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Organ transplant: सिर्फ साढ़े 700 संस्थान में हैं अंग प्रत्यारोपण सेवाएं, यह संख्या बढ़ाने की जरूरत

Sun, 04 Aug 2024 06:30 PM IST
निर्मल कांत डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 04 Aug 2024 06:30 PM IST
सार

Organ transplant: केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा की ऐसे परिवार समाज के लिए एक मिसाल हैं जो लोगों की जिंदगी को रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति और संस्थाओं के प्रयासों से ही भारत अंगदान और प्रत्यारोपण की दुनिया में सबसे आगे हो सकता है। इसलिए मृत्यु के बाद अंगदान के संकल्प के लिए लोगों को आगे आना चाहिए।

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Organ transplant services are available in only 700 institutions, need to increase this number
अंग प्रत्यारोपण सेवाएं (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पूरे देश में इस वक्त सिर्फ साढ़े 700 संस्थान ऐसे हैं, जहां पर अंग प्रत्यारोपण सेवाएं होती हैं। क्योंकि पूरे देश में अंगों की मांग और आपूर्ति के बीच में बड़ा अंतर है। ज्यादा से ज्यादा संस्थाओं को ऐसी सेवाएं देने के लिए आगे भी आना चाहिए। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा लोगों को अंगदान के लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करना चाहिए। यह बात नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पाल ने कही। डॉक्टर पाल भारतीय अंगदान दिवस के दौरान एक समारोह में में मौजूद थे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल समेत केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और देश के कई नामी चिकित्सकों समेत अंगदान करने वाले परिवारों के सदस्य मौजूद थे।

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इस कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद डॉ विनोद कुमार पाल ने कहा कि देश के अंदर लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता तो बड़ी है। अभी भी पूरे देश में अंगों की मांग और आपूर्ति के बीच में अंतर है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस दिशा में आगे आना चाहिए। इसके अलावा देश के चिकित्सा संस्थानों को भी अंग प्रत्यारोपण की सेवाओं को देने के लिए आगे आने को कहा। इस वक्त पूरे देश में साढ़े सात सौ चिकित्सा संस्थान ऐसे हैं, जो इस दिशा में कार्यरत हैं, यह संख्या भी बढ़नी चाहिए। डॉक्टर पाल बताते हैं कि एक ब्रेन डेड से आठ लोगों को नया जीवन मिलता है। इसलिए अंगदान को बढ़ावा देने की बेहद आवश्यकता है। 
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इस कार्यक्रम में अंगदान करने वाले मृतकों के परिजनों को सम्मानित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनकी सराहना की। अनुप्रिया पटेल ने कहा की ऐसे परिवार समाज के लिए एक मिसाल हैं जो लोगों की जिंदगी को रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति और संस्थाओं के प्रयासों से ही भारत अंगदान और प्रत्यारोपण की दुनिया में सबसे आगे हो सकता है। इसलिए मृत्यु के बाद अंगदान के संकल्प के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के विकसित देशों की श्रेणी में आने वाले अमेरिका चीन समेत स्पेन जैसे बड़े देश अंगदान में बहुत आगे हैं। अब लोगों में इसके प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते हमारा देश भी दुनिया के इन देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाने के लिए आगे बढ़ा है और उल्लेखनीय उपलब्धियां भी हासिल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों चिकित्सकों और संस्थाओं से भी अपील की कि प्रत्यारोपित होने वाले अंग तय वक्त और सही प्रोटोकॉल के साथ पहुंचे। ताकि कोई भी अंग बर्बाद ना हो सके।
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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश में बीते कुछ समय में अंग पाने के लिए खूब पंजीकरण हो रहे हैं। वह कहते हैं कि ऐसे दौर में आवश्यकता है कि अंगदान के लिए भी लोगों में खूब जागरूकता हो। ताकि एक ब्रेनडेड से आठ लोगों को नई जिंदगी दी जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि भारत अंग प्रत्यारोपण में तीसरे स्थान पर है। चूंकि अधिकांश अंगदान परिवार के सदस्यों द्वारा ही किया जाता है। इसलिए, लोगों को अंग दान के लिए पंजीकरण करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। अपूर्व चंद्रा कहते हैं कि ब्रेन डेड से 12 घंटे के भीतर अंगों को निकालना होता है। ऐसे में हमारी प्रणाली इतनी मजबूत होनी चाहिए कि हम तय वक्त के भीतर अंगों को निकाल कर तय समय में प्रत्यारोपण भी करें।

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