राशन और जोखिम भत्तों पर अर्द्धसैनिक बलों को मिल सकती है आयकर छूट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जैसे अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों को राशन भत्ता और जोखिम व दुर्गम क्षेत्र भत्तों पर कर छूट मिल सकती है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
इस कदम के क्रियान्वयन से सीआरपीएफ, बीएसएफ, औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के नौ लाख अर्द्धसैनिक बलों को लाभ मिलेगा।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को राशन, जोखिम तथा दुर्गम क्षेत्र भत्तों पर आयकर से छूट देने की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
वित्त मंत्रालय ने हाल में गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा कि सुरक्षा बलों की यह लंबे समय से मांग है। इस पर बजट तैयार करने के दौरान विचार किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने इस बारे में पत्र लिखा था और अन्य बलों के समान तथा वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक राशन भत्ते पर अर्द्धसैनिक बलों को कर छूट देने का मुद्दा उठाया था।
रक्षा बल, असम राइफल तथा एनएसजी को मिलता है मुफ्त राशन
रक्षा बल, असम राइफल तथा एनएसजी को राशन मुफ्त दिया जाता है जबकि सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी तथा एसएसबी को राशन भत्ता मिलता है। अर्द्धसैनिक बलों में सिपाही, हेड कांस्टेबल, सहायक उप निरीक्षक, उप निरीक्षक और निरीक्षक जैसे गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को राशन भत्ते के रूप में 3,000 रुपये मासिक मिलता है।
सातवें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की है कि अर्द्धसैनिक बलों की सेवा शर्तों को देखते हुए सुरक्षा बलों को मिलने वाले राशत भत्ते पर आयकर से छूट दी जानी चाहिए। जोखिम और दुर्गम क्षेत्र भत्ता 6,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक है। यह विभिन्न कारकों पर निर्भर है।
राशन भत्ते के अलावा गृह मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में जोखिम और दुर्गम क्षेत्र भत्तों को भी आयकर से छूट देने का मुद्दा उठाया है। वित्त मंत्रालय ने दोनों मामलों पर अगला बजट तैयार करने के दौरान विचार करने की बात कही है।