Jaishankar: 'पाकिस्तान ने तालिबान पर दोहरा चरित्र अपनाया, आतंकवाद पर अपने ही जाल में फंसा', जयशंकर की खरी-खरी
गुजरात के चारोतार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में संवाद सत्र के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान दोहरा खेल खेल रहा था। वह तालिबान के साथ भी खेल रहा था और दूसरे पक्ष के साथ भी। लेकिन, जब अमेरिकी चले गए, तो दोहरा खेल जारी नहीं रह सका। पाकिस्तान ने ही आतंकवाद को बढ़ावा दिया। वही उन्हें वापस आकर नुकसान पहुंचा रहा है।
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को घेरा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने ही धोखे के जाल में फंस गया है। उसने तालिबान और अन्य पक्षो के साथ दोहरा चरित्र अपनाया। गुजरात के चारोतार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में संवाद सत्र के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि कैसे पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ गलत किया और अपने ही जाल में फंस गया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोहरा खेल खेल रहा था। वह तालिबान के साथ भी खेल रहा था और दूसरे पक्ष के साथ भी। लेकिन, जब अमेरिकी चले गए, तो दोहरा खेल जारी नहीं रह सका। पाकिस्तान ने ही आतंकवाद को बढ़ावा दिया। इस दोहरे खेल से उन्हें जो भी लाभ मिल रहा था, वह भी अमेरिका के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद खत्म हो गया। जिस आतंकवाद को पाकिस्तान ने बढ़ावा दिया था, वही उन्हें वापस आकर नुकसान पहुंचा रहा है।
ये भी पढ़ें: अफगानिस्तान में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप से भारत में भी कांपी धरती; पाकिस्तान में असर सबसे ज्यादा
तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर उन्होंने कहा कि हम अमेरिका-भारत के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग की सराहना करते हैं। यह वास्तव में 26/11 हमलों के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
'मुंबई आतंकवादी हमला एक महत्वपूर्ण मोड़ था'
वहीं जब उनसे पूछा गया कि भारत सरकार अब सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के बारे में शायद ही कभी चर्चा करती है, तो जयशंकर ने बताया कि उन पर कीमती समय बर्बाद करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, 'भारत बदल गया है। काश मैं कह सकता कि पाकिस्तान बदल गया है। दुर्भाग्य से, वे कई मायनों में अपनी बुरी आदतों को जारी रखे हुए हैं। मैं कहूंगा कि 26/11 का मुंबई आतंकवादी हमला एक महत्वपूर्ण मोड़ था। मुझे लगता है कि यही वह समय था जब भारतीय जनता, सभी राजनीतिक दलों ने कहा कि यह बहुत ज्यादा है'।
ये भी पढ़ें: अमेरिका के साथ व्यापार उदारीकरण की ओर बढ़ रहा भारत, अगले महीने शुरू होगी वार्ता
'2014 के बाद पाकिस्तान को दिया गया सख्त संदेश'
विदेश मंत्री ने कहा कि लोगों को लगा कि देश (भारत) अपने पड़ोसी से इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं कर सकता। मुझे लगता है कि समाज में यह भावना बहुत प्रबल थी, लेकिन उस समय सरकार की तरफ से इसे पूरी तरह से नहीं समझा गया होगा, जो एक अलग मामला है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद, जब सरकार बदली, तो पाकिस्तान को यह सख्त संदेश दिया गया कि अगर आतंकवादी कृत्य किए गए तो इसके परिणाम भुगतने होंगे।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.