फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Opposition targeted Tamil Nadu Minister Udhayanidhi Stalin controversial comment

Tamil Nadu: उदयनिधि को सनातन धर्म पर बोलना पड़ा भारी, चारों ओर से नेताओं ने घेरा; कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला

Sun, 03 Sep 2023 10:22 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 03 Sep 2023 10:22 AM IST
सार

उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म को खत्म करने वाली टिप्पणी पर हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि मंत्री को समझना चाहिए की सनातन धर्म कोई टॉफी या बताशा नहीं है, जो मुंह में डाला और गल जाएगा।

विज्ञापन
Opposition targeted Tamil Nadu Minister Udhayanidhi Stalin controversial comment
उदयनिधि की विवादित टिप्पणी पर भड़का गुस्सा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयान पर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं समेत कई लोग विरोध दर्ज करा रहे हैं।

विज्ञापन

यह है विवादित बयान

उदयनिधि स्टालिन ने सनातन उन्मूलन सम्मेलन में बोलते हुए कहा था कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है। कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें ही खत्म किया जाना चाहिए। हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते। हमें इसे खत्म करना होगा। खेल विकास मंत्री ने आगे कहा कि सनातन नाम संस्कृत का है। यह सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है। 

विज्ञापन

पीएम की बजाय सनातन धर्म से लड़ रहे 

सनातन धर्म को खत्म करने वाली टिप्पणी पर हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने उदयनिधि स्टालिन को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि मंत्री को समझना चाहिए की सनातन धर्म कोई टॉफी या बताशा नहीं है, जो मुंह में डाला और गल जाएगा। सनातन धर्म सदियों से अस्तित्व में है और रहेगा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि जितने भी I.N.D.I.A गठबंधन से जुड़े लोग हैं वो पीएम मोदी की बजाय सनातन धर्म से लड़ रहे हैं। उनका उद्देश्य सनातन धर्म को खत्म करना है। 

विज्ञापन
विज्ञापन


सुर-असुर की लड़ाई 

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई मोदी और इंडिया गठबंधन की नहीं है। यह लड़ाई अब विचारधाराओं और सुर-असुर की हो गई है। उन्होंने कहा कि मैं सुर-असुर की लड़ाई इसलिए बोल रहा हूं कि एक गठबंधन के लोग हैं, जो सावन में ही मांस खाना शुरू कर देते हैं। वहीं, एक है हिंदू सनातनी को बचाना चाहता है। हम कभी भी स्टालिन विचारधारा को निशाना नहीं बनाते हैं या ईसाई धर्म या इस्लाम पर टिप्पणी नहीं करते हैं, फिर वे 'हिंदू सनातन' को क्यों निशाना बना रहे हैं...?

पूनावाला ने साधा निशाना 

इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी स्टालिन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह किसी नरसंहार से कम नहीं है और इसे कांग्रेस पार्टी के कार्ति चिदंबरम ने समर्थन दिया है। यह गठबंधन की मानसिकता दिखाता है। 

पहले भी बोल चुके हैं बिगड़े बोल

उन्होंने कहा कि यह पहला विवादित बयान नहीं है, इससे पहले समाजवादी पार्टी ने कहा था कि सनातन धर्म धोखा है। वहीं, कांग्रेस पार्टी हमेशा से सनातन धर्म पर वार करता रहा है। उन्होंने कहा कि अब सवाल उठता है कि क्या यह 'मोहब्बत की दुकान' है या यह नफरत के भाईजान हैं? उन्होंने कहा कि यह 'सनातन विरोध' का लंबा पैटर्न है। ऐसे जुड़ेगा क्या भारत। 

सनातन निरंतर विकसित हुआ

तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन पर वीएचपी के केंद्रीय संयुक्त सचिव विजय शंकर तिवारी ने हमला करते हुए कहा कि लोगों को अपनी औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए। सनातन' का मतलब है जो शाश्वत है। सनातन निरंतर विकसित हुआ है और अधिक बढ़ रहा है।

कांग्रेस की सफाई

वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस का रुख स्पष्ट है, हम किसी भी धर्म पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं चाहते हैं।

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि यह देश सभी धर्मों का सम्मान करने के लिए जाना जाता है। हमारा संविधान धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि हमारे देश में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं ताकि देश एकजुट रहे, लेकिन पिछले 9 वर्षों में, भाजपा ने धर्म का राजनीतिकरण किया है और यही कारण है कि कोई भी सामने आता है और धर्म के बारे में कुछ भी कहता है। जिसने यह कहा वह गलत है, लेकिन धर्म का राजनीतिकरण करने के लिए भाजपा के नेता जिम्मेदार हैं।

हिंदुओं की आस्था का अपमान
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि वह बिना किसी प्रतिक्रिया की चिंता के सनातन धर्म, हिंदू धर्म पर टिप्पणी कर रहे हैं। क्योंकि उनका मानना है कि उनका पैसा, संपत्ति और वंशवादी स्थिति उन्हें ऐसी स्थिति में डाल देती है, जहां वह हजारों भारतीयों और तमिलनाडु के लोगों का अपमान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारा राष्ट्रीय मिशन होना चाहिए कि इस देश की राजनीति को ऐसे वंशवादियों से छुटकारा मिले जो केवल शोषण करते हैं और खुद को समृद्ध करते हैं। वे हमारे देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान करते रहते हैं।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को धार्मिक टिप्पणी करने से बचना चाहिए। यह समाज में विद्वेष पैदा करने का एक असफल प्रयास है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।

राजनीतिक टिप्पणियों से कुछ नहीं होने वाला
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि तमिलनाडु में कुछ लोगों की असलियत सामने आने लगी है। अभी कुछ दिन पहले हमने काशी-तमिल संगमम का आयोजन किया। तमिलनाडु के हर गांव में भगवान विश्वनाथ का स्मृति है। 'सनातन' शाश्वत है, इन राजनीतिक टिप्पणियों से कुछ नहीं होने वाला है।



सदियों से अस्तित्व में 'सनातन धर्म'
राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने कहा कि सनातन धर्म को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं किया जा सकता। 'सनातन धर्म' सदियों से अस्तित्व में है और रहेगा। वह (उदयनिधि स्टालिन) 'सनातन धर्म' का वास्तविक अर्थ नहीं समझते हैं, वह जो भी कह रहे हैं वह बिल्कुल गलत है।

I.N.D.I.A गठबंधन को दे जवाब
भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि स्टालिन I.N.D.I.A गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं और उनके बेटे सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से कर रहे हैं, उसे खत्म करने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन को अपनी राय स्पष्ट करनी चाहिए वे लोग इकट्ठे हो कर गठबंधन बना रहे हैं या सनातन धर्म को खत्म करने लिए इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं? ये बयान दुर्भाग्यपूर्ण है इसकी जितनी भी निंदा की जाए वो कम है। क्या गठबंधन उनके बयान से सहमत है इसका जवाब INDIA गठबंधन को देना चाहिए

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed