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पाक ने उगला भारत के खिलाफ जहर, कहा- फिजूल है जैश-लश्कर को आतंकी संगठन मानना

Mon, 11 Sep 2017 07:15 PM IST
एजेंसी/ इस्लामाबाद 
एजेंसी/ इस्लामाबाद  Updated Mon, 11 Sep 2017 07:15 PM IST
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Pakistan slams india over BRICS declaration on lashkar and jaish

ब्रिक्स देशों के संयुक्त घोषणापत्र में पाक समर्थित जैश और लश्कर को वैश्विक आतंकवादी मानने के बाद चीन ने तुरंत अपने निकट सहयोगी को बीजिंग बुलाया और चीन-पाक दोस्ती की कसमें खाईं। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ की चीन यात्रा को पाक मीडिया ने सफलता का कदम बताते हुए इसे भारत अलग-थलग रखने की सफलता से जोड़ा है।

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चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाकात में पाक समकक्ष ने बीजिंग में अटूट मित्रता का संकल्प लिया और आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान की कुर्बानियों का जिक्र किया। इस मुलाकात का लब्बो-लबाब पेश करते हुए पाक मीडिया ने भारत को चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए खतरा बताया और अमेरिका को भारत का सरपरस्त करार दिया।
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‘रोजनामचा दुनिया’ ने 1962 के भारत-चीन युद्ध की मिसाल ही दे डाली कि - ‘उस वक्त पाकिस्तान ने दुनिया में अकेले पड़ चुके चीन का जो साथ दिया उसका लाभ चीन-पाक दोस्ती के रूप में अब अटूट हो चुका है।’ 
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अखबार ने चीन-पाक आर्थिक गलियारे को गेमचेंजर बताते हुए भारत, इस्राइल व अमेरिका द्वारा इसमें रोड़े लगाने का आरोप भी लगाया। उर्दू अखबार ‘नवा-ए-वक्त’ ने अपने संपादकीय में लिखा है कि चीन और पाक दोस्ती में अड़ंगे डालने वाले भारत की कोशिशों को कामयाब होने से हर हाल में रोकना चाहिए। उसने लिखा कि भारत के विस्तारवादी इरादों से चीन और पाक दोनों को खतरा है। दैनिक ‘जंग’ ने लिखा है कि अमेरिका द्वारा भारत को खुला समर्थन देने के बाद पाकिस्तान को हर सूरत में चीन के साथ मिलकर चलना चाहिए।’ 


‘डेली पाकिस्तान’ ने ब्रिक्स देशों के घोषणापत्र में जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-तैय्यबा के जिक्र पर चीन-पाक रिश्तों पर सवाल उठाने वालों को फिजूल का विश्लेषण बताया। इस संबंध में पाक विदेश मंत्री के चीन दौरे को अखबार ने बेहद अहम बताया और कहा कि चीन ने अब स्पष्ट कर दिया है कि घोषणापत्र में ऐसा कुछ नहीं है जिसे लेकर सवाल उठाए जाएं। इसी तरह ‘औसाफ’ नामक एक अन्य अखबार ने ट्रंप और मोदी की दोस्ती को लेकर सवाल उठाए।

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