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'हेल्थ केयर स्कीम' को चिदंबरम ने कहा एक परफेक्ट जुमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 02 Feb 2018 03:13 PM IST
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पी चिदंबरम
- फोटो : PTI
संसद में गुरुवार को अरुण जेटली द्वारा पेश किए बजट के बाद विपक्ष भाजपा को चौतरफा घेर रहा है। भाजपा को चौतरफा घेरने के लिए एक ओर जहां कांग्रेस की पूर्व और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सर्वदलीय बैठक की थी लेकिन पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम ने पूरे बजट को जुमला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि कल मैंने सरकार की न्यू हेल्थ केयर स्कीम को जुमला बताया था। मैंने कहा था कि इस बजट में इस योजना के लिए सरकार ने कोई भी फंड जारी नहीं किया है। जिसे आज वित्त मंत्री अरुण जेटली ने माना भी है।
बकौल चिदंबरम, वित्त मंत्री ने कहा था कि इस फंड के लिए वह भविष्य में फंड बढ़ाएंगे। तो हुआ न ये एक परफेक्ट जुमला। चिदंबरम ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए लिखा कि सरकार की योजनाएं पैसे के बिना ठीक वैसी ही हैं जैसे पतंग बिना धागे के। ये कुछ ऐसा ही है जिसमें पतंगबाज कहता है कि पतंग उड़ रही है और वहां कोई पतंग नहीं होती है और न ही वहां कुछ उड़ रहा होता है।
य़ह भी पढ़ें: Budget 2018: रियल इस्टेट सेक्टर ने किया स्वागत, छोटे शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट
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बजट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को आए आम बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे केवल खोखला आश्वासन करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में जिस तरह से विकास का उल्लेख किया है उसे हासिल करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तरह से बजट पेश किया है वह चर्चा करने के लिए काफी नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जिस तरह से बजट पेश किया है उससे काफी निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का दावा है कि वर्ष 2022 तक वह किसानों की आय दोगुनी कर देगी। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि की विकास दर 12 प्रतिशत न हो, तब तक यह संभव नहीं है।
जब तक हम उस विकास को प्राप्त नहीं करेंगे, तब तक इस तरह की उम्मीद करना केवल खोखला आश्वासन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि वह वित्तीय घाटा कम करेंगे लेकिन बजट को सुनने के बाद ऐसा लगता नहीं है।
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बकौल चिदंबरम, वित्त मंत्री ने कहा था कि इस फंड के लिए वह भविष्य में फंड बढ़ाएंगे। तो हुआ न ये एक परफेक्ट जुमला। चिदंबरम ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए लिखा कि सरकार की योजनाएं पैसे के बिना ठीक वैसी ही हैं जैसे पतंग बिना धागे के। ये कुछ ऐसा ही है जिसमें पतंगबाज कहता है कि पतंग उड़ रही है और वहां कोई पतंग नहीं होती है और न ही वहां कुछ उड़ रहा होता है।
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बजट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को आए आम बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे केवल खोखला आश्वासन करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में जिस तरह से विकास का उल्लेख किया है उसे हासिल करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तरह से बजट पेश किया है वह चर्चा करने के लिए काफी नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जिस तरह से बजट पेश किया है उससे काफी निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का दावा है कि वर्ष 2022 तक वह किसानों की आय दोगुनी कर देगी। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि की विकास दर 12 प्रतिशत न हो, तब तक यह संभव नहीं है।
जब तक हम उस विकास को प्राप्त नहीं करेंगे, तब तक इस तरह की उम्मीद करना केवल खोखला आश्वासन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि वह वित्तीय घाटा कम करेंगे लेकिन बजट को सुनने के बाद ऐसा लगता नहीं है।
Yesterday, I had said that the new HEALTH CARE SCHEME is a jumla with no money provided in the budget. Today, FM has admitted that no money has been provided and he will 'raise money in the future'. Perfect jumla.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) February 2, 2018