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Lok Sabha: पिछले तीन सालों में 3.92 लाख लोगों ने छोड़ी भारतीय नागरिकता, 2021 का आंकड़ा सबसे ज्यादा, जानिए कहां बसे ये लोग?

Tue, 19 Jul 2022 06:15 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 19 Jul 2022 06:15 PM IST
सार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बहुजन समाज पार्टी के नेता हाजी फजलुर रहमान के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि वर्ष 2019 से 2021 के दौरान नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या 3,92,643 थी।

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Over 3.92 lakh Indians gave up their citizenship in the last three years
भारतीय छोड़ रहे नागरिकता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले तीन सालों में 3,92,643 लोगों ने भारतीय नागरिकता का त्याग किया है। वहीं, पिछले साल यानी 2021 में 1, 63,370  लाख लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ कर अन्य देशों की नागरिकता ले ली है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी। उनके द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के हिसाब से साल 2019 के बाद से ये संख्या सबसे ज्यादा है। 

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया आंकड़ा
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बहुजन समाज पार्टी के नेता हाजी फजलुर रहमान के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि वर्ष 2019 से 2021 के दौरान नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या 3,92,643 थी। इसमें 2019 में 1,44,017 भारतीयों ने जबकि 2020 में 85,256 भारतीयों ने भारत की नागरिकता छोड़कर अन्य देशों की नागरिकता ले ली थी। 
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इन देशों की ली नागरिकता
उन्होंने बताया कि साल 2021 में भारत की नागरिकता छोड़ने वाले लोगों में से सबसे ज्यादा 78,284 भारतीयों ने संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिकता प्राप्त की। इसके बाद 23,533 भारतीयों ने ऑस्ट्रेलिया में नागरिकता ली। इसी तरह 21,597 लोगों ने कनाडा में और 14,637 भारतीयों ने यूके की नागरिकता ली है। 
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2021 के बीच 1,70,795 भारतीयों को अमेरिका ने नागरिकता दी। इसमें वर्ष 2019 में 61,683 भारतीयों, वर्ष 2020 में 30,828 भारतीयों तथा वर्ष 2021 में 78,284 भारतीयों को अमेरिका ने नागरिकता दी। इसमें बताया गया है कि अस्ट्रेलिया में पिछले तीन वर्षों में 58,391 भारतीयों, कनाडा में 64,071 भारतीयों, ब्रिटेन में 35,435 भारतीयों, जर्मनी में 6,690 भारतीयों, इटली में 12,131 भारतीयों, न्यूजीलैंड में 8,882 भारतीयों तथा पाकिस्तान में 48 भारतीयों को नागरिकता मिली।

विदेश मंत्रालय के आंकड़े किए पेश
दरअसल, चल रहे मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में बहुजन समाज पार्टी के नेता हाजी फजलुर रहमान ने पूछा कि क्या गृह मंत्री 2019 से चालू वर्ष तक भारतीय नागरिकता त्यागने वाले व्यक्तियों का विवरण और संख्या बताएंगे। उनके इस प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भारत की नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या के संबंध में विदेश मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरणों का हवाला देते हुए जानकारी दी। 

इन व्यक्तियों द्वारा भारतीय नागरिकता छोडने  के कारणों के बारे में बताते हुए राय ने कहा कि इन लोगों ने अपने व्यक्तिगत कारणों से भारतीय नागरिकता का त्याग किया है।

 केंद्रीय गृह राज्यमंत्री द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों में उल्लेख किया गया है कि 103 देश ऐसे हैं जहां भारतीयों ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है। इन देशों में अंगोला, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, अजरबैजान, बहरीन, बांग्लादेश, बेल्जियम, बोत्सवाना, ब्राजील, ब्रुनेई, बुल्गारिया, बुर्किना फासो, कनाडा, चिली, चीन, कोलंबिया, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक गणराज्य, डेनमार्क, मिस्र शामिल हैं। , यूनाइटेड किंगडम, इथियोपिया, फ़िजी, फ़िनलैंड, फ़्रांस जर्मनी, घाना, ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, इज़राइल, इटली, जमैका, जापान, जॉर्डन, कज़ाखस्तान, केन्या, कुवैत, लाओस, मेडागास्कर, मलावी, मलेशिया , मालदीव, माली माल्टा, मॉरीशस, मैक्सिको, मंगोलिया, मोरक्को, मोजाम्बिक, म्यांमार, नामीबिया, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, नॉर्वे, ओमान, पाकिस्तान, पनामा, पापुआ न्यू गिनी, पेरू, फिलीपींस, पोलैंड और पुर्तगाल के साथ ही कतर, आयरलैंड, रीयूनियन द्वीप, रोमानिया, रूस, सऊदी अरब, सर्बिया, सेशेल्स, सिंगापुर, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्पेन, श्रीलंका, सूडान, सूरीनाम, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तंजानिया, थाईलैंड, त्रिनिदाद और टोबैगो , तुर्की, युगांडा, यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, वेनेजुएला, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देश शामिल हैं। 

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराना चुनाव आयोग का विशेषाधिकार
केंद्र ने मंगलवार को संसद को बताया कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराना चुनाव आयोग (ईसी) का विशेषाधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव आयोग ने वहां मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही। दरअसल, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेता सदस्य ए गणेशमूर्ति ने सरकार से पूछा था कि कश्मीर में स्थिति कब सामान्य होगी ताकि घाटी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू की जा सके। इसका जवाब देते हुए राय ने कहा कि चुनाव आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के मतदाताओं की मतदाता सूची में संशोधन शुरू कर दिया है। चुनाव निर्धारित करने का निर्णय भारत के चुनाव आयोग का विशेषाधिकार है। 


एक अन्य सवाल के जवाब में राय ने कहा कि सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2018 में 417 से 2021 में 229 तक आतंकवादी हमलों की संख्या में काफी गिरावट आई है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने कश्मीर घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कई उपाय किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें प्रधान मंत्री विकास पैकेज 2015 का कार्यान्वयन भी शामिल है।
 

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