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DAP 2020: रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 की होगी व्यापक समीक्षा, रक्षा मंत्रालय ने उच्चस्तरीय गठित की समिति

Thu, 19 Jun 2025 08:53 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 19 Jun 2025 08:53 PM IST
सार

Defence Ministry: रक्षा मंत्रालय का यह कदम न केवल रक्षा खरीद प्रणाली को आधुनिक और व्यावहारिक बनाएगा, बल्कि इससे स्वदेशी निर्माण को भी बल मिलेगा। सभी भागीदारों की भागीदारी से रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 की यह समीक्षा देश की रक्षा तैयारियों और औद्योगिक आत्मनिर्भरता के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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Panel set up for comprehensive review of Defence Acquisition Procedure 2020: Defence ministry
रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 के लिए बनी समिति - फोटो : ANI

विस्तार

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने 'रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020' की पूरी तरह से समीक्षा करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति डायरेक्टर जनरल की अध्यक्षता में बनाई गई है, जो सभी संबंधित पक्षों के साथ गहन विचार-विमर्श करेगी।
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क्या है इसका उद्देश्य?
मंत्रालय के अनुसार, इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य सशस्त्र बलों की आधुनिक जरूरतों को समय पर पूरा करना, देश की सुरक्षा को मजबूत करना और सरकार की मौजूदा नीतियों और पहलों के साथ डीएपी 2020 को संतुलित और 'आत्मनिर्भर भारत' के अनुकूल बनाना है।
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आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बढ़ावा
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह प्रक्रिया 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' जैसे अभियानों को रक्षा क्षेत्र में मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसका मकसद स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना, भारत में रक्षा उत्पादों का निर्माण बढ़ाना, विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना और भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण और मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल हब के रूप में स्थापित करना है।

समिति में कौन-कौन?
इस समीक्षा समिति में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और शिक्षाविद् शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व नौकरशाह अपूर्व चंद्रा, जो पहले डीजी (अधिग्रहण) रह चुके हैं, को इस समिति का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है।


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सुझाव देने की अंतिम तिथि 5 जुलाई
समिति ने सभी संबंधित पक्षों से 5 जुलाई 2025 तक सुझाव मांगे हैं। ये सुझाव पॉलिसी और प्रक्रियागत सुधार, प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता, नए तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समावेश, ट्रायल की प्रक्रिया, कॉन्ट्रैक्ट के बाद की निगरानी, कारोबार में आसानी और भाषा संबंधी अस्पष्टता दूर करने पर हो सकते हैं।

रक्षा मंत्री ने 2020 में किया था लॉन्च
बता दें कि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सितंबर 2020 में डीएपी 2020 को लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य था देश की रक्षा खरीद प्रणाली को पारदर्शी, तेज और 'मेक इन इंडिया' के अनुरूप बनाना। डीएपी 2020 की तैयारी 2019 में शुरू हुई थी, जब तत्कालीन डीजी अपूर्व चंद्रा की अध्यक्षता में मुख्य समीक्षा समिति बनाई गई थी। डीएपी 2020 को 1 अक्तूबर 2020 से लागू किया गया और यह अब तक कई बार संशोधित हो चुका है। पहले रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) 2002 में शुरू हुआ था, जिसे समय-समय पर बदला गया है।
 
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