पाकिस्तान को एफ-16 के मामले में माननी पड़ी अमेरिका की बात, राफेल ने बढ़ाई भारत की ताकत, जानें पूरी रणनीति
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के पास आधुनिक अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-16 हैं, लेकिन वह अमेरिका को बिना बताए इनका इस्तेमाल नहीं कर सकता है। जबकि भारत के पास अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए महाबली फाइटर जेट राफेल है, जिसने भारतीय वायुसेना की ताकत में कई गुना इजाफा कर दिया है। इस ताकत को बरकरार रखने के लिए भारत ने फ्रांस से की थी ये डील। आइए बताते हैं कि क्या है पूरा मामला...
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के एक रणनीतिक सलाहकार जब इस साल जनवरी में भारत आए, तो भारत ने लड़ाकू विमान राफेल की तकनीक को पाकिस्तान से दूर रखने के लिए कहा था, जिस पर वो राजी हो गए। भारत ने कहा कि फ्रांस को सुनिश्चित करना होगा कि राफेल फाइटर के निर्माता डसॉल्ट एविएशन कतर राफेल बेच रहा है, लेकिन दोहा द्वारा किसी भी स्थिति में पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति को नहीं दिया जाना चाहिए। पेरिस ने भारत को आश्वासन दिया कि वह राफेल की तकनीक को पाकिस्तान की पहुंच से बाहर रखेगा।
अमेरिका ने लगाई पाक को फटकार
भारत ने 27 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर दिया था। भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमले में एफ-16 का इस्तेमाल किया था। बाद में एक रिपोर्ट में खुलास हुआ था कि अमेरिका को बिना बताए भारत के खिलाफ एफ-16 जेट के इस्तेमाल हुआ, जिसे साझा सुरक्षा समझौते का उल्लंघन करार दिया गया था। इसके लिए अमेरिका ने पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई थी।
भारत ने की थी एफ-16 के इस्तेमाल की शिकायत
पाकिस्तान परस्त आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने फरवरी में कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इस आतंकी हमले के 13 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए थे। इसके जवाब में पाकिस्तानी वायुसेना ने एफ-16 विमान भेजकर भारत पर हमले की नाकाम कोशिश की थी।
भारतीय वायुसेना के कमांडर अभिनंदन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिग-21 लड़ाकू विमान से पाकिस्तान के एफ-16 जेट को मार गिराया था। भारत ने पाकिस्तान की ओर से एफ-16 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल करने पर अमेरिका से शिकायत की थी। उस वक्त अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान से कोई जवाब नहीं मांगा गया। हालांकि, बाद में अमेरिका ने पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई थी।
अमेरिका को बिना बताए नहीं कर सकता एफ-16 का इस्तेमाल
अमेरिका ने पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान तय समझौते के तहत दिए हैं। इस समझौते के तहत पाकिस्तान की सरकार को बिना अमेरिका को जानकारी दिए लड़ाकू विमान का इस्तेमाल करने पर रोक है। साथ ही पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान के ठिकाने बदलने की जानकारी भी अमेरिका को देनी होती है। बता दें कि एफ-16 का इस्तेमाल किसी देश के खिलाफ युद्ध भड़काने के लिए सीधी कार्रवाई में भी नहीं किया जा सकता।