ओडिशा: मेडिकल कालेज की आईसीयू में आग से 23 की मौत, पीएम ने जताया दुख
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ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित एसयूएम हॉस्पिटल में सोमवार शाम आग लगने से 23 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में दर्जनों मरीज झुलस गए हैं। मरने वालों में ज्यादातर मरीज आईसीयू में भर्ती थे।वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी घटना की जानकारी ली। उन्होंने शोक संतृप्त परिवारों के साथ दुख प्रकट करते हुए गहरी संवेदनाएं जताई। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को हादसे में घायल हुए लोगों को बेहतर उपचार के लिए एम्स स्थानांतरित करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर आग लगने के वक्त इस निजी अस्पताल में 500 से ज्यादा मरीज थे। पुलिस ने संभावना जताई है कि आग शाम 7:30 बजे के करीब प्रथम तल पर स्थित डायलिसिस वार्ड से शुरू हुई और तेजी के साथ आईसीयू और अन्य हिस्सों में फैल गई। शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया जा रहा है। आग फैलने के साथ ही मरीजों और उनके तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने अस्पताल कर्मियों के साथ मिलकर चार मंजिला अस्पताल में तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।राज्य सरकार ने मेडिकल एजुकेशन एवं ट्रेनिंग निदेशक को घटना की जांच करने के आदेश दिए हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अतानु एस नायक ने कहा कि अगर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Fire broke out in ICU ward of Institute of Medical Sciences & Sum Hospital, Bhubaneswar. 5 fire tenders at the spot. pic.twitter.com/mvoZR1uGrQ
— ANI (@ANI_news) October 17, 2016
Got call at 7:41 of fire at the hospital. We safely evacuated patients: Ramesh Chandra, Deputy Fire officer on Bhubaneswar inferno. pic.twitter.com/ZltbTBfirV
— ANI (@ANI_news) October 17, 2016
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को दिए मरीजों की समुचित चिकित्सा के निर्देश
अग्निशमन सेवा के महानिदेशक बी. बेहरा ने बताया कि भुवनेश्वर के तीन दमकल स्टेशनों के कर्मी आग बुझाने में जुटे। आग बुझाने के लिए सात दमकलों को लगाया गया। साथ ही गंभीर रूप से बीमार मरीजों को दूसरे अस्पताल में भेजने के लिए एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस लगाई गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई मरीजों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बचाया गया। एक मरीज के बेटे ज्योति प्रकाश ने बताया कि उसके पिता प्रथम तल पर भर्ती थे। आग लगने के बाद उसने वहां से कूद कर जान बचाई। उसने बताया कि उसके पिता और अन्य मरीजों के साथ क्या हुआ इसकी जानकारी उसे नहीं है।
मालूम हो कि इससे पहले कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में आग लग गई थी, जिसमें 85 मरीजों समेत 89 लोगों की मौत हो गई थी।
दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर के अस्पताल में मरीजों की मौतों की घटना को दिमाग को सुन्न कर देने वाला बताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति जाहिर की है। मोदी ने ट्वीट में यह भी कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात कर झुलसे लोगों को एम्स में शिफ्ट करने के इंतजाम कराने के लिए कहा है। इसके अलावा केंद्रीय पैट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को भी पीड़ित परिवारों की पूरी मदद करने के निर्देश दिए गए हैं।
Deeply anguished by the loss of lives in the hospital fire in Odisha. The tragedy is mind-numbing. My thoughts are with bereaved families.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 17, 2016
Spoke to Minister @JPNadda & asked him to facilitate transfer of all those injured to AIIMS. Hope the injured recover quickly.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 17, 2016
Also spoken to Minister @dpradhanbjp and asked him to ensure all possible help to the injured and affected.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 17, 2016