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OPS in CAPF: हाई कोर्ट के फैसले के बाद पुरानी पेंशन के लिए भारी संख्या में पहुंचे आवेदन, मिल रहा ये जवाब

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 20 Feb 2023 06:46 PM IST
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सार
OPS in CAPF: सीआरपीएफ ने आवेदकों से कहा है कि अभी दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए केंद्र सरकार/गृह मंत्रालय से कोई भी दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। जब भी वहां से कोई गाइडलाइंस आएगी, तभी उनका आवेदन, अदालत के आदेश के मुताबिक डील होगा...
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OPS in CAPF: After delhi High Court decision, large number of applications for old pension received
OPS in CAPF - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' में पुरानी पेंशन को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने 11 जनवरी को जो फैसला सुनाया था, उसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को इस फैसले का पालन करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया था। यह अवधि होली पर खत्म हो जाएगी। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा था, अगर केंद्र सरकार इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में जाती है, तो 'पैरामिलिट्री परिवार', पीएम आवास का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी ओर सीएपीएफ में अब भारी संख्या में ऐसे आवेदन आ रहे हैं, जिनमें इस फैसले को लागू करने की मांग हो रही है।

केंद्र सरकार/गृह मंत्रालय से कोई भी दिशा निर्देश नहीं

सीआरपीएफ ने आवेदकों से कहा है कि अभी दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए केंद्र सरकार/गृह मंत्रालय से कोई भी दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। जब भी वहां से कोई गाइडलाइंस आएगी, तभी उनका आवेदन, अदालत के आदेश के मुताबिक डील होगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने 11 जनवरी को दिए अपने एक फैसले में 'सीएपीएफ' को 'भारत संघ के सशस्त्र बल' माना है। इन बलों में लागू 'एनपीएस' को स्ट्राइक डाउन करने की बात कही गई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा था, चाहे कोई आज इन बलों में भर्ती हुआ हो, पहले कभी भर्ती हुआ हो या आने वाले समय में भर्ती होगा, सभी जवान और अधिकारी, पुरानी पेंशन स्कीम के दायरे में आएंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अभी तक इस फैसले को लागू करने बाबत कोई निर्णय नहीं लिया है। संसद सत्र के दौरान भी वित्त मंत्रालय से यह सवाल पूछा गया था कि यह फैसला कब लागू होगा। उसके जवाब में कहा गया है कि यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

'पैरामिलिट्री परिवार', पीएम आवास का घेराव करेंगे

सीएपीएफ में, खासतौर पर सीआरपीएफ की विभिन्न यूनिटों में ऐसे आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें इस फैसले को लागू करने की मांग हो रही है। जवानों ने अपने आवेदन में कहा है कि वे पहली जनवरी 2004 के बाद सेवा में आए थे। तब उन्हें एनपीएस में शामिल कर दिया गया था। अब दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला दिया है कि इन सभी बलों में 'एनपीएस' को स्ट्राइक डाउन किया जाए। ऐसे सभी आवेदनकर्ताओं को एक ही जवाब दिया जा रहा है। उसमें कहा गया है कि इस बाबत केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय ने कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। वहां से दिशा निर्देश मिलने के बाद ही पुरानी पेंशन को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।

पिछले दिनों कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा जंतर मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना था कि वे पुरानी पेंशन को लेकर लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में पुरानी पेंशन बहाली का फैसला दिया है। केंद्र सरकार, इस फैसले को लागू करने के मूड में नहीं दिख रही। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी हो रही है। एसोसिएशन के चेयरमैन एवं पूर्व एडीजी 'सीआरपीएफ' एचआर सिंह ने कहा था, अगर केंद्र सरकार, सर्वोच्च न्यायालय में जाती है, तो 'पैरामिलिट्री परिवार', पीएम आवास का घेराव करेंगे।

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