फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Opposition plans to move fresh notice seeking removal of CEC Gyanesh Kumar News In Hindi

CEC: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए विपक्ष की नई तैयारी; कांग्रेस-TMC, सपा और डीएमके साथ, समझिए पूरी योजना

Sun, 19 Apr 2026 10:11 AM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shubham Kumar Updated Sun, 19 Apr 2026 10:11 AM IST
सार

भारत में चुनावी व्यवस्था को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद फिर गहराया है। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया है। कांग्रेस, टीएमसी, एसपी और डीएमके समेत दल 200 सांसदों के समर्थन की कोशिश में हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल हैं और फैसले पक्षपातपूर्ण दिखते हैं।

विज्ञापन
Opposition plans to move fresh notice seeking removal of CEC Gyanesh Kumar News In Hindi
ज्ञानेश कुमार - फोटो : ANI

विस्तार

भारत में चुनावी व्यवस्था से जुड़ा बड़ा राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नया प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, कई विपक्षी पार्टियों के नेता इस मुद्दे पर एक साथ बातचीत कर रहे हैं और नई नोटिस तैयार की जा रही है। इस पहल में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और डीएमके समेत कई दलों के कम से कम पांच वरिष्ठ सांसद शामिल बताए जा रहे हैं।

विज्ञापन


विपक्ष का लक्ष्य इस बार ज्यादा समर्थन जुटाने का है और करीब 200 सांसदों के हस्ताक्षर हासिल करने की कोशिश हो रही है, ताकि मजबूत दबाव बनाया जा सके। विपक्ष का कहना है कि इससे पहले भी जो नोटिस दिए गए थे, उन्हें खारिज कर दिया गया था, लेकिन अब वे इस मुद्दे को और मजबूती से उठाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और कई फैसले पक्षपातपूर्ण दिखाई देते हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- चुनाव से पहले बंगाल में ED की बड़ी कार्रवाई: कोलकाता DCP के घर छापा, सोना पप्पू सिंडिकेट केस से जुड़ा है मामला

विज्ञापन
विज्ञापन

विपक्ष ने क्या आरोप लगाए, समझिए
मामले में विपक्ष ने पहले भी आरोप लगाए थे कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और कामकाज में पारदर्शिता की कमी है और कई फैसले सरकार के प्रभाव में लिए गए हैं। इसके साथ ही विशेष मतदाता सूची सुधार (एसआईआर) जैसी प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए थे, जिससे मतदाता अधिकार प्रभावित होने की बात कही गई थी।



ये भी पढ़ें:- Ground Report: बेरोजगारी और भर्ती घोटाले से नाराज युवा मतदाता करेंगे खेला, ये असंतोष बैलेट बॉक्स तक पहुंचेगा?

पहले खारिज हो चुका है नोटिस
हालांकि संसद के दोनों सदनों के अध्यक्षों ने पहले इन नोटिसों को खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि संविधान के अनुसार किसी भी अधिकारी को हटाने के लिए गंभीर कदाचार का ठोस सबूत जरूरी होता है। केवल राजनीतिक असहमति या प्रशासनिक फैसलों पर मतभेद के आधार पर हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।

अध्यक्षों ने यह भी कहा था कि कई आरोप या तो अनुमान पर आधारित हैं या फिर अदालत में विचाराधीन मामलों से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें आधार बनाकर हटाने की कार्रवाई संभव नहीं है। अब एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में संसद में इस पर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed