बुरहान वानी की मौत पर भड़के नवाज शरीफ, भारतीय सेना पर लगाए आरोप
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आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में मचे बवाल पर पाकिस्तान ने गंदा खेल शुरू कर दिया है। एक दिन पहले पाकिस्तान की ओर से कश्मीर में जारी हिंसा को दुखद बताया गया था तो अब पाक प्रधानमंत्री ने भी इस पर अपनी राय रखी दी है। पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकी बुरहान वानी की मौत को दमनकारी और घाटी में हिंसा को अंजाम दे रही भीड़ पर सुरक्षाबलों की कार्रवाई को अत्यधिक बताया है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के कार्यालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने भारतीय फौजों और अर्द्धसरकारी बलों द्वारा कश्मीरी नेता बुरहान वानी और अन्य नागरिकों की मौत पर गहरा दुख जताया है। बयान में कहा गया है, कि यह दुखद है कि आम नागरिकों के विरुद्ध भारी संख्या में फौज का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा है कि इस तरह के दमनकारी उपाय जम्मू कश्मीर के बहादुर लोगों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार आत्मनिर्णय के उनके अधिकार को नहीं रोक सकते।
वहीं शरीफ ने कश्मीरी अलगाववादी नेताओं की नजरबंदी पर चिंता जताते हुए कहा है कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुसार मानवाधिकारों के प्रति अपने दायित्व और प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए।
बता दें कि नवाज शरीफ का यह बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान के कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे पर उनकी चुप्पी पर लगातार निशाना साध रहे थे। दो दिन पहले पाकिस्तान पीपुल पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने भी आरोप लगाया था कि मोदी शरीफ दोस्ती के कारण कश्मीर को अपूरणीय क्षति होना बताया है। रविवार को उसने अपने बयान में कहा था कि जब दुनियाभर के लोग ईद मनाने में मशगूल थे तब कश्मीर में हमारे भाइयों पर अत्याचार हो रहा था।
वहीं नवाज शरीफ के इस बयान पर भारत ने भी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से पाक प्रधानमंत्री के इस बयान पर दुख जताया गया है।
बता दें कि बीते शुक्रवार को कश्मीर में हिजबुल के टॉप आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद से अलगाववादी संगठन भड़के हुए हैं। उनके इशारे पर कश्मीर के कुछ लोग राज्य में हिंसा की वारदातों को लगातार अंजाम दे रहे हैं।
अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुख और यासीन मलिक लगातार इस मुद्दे को तूल देने पर लगे हुए हैं जिसकी वजह से घाटी कई दिनों से सुलग रही है। हालांकि सरकार ने तमाम अलगाववादी नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद करके रखा हुआ है।