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Oxfam: आम आदमी से 10 लाख गुना ज्यादा ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करता है अरबपति व्यक्ति, रिपोर्ट में दावा

Mon, 07 Nov 2022 08:14 AM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 07 Nov 2022 08:14 AM IST
सार

ऑक्सफैम रिपोर्ट (Oxfam report) में दावा किया गया है कि दुनिया के सबसे 125 अमीर अरबपतियों के निवेश से सालाना औसतन 30 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन होता है, जो कि आम आदमी की तुलना में 10 लाख गुना अधिक है।

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Oxfam report Says A billionaire emits a million times more greenhouse gases than average person
ग्रीन हाउस गैस - फोटो : PTI

विस्तार

दुनिया में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को लेकर तमाम तरह की रिपोर्टें सामने आती रहती हैं लेकिन इस बार जो रिपोर्ट में खुलासा हुआ है वह बेहद चौकाने वाला है। दरअसल, ऑक्सफैम रिपोर्ट (Oxfam report) में दावा किया गया है कि दुनिया के सबसे 125 अमीर अरबपतियों के निवेश से सालाना औसतन 30 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन होता है, जो कि आम आदमी की तुलना में 10 लाख गुना अधिक है।

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सीमेंट और जीवाश्म ईंधन उद्योग में निवेश सबसे बड़ा कारण
ऑक्सफैम रिपोर्ट में बताया गया है कि सुपर रिच लोगों की 183 कंपनियों में सामूहिक रूप से 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी है। वहीं "कार्बन बिलियनेयर्स: द इन्वेस्टमेंट एमिशन्स ऑफ द वर्ल्ड्स रिचस्ट पीपल" शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि जीवाश्म ईंधन और सीमेंट जैसे प्रदूषणकारी उद्योगों में इनका निवेश मानक कमजोर समूह वाली 500 कंपनियों के औसत से दोगुना है।
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फ्रांस के वार्षिक कार्बन उत्सर्जन के बराबर  CO2e का वित्तपोषण करते हैं ये अरबपति
संचयी रूप से, ये 125 अरबपति प्रति वर्ष 393 मिलियन टन CO2e (कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य) का वित्तपोषण करते हैं, जो कि 6.70 करोड़ लोगों के देश फ्रांस के वार्षिक कार्बन उत्सर्जन के बराबर है।
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सुपर रिच लोगों की भूमिका तय करनी होगी: रिपोर्ट
ऑक्सफैम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहर के अनुसार ग्रीन हाउस उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार सुपर रिच लोगों की भूमिका पर शायद ही कभी चर्चा होती हो। सरकारें अपने अनुसार लक्ष्य तो तय कर लेती हैं लेकिन अरबपति निवेशकों की लापरवाही को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती है। इस मुद्दे पर सोचने की जरूरत है। इसमें बदलाव लाने की जरूरत है।  कॉरपोरेट पिरामिड के शीर्ष पर स्थित इन अरबपति निवेशकों के पास जलवायु के टूटने की बड़ी जिम्मेदारी है।

कॉरपोरेट्स द्वारा की गई हाई-प्रोफाइल प्रतिबद्धताएं जांच के दायरे में नहीं आती 
ऑक्सफैम रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्सर कॉरपोरेट्स द्वारा की गई हाई-प्रोफाइल प्रतिबद्धताएं जांच के दायरे में नहीं आती हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि  नेट जीरो लक्ष्य पर तो हम चर्चा करते हैं लेकिन मुख्य खामियों को पीछे छोड़ देते हैं जिनपर चर्चा करने की आवश्यकता है। कॉरपोरेट्स के उत्सर्जन को कम करने के लिए छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।


क्या है ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन?
ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन जलवायु में परिवर्तन और भूमंडलीय ऊष्मीकरण व ग्रहों के वातावरण के लिए उत्तरदायी होते हैं। इसमें सबसे ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। इसके अलावा नाइट्रस आक्साइड, क्लोरोफ्लोरो कार्बन, मीथेन, वाष्प आदि होते हैं। इससे ओजोन का क्षरण होता है। कार्बन का उत्सर्जन ग्रीन हाउस इफेक्ट के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है।

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