होने के नाते उनके पास बहुत बड़ी जिम्मेदारियां हैं। दिन भर की यात्रा के दौरान वह हमारे लिए कुछ समय निकालने में बहुत व्यस्त होंगे।'
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नवगठित जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन की आलोचना की
डॉक्टर की मां ने बंगाली समाचार चैनल से कहा कि शायद हम भविष्य में किसी दिन उससे मिल पाएं। इसके अलावा, परिजनों ने नवगठित जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन की आलोचना की, जिसे पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फोरम का समानांतर मंच माना जाता है, जो मृतक चिकित्सक के लिए न्याय के अलावा सरकारी अस्पतालों में मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर विभिन्न तरीकों से आंदोलन कर रहा था।
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स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक तरह की धमकी संस्कृति मौजूद
पीड़िता की मां ने कहा कि इस नए एसोसिएशन का क्या उद्देश्य है? क्या उन्होंने हमारी बेटी की मौत के बाद कभी विरोध प्रदर्शन किया? इनमें से कई एसोसिएशन के सदस्य धमकी संस्कृति का हिस्सा हैं। आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक तरह की धमकी संस्कृति मौजूद है, जिसमें डॉक्टरों, शिक्षकों और अधिकारियों का एक वर्ग शामिल है।

इसके अलावा, मृतका के माता-पिता काली पूजा के दिन की यादों को लेकर भावुक हो गए। उन्होंने याद किया कैसे उनकी बेटी हर साल काली पूजा के दिन उनके घर को दीयों से सजाती थी। उन्होंने कहा, 'आतिशबाजी फोड़ने के बाद, हम (माता-पिता और बेटी) पंडाल घूमने जाते थे और बाहर खाना खाते थे। इस साल हमारा घर अंधेरे में डूबा हुआ है। हम देवी काली से अपराध में शामिल सभी लोगों को सजा दिलाने की प्रार्थना करते हैं।'




क्या है मामला?
नौ अगस्त की वो भयावह सुबह कोई नहीं भूल सकता, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर का शव मिला था। जब मामला विवादों में आया, तो पता चला कि डॉक्टर के साथ दुष्कर्म हुआ था। यह मामला कोलकाता हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और फिर सीबीआई को इसकी जांच सौंप दी गई। घटना के लगभग दो महीने बाद महिला डॉक्टर को इंसाफ मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कलकत्ता पुलिस ने 10 अगस्त को संजय रॉय को गिरफ्तार किया था। हत्या के बाद शाह ने 27 अक्तूबर को बंगाल का अपना पहला दौरा किया, जिसके बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। राज्य भाजपा नेताओं ने कहा था कि वे शाह और डॉक्टर के माता-पिता के बीच एक बैठक की व्यवस्था करने की कोशिश करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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