गुजरात के ठीक हुए 40 मुस्लिम मरीज दान करेंगे प्लाज्मा
- 100 मरीजों को इनके प्लाज्मा की मदद से मिलेगी वायरस से छुट्टी
- तमिलनाडु में दो जमाती प्लाज्मा देने आगे आए
विस्तार
गुजरात के वडोदरा से कोरोना के इलाज में एक आशावादी खबर आई है। यहां कोरोना से ठीक हुए करीब 40 मुस्लिम मरीज बृहस्पतिवार को अन्य मरीजों के उपचार के लिए अपना प्लाज्मा देने को तैयार हो गए हैं। इनके प्लाज्मा से करीब 100 कोरोना मरीजों का इलाज हो सकेगा। केंद्र सरकार ने हाल ही में गुजरात को प्रयोग के तौर पर प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।
प्लाज्मा थेरेपी के जरिये बेहद गंभीर मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के नेता जुबेर गोपलानी ने बुधवार को बताया कि लगातार दो बार कोरोना जांच में नेगेटिव आने के बाद 44 मुस्लिम मरीजों को छोड़ दिया गया है। इन सभी में बीमारी के लक्षण नहीं थे और ये संक्रमण के शुरुआती दौर में थे। देखरेख और बेहतर खानपान के बाद इनमें अब संक्रमण नहीं है।
साथ ही इनके शरीर में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडीज मौजूद हैं। हमने इनसे दूसरे साथियों की जान बचाने के लिए प्लाज्मा दान करने की मांग की थी जिसे 40 से अधिक मरीजों ने स्वीकार कर लिया है। वडोदरा कोविड-19 सेंटर के इंचार्ज विनोद राव ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बहुत जल्द इनका प्लाज्मा लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
तमिलनाडु में दो जमाती प्लाज्मा देने आगे आए
उधर, तमिलनाडु में कोरोना से ठीक हुए दो जमाती प्लाज्मा देने को तैयार हो गए हैं। तिरुचिरापल्ली के 40 वर्षीय मोहम्मद जफर और तिरुपुर के 38 वर्षीय व्यापारी मोहम्मद अब्बास ने अपना प्लाज्मा दान करने की इच्छा जताई है। दोनों ने स्थानीय प्रशासन को अपना नंबर भी दिया है। तब्लीगी जमात के मौलाना साद की अपील के बाद दोनों ने प्लाज्मा दान करने का मन बनाया है।