फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pandora's box opened: Top US official flags threat of synthetic drugs, News in hindi

US-India: शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने सिंथेटिक ड्रग्स के खतरे की ओर किया इशारा, कहा- AI निभा सकता है अहम भूमिका

Sat, 26 Oct 2024 10:45 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 26 Oct 2024 10:45 PM IST
सार

व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति के निदेशक डॉ. राहुल गुप्ता ने एक समाचार एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में 21वीं सदी के लिए अमेरिका-भारत औषधि नीति रूपरेखा के तहत दोनों देशों के बीच साझेदारी पर भी जोर दिया, जिस पर पिछले साल राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच उनकी अमेरिका यात्रा के दौरान सहमति बनी थी।

विज्ञापन
Pandora's box opened: Top US official flags threat of synthetic drugs, News in hindi
राहुल गुप्ता, निदेशक, US राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति - फोटो : PTI

विस्तार

अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने पिछले कुछ वर्षों में जैविक से सिंथेटिक मादक पदार्थों की ओर रुझान होने के प्रति आगाह किया है और कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के साथ-साथ मरीजों के इलाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विज्ञापन


पिछले साल भारत अमेरिका ने ड्रग नीति पर जताई थी सहमति
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति के निदेशक राहुल गुप्ता ने इस हफ्ते नई दिल्ली में आयोजित पांचवें अमेरिका-भारत मादक पदार्थ निरोधक कार्य समूह की बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और इस दौरान दोनों पक्षों के हितधारकों ने दोनों नेताओं के संयुक्त दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा, यह वास्तव में एक विशेष बैठक थी, क्योंकि पिछले साल जून में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति बाइडन ने दोनों देशों के बीच एक 'ड्रग' नीति के लिए 21वीं सदी की रूपरेखा बनाने पर सहमति व्यक्त की थी, जिसे पिछले महीने ही क्रियान्वित किया गया है।
विज्ञापन


इस रूपरेखा के तीन स्तंभ हैं - मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन और तस्करी के साथ-साथ इनके रसायनों की तस्करी को रोकना; एक स्थायी और समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य साझेदारी को आगे बढ़ाना और एक सुरक्षित तथा बढ़ती फार्मास्युटिकल आपूर्ति श्रृंखला को आगे बढ़ाना।
विज्ञापन
विज्ञापन


'मानवता को प्रभावित कर रहे हैं सिंथेटिक मादक पदार्थ'
यह पूछे जाने पर कि इस खतरे से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर क्या चुनौतियां हैं, राहुल गुप्ता ने कहा कि सिंथेटिक मादक पदार्थ मानवता को प्रभावित कर रहे हैं। राहुल गुप्ता ने शुक्रवार को यहां बैठक के इतर से कहा, सैकड़ों वर्षों से, मानव जाति मादक पदार्थों के साथ रह रही है। इनके सेवन का एक स्थिर स्तर, घातकता का स्तर या लत की गंभीरता होती है और ये आमतौर पर जैविक होते हैं। इनके लिए खेतों, फसलों तथा उर्वरकों का उपयोग किया जाता है। पिछले एक दशक में इसमें बदलाव आया है, पिछले पांच वर्षों में इसमें तेजी आई है और अब जैविक मादक पदार्थों से सिंथेटिक मादक पदार्थों की ओर लोगों का रुख हो रहा है।

क्या होता है 'सिंथेटिक ड्रग'?
उन्होंने इस खतरे को रेखांकित करते हुए कहा कि आज जिस चीज की जरूरत है वह मूल रूप से एक केमिस्ट्री सेट, एक कमरा और एक इंटरनेट है और कोई भी इनके जरिये दुनिया के कुछ सबसे घातक, शक्तिशाली और खतरनाक मादक पदार्थ बना सकता है। राहुल गुप्ता ने कहा, इन्हें बनाने के लिए इस प्रकार की चीजों, रसायनों का उपयोग कर सकते हैं। 'सिंथेटिक ड्रग' ऐसे पदार्थ है, जिसके गुण और प्रभाव किसी ज्ञात मादक पदार्थ के समन होते हैं। इनमें एम्फैटेमिन, मेथैम्फेटामाइन और एक्स्टसी (एमडीएमए) शामिल हैं। राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति के निदेशक के रूप में कार्य करने वाले पहले चिकित्सक राहुल गुप्ता ने अमेरिका में मादक पदार्थों की अधिक मात्रा के कारण होने वाली मौतों की चौंका देने वाली संख्या के बारे में भी बताया।

बाइडन के शासनकाल में मादक पदार्थों के सेवन में कमी
उन्होंने याद किया, अमेरिका में, जब राष्ट्रपति बाइडन और उपराष्ट्रपति (कमला) हैरिस ने कार्यभार संभाला था, तो हम हर साल मादक पदार्थों की अधिक मात्रा का सेवन करने से होने वाली मौतों में 31 प्रतिशत की वृद्धि देख रहे थे, हर साल बड़ी संख्या में मौतें होती थीं। उन्होंने कहा कि सीडीसी के नवीनतम आंकड़ों में 12.7 प्रतिशत की गिरावट दिखाई गई है। उन्होंने कहा, यह अमेरिका के इतिहास में अब तक की सबसे ऐतिहासिक गिरावट है। उन्होंने कहा कि यह रुझान पिछले छह महीनों से जारी है।


'भारत में लोगों को प्रभावित करता है मादक पदार्थों का मुद्दा'
राहुल गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि मादक पदार्थों का मुद्दा भारत में लोगों को प्रभावित करता है, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा अवसरों को प्रभावित करता है, और यह एक जन स्वास्थ्य संकट है। उन्होंने कहा, सबसे बड़ी चुनौती इसे पहचानना और साथ मिलकर आगे बढ़ना है। न केवल दोनों देशों के लोगों की मदद और समर्थन करना, बल्कि वैश्विक स्तर पर पूरे विश्व की मदद करने के तरीके विकसित करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed