Opposition: 'INDIA' पर मची रार, कौन कर रहा पाकिस्तान के आतंकी संगठन से तुलना, किसने बताया 'ईस्ट इंडिया कंपनी'
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
विपक्षी दलों के गठबंधन Indian National Developmental Inclusive Alliance (INDIA), इस नाम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में रार मची है। कोई 'इंडिया' की तुलना आतंकी संगठनों से कर रहा है, तो कोई इसे 'ईस्ट इंडिया कंपनी' जैसा बता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विपक्षी दलों के गठबंधन 'INDIA' की तुलना 'ईस्ट इंडिया कंपनी' और पाकिस्तान के आतंकी इंडियन मुजाहिद्दीन से की है। उन्होंने कहा, दोनों ही नामों में 'इंडिया' का इस्तेमाल हुआ है। सत्ता पक्ष की इस बात का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने मोर्चा संभाला। राहुल गांधी ने कहा, आप हमें जो चाहें बुला लें मोदी जी। हम भारत हैं। हम मणिपुर को ठीक करने और वहां की हर महिला व बच्चे के आंसू पोंछने में मदद करेंगे। हम वहां के सभी लोगों के लिए प्यार और शांति वापस लाएंगे। हम मणिपुर में भारत के विचार का पुनर्निर्माण करेंगे।
अंग्रेजों ने 'ईस्ट इंडिया कंपनी' बनाई थी
विपक्षी दलों ने 2024 में भाजपा/एनडीए का मुकाबला करने के लिए बेंगलुरु की बैठक में एक नए गठबंधन 'इंडिया' बनाए जाने की घोषणा की थी। भाजपा ने इस नए नाम पर अपना विरोध जताया। पार्टी नेताओं का कहना था कि इसका नाम 'इंडिया' क्यों है। इस बाबत दिल्ली के बाराखंबा पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, विपक्ष का काम प्रदर्शन करना है, उन्हें करने दें। आप लोग अपने काम पर ध्यान दें। हमारा मकसद 2027 तक भारत को विकसित देश बनाना है। भाजपा के लगातार तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। पीएम मोदी ने सांसदों से कहा, अंग्रेजों ने 'ईस्ट इंडिया कंपनी' बनाई थी। उसी तरह से विपक्ष ने अपने गठबंधन का नाम 'इंडिया' रखा है। विपक्ष पूरी तरह दिशाहीन है। वे लोग विपक्ष में ही रहना चाहते हैं।
इंडिया के मूल में संविधान की भावना है
इसके बाद भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर बोले, आजकल तो लोग 'इंडियन मुजाहिद्दीन' भी नाम रखते हैं। कुछ लोग 'इंडियन पीपल्स फ्रंट' भी नाम रख लेते हैं। ये दोनों आतंकी संगठन हैं। देश में इन पर प्रतिबंध लगा है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने आशा जगाई है कि 2024 में भी हम ही आने वाले हैं। विपक्ष भी यह बात समझता है। विपक्ष मान चुका है कि उन्हें सत्ता में नहीं आना है। भाजपा की ओर से 'इंडिया' को लेकर हुई बयानबाजी पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री जी इतनी नकारात्मकता क्यों। इंडिया के मूल में संविधान की भावना है। देश के युवाओं को रोजगार, जनता को महंगाई से राहत, हर तबके की खुशहाली, किसानों-श्रमिकों की भलाई, महिलाओं को सुरक्षा व सहायता, देश में एकता, प्रेम व शांति का सकारात्मक एजेंडा है। राजनीति के चलते 'इंडिया' के लिए आपने नकारात्मक और अपमानजनक रुख अख्तियार कर रखा है। बार-बार देश के नाम के साथ नकारात्मक मायने जोड़ना, आपके पद की गरिमा के प्रति उचित नहीं है। देश के लोग नकारात्मक नहीं, सकारात्मक राजनीति चाहते हैं। संसद में मणिपुर पर देश आपकी बात सुनना चाहता है। देश महंगाई और बेरोजगारी पर जवाब चाहता है।