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पद्म पुरस्कार: पहली बार चार फ्रेंच लोगों को सम्मान, अब तक सबसे ज्यादा विदेशी; छह गुजराती हस्तियां भी सूची में
Fri, 26 Jan 2024 06:50 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 26 Jan 2024 06:50 PM IST
सार
भारत के शीर्ष नागरिक सम्मानों में गिना जाने वाले पद्म अवॉर्ड इस साल 132 लोगों को दिया गया है। नौ लोगों को मरणोपरांत सम्मान से नवाजा जाएगा। खास बात ये कि इस सूची में फ्रांस के चार लोगों को भी जगह मिली है। गुजरात के हृदय रोग विशेषज्ञ तेजस पटेल समेत कुल छह लोगों को पद्म पुरस्कार मिले हैं। जानिए कुछ दिलचस्प तथ्य
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फ्रांस के इन चार नागरिकों को पद्म सम्मान मिलेगा
- फोटो : amar ujala graphics
विस्तार
पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची में गुजरात की छह हस्तियों के नाम शामिल हैं। देश का तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान- पद्म भूषण मशहूर डॉक्टर तेजस पटेल को दिया जाएगा। डॉ तेजस पटेल हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। इनके अलावा पांच विभूतियों को पद्मश्री से अलंकृत किया जाएगा। गुजरात के अलावा फ्रांस के चार नागरिकों को भी पद्म सम्मान से नवाजने का फैसला हुआ है। सरकार के मुताबिक यह फैसला भारत और फ्रांस के संबंधों की मजबूती दिखाता है। अधिकारियों ने कहा कि इस साल किसी भी दूसरे देश के सबसे अधिक नागरिकों को पद्म सम्मान देने का फैसला लिया गया है।
किन चार फ्रेंच नागरिकों को मिले पद्म सम्मान
फ्रांस के जिन लोगों को पद्म सम्मान की घोणषा हुई है, इसमें 100 वर्षीय महिला योग प्रशिक्षक शारलोट शोपा और वैश्विक योग और आयुर्वेद चिकित्सक, 79 साल के किरण व्यास का नाम शामिल है। इनके अलावा 87 साल के पियरे सिल्वेन फिलिओजैट को भी पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। पियरे संस्कृत विद्वान हैं जो भारतीय संस्कृति का अध्ययन कर रहे हैं। एक अन्य फ्रेंच पद्म अवॉर्डी का नाम फ्रेड नेग्रिट है। फ्रेड एक इंडोलॉजिस्ट हैं जो भारतीय संस्कृति के बारे में जागरूकता फैलाने के प्रयास कर रहे हैं।
कुल 132 लोगों को पद्म सम्मान; 9 हस्तियों को मरणोपरांत सम्मान
बता दें कि गुरुवार देर शाम घोषित पुरस्कारों में 34 ऐसे लोगों को सम्मानित करने का फैसला लिया गया है, जो गुमनाम होने के बावजूद समाज में बड़े बदलाव ला रहे हैं। इन गुमनाम नायकों की कहानी काफी प्रेरक है। कोई जले हुए रोगियों का मुफ्त इलाज करने के लिए मशहूर है तो किसी ने हजारों किलोमीटर साइकिल चलाई। पूरी सूची में पांच ऐसी हस्तियां हैं जिन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान- पद्म विभूषण से नवाजा जाएगा। 17 लोगों को पद्म भूषण, जबकि 110 हस्तियों को पद्म श्री पुरस्कार दिए जाएंगे। विजेताओं में 30 महिलाएं भी शामिल हैं। सूची में विदेशी / प्रवासी भारतीय (एनआरआई) / पीआईओ या ओसीआई कार्ड धारक श्रेणी में शामिल 8 व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं। कुल 132 में 9 हस्तियों को मरणोपरांत पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसे उनके परिजन स्वीकार करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक समारोह में विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
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किन चार फ्रेंच नागरिकों को मिले पद्म सम्मान
फ्रांस के जिन लोगों को पद्म सम्मान की घोणषा हुई है, इसमें 100 वर्षीय महिला योग प्रशिक्षक शारलोट शोपा और वैश्विक योग और आयुर्वेद चिकित्सक, 79 साल के किरण व्यास का नाम शामिल है। इनके अलावा 87 साल के पियरे सिल्वेन फिलिओजैट को भी पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। पियरे संस्कृत विद्वान हैं जो भारतीय संस्कृति का अध्ययन कर रहे हैं। एक अन्य फ्रेंच पद्म अवॉर्डी का नाम फ्रेड नेग्रिट है। फ्रेड एक इंडोलॉजिस्ट हैं जो भारतीय संस्कृति के बारे में जागरूकता फैलाने के प्रयास कर रहे हैं।
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कुल 132 लोगों को पद्म सम्मान; 9 हस्तियों को मरणोपरांत सम्मान
बता दें कि गुरुवार देर शाम घोषित पुरस्कारों में 34 ऐसे लोगों को सम्मानित करने का फैसला लिया गया है, जो गुमनाम होने के बावजूद समाज में बड़े बदलाव ला रहे हैं। इन गुमनाम नायकों की कहानी काफी प्रेरक है। कोई जले हुए रोगियों का मुफ्त इलाज करने के लिए मशहूर है तो किसी ने हजारों किलोमीटर साइकिल चलाई। पूरी सूची में पांच ऐसी हस्तियां हैं जिन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान- पद्म विभूषण से नवाजा जाएगा। 17 लोगों को पद्म भूषण, जबकि 110 हस्तियों को पद्म श्री पुरस्कार दिए जाएंगे। विजेताओं में 30 महिलाएं भी शामिल हैं। सूची में विदेशी / प्रवासी भारतीय (एनआरआई) / पीआईओ या ओसीआई कार्ड धारक श्रेणी में शामिल 8 व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं। कुल 132 में 9 हस्तियों को मरणोपरांत पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसे उनके परिजन स्वीकार करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक समारोह में विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
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गुजरात की छह विभूतियों को पद्म सम्मान, एक मरणोपरांत
गुजरात की हस्तियों को मिला पद्म सम्मान, डॉ तेजस पटेल को पद्म भूषण मिलेगा
- फोटो : amar ujala graphics
गुजरात के छह लोगों को पद्म सम्मान, एक को पद्म भूषण
गुजरात के जिन छह लोगों को सम्मानित किया जाना है, इनमें रघुवीर चौधरी, हरीश नायक, डॉ. यज्दी इटालिया, जगदीश त्रिवेदी और डॉ. दयाल परमार शामिल हैं। इन पांच हस्तियों को देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान- पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा डॉक्टर तेजस पटेल को पद्म भूषण से नवाजा जाएगा। अहमदाबाद के डॉ. तेजस पटेल प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करने वाले डॉ तेजस ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के लिए 300 से अधिक शोध लेख भी लिखे हैं। पटेल को कोरोनरी एंजियोग्राफी और ट्रांसरेडियल तकनीक का विशेषज्ञ माना जाता है। कोरोनरी हार्ट डिजिज के इलाज में यह तकनीक सुरक्षित और अधिक सटीक मानी जाती है।
सिकल सेल के इलाज में अहम भूमिका
72 साल के डॉ इटालिया को सिकल सेल के इलाज में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए जाना जाता है। मशहूर माइक्रोबायोलॉजिस्ट यज्दी मानेकशा इटालिया को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। सिकल सेल अनीमिया कंट्रोल प्रोग्राम (SCACP) में इन्होंने अहम भूमिका निभाई है। आईसीएमआर के करीबी सहयोग में काम करने वाले इटालिया ने दो लाख आदिवासी लोगों की जांच कराई है। गुजरात में 95 लाख लोगों की जांच की गई है।
गुजरात के जिन छह लोगों को सम्मानित किया जाना है, इनमें रघुवीर चौधरी, हरीश नायक, डॉ. यज्दी इटालिया, जगदीश त्रिवेदी और डॉ. दयाल परमार शामिल हैं। इन पांच हस्तियों को देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान- पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा डॉक्टर तेजस पटेल को पद्म भूषण से नवाजा जाएगा। अहमदाबाद के डॉ. तेजस पटेल प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करने वाले डॉ तेजस ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के लिए 300 से अधिक शोध लेख भी लिखे हैं। पटेल को कोरोनरी एंजियोग्राफी और ट्रांसरेडियल तकनीक का विशेषज्ञ माना जाता है। कोरोनरी हार्ट डिजिज के इलाज में यह तकनीक सुरक्षित और अधिक सटीक मानी जाती है।
सिकल सेल के इलाज में अहम भूमिका
72 साल के डॉ इटालिया को सिकल सेल के इलाज में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए जाना जाता है। मशहूर माइक्रोबायोलॉजिस्ट यज्दी मानेकशा इटालिया को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। सिकल सेल अनीमिया कंट्रोल प्रोग्राम (SCACP) में इन्होंने अहम भूमिका निभाई है। आईसीएमआर के करीबी सहयोग में काम करने वाले इटालिया ने दो लाख आदिवासी लोगों की जांच कराई है। गुजरात में 95 लाख लोगों की जांच की गई है।