{"_id":"596327f24f1c1b1e3c8b49ad","slug":"pakistani-citizen-not-involved-in-samjhauta-express-blasts-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"समझौता ब्लास्ट केस में शामिल नहीं था पाकिस्तानी नागरिक अजमत अली! ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
समझौता ब्लास्ट केस में शामिल नहीं था पाकिस्तानी नागरिक अजमत अली!
amarujala.com- Presented by: ऋतुराज त्रिपाठी
Updated Mon, 10 Jul 2017 12:38 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो (समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट)
- फोटो : Indian Express
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में स्पेशल टीम का हिस्सा रहे रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने पंचकुला कोर्ट में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अजमत अली को उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद छोड़ दिया गया था। जोकि ब्लास्ट केस में जानकारी उपलब्ध करवा सकता था। वहीं एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक अजमत अली ब्लास्ट केस में शामिल नहीं था।
विज्ञापन
गुरूदीप सिंह के आरोपों पर सीनियर आईपीएस अधिकारी भारती अरोड़ा ने कहा कि रिटायर्ड अधिकारी के बयान को तोड़मरोड़़ कर पेश किया गया। ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला जिससे ये साबित हो कि ब्लास्ट केस में अजमत अली शामिल था। हमने पूरी जांच की थी जब जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला, उसके बाद ही हमने उन्हें छोड़ा। अजमत अली को पंजाब पुलिस ने 1 मार्च को फर्जी कागजों की दम पर भारत में अवैध तरीके से घुसने के लिए गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
वहीं रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह के आरोपों पर NIA ने सफाई देते हुए कहा कि NIA का कहना है कि केस ट्रायल स्टेज में है, और केस से जुड़ी जांच पूरी हो चुकी है। हम नये तरीके से जांच तभी करेंगे जब न्यायालय हमें आदेश देगा। NIA ने यह भी कहा कि हम न्यायालय के निर्देश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 2007 ब्लास्ट केस में RSS के असीमानंद भी आरोपी हैं और जमानत पर बाहर हैं। समझौता ब्लास्ट केस 19 फरवरी 2007 को हुआ था। जिसमें CBI ने असीमानंद को गिरफ्तार किया था और कस्टडी के दौरान असीमानंद ने समझौता ब्लास्ट में अपनी भूमिका को स्वीकार किया था। 2010 में इस केस को NIA को सौंपा दिया गया था।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस मामले में 299 गवाह हैं जिनमें कुछ सरकारी अधिकारियों और 13 पाकिस्तानी गवाहों को छोड़कर जांच पूरी हो चुकी है। सूत्रों ने यह भी बताया कि केस की जांच अपने अंतिम दौर में है।