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क्या कांग्रेस के साथ ताल से ताल नहीं मिला पा रहे हैं अन्य विपक्षी दल? 

Sat, 02 Feb 2019 01:27 PM IST
Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: Jitendra Bhardwaj Updated Sat, 02 Feb 2019 01:27 PM IST
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opposition parties wanted to make EVM an issue but Congress do not want to leave Rafale
राहुल गांधी

लोकसभा चुनाव निकट आ रहा है, ऐसे में विपक्षी दल एनडीए-भाजपा को घेरने के लिए रोजाना कोई न कोई नया मुद्दा उठा लेते हैं। ईवीएम को लेकर फिर से 21 विपक्षी पार्टियां कदम से कदम मिलाकर चलने का दावा कर रही हैं। शुक्रवार को कांस्टिट्यूशन क्लब में जो कुछ देखने को मिला, उससे लगता है कि कांग्रेस के साथ अन्य विपक्षी पार्टियां सुगमता के साथ ताल से ताल नहीं मिला पा रही हैं। विपक्षी दलों के नेताओं की अगुवाई कर रहे राहुल गांधी 2019 के चुनावी मुद्दों पर बोलने लगे तो उनके साथ बैठे शरद पवार और शरद यादव ने उन्हें केवल ईवीएम के मसले पर बोलने की सलाह दी।

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विपक्षी दलों के कदमताल में सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा

इससे पहले भी ममता बनर्जी, मायावती और अखिलेश यादव जैसे बड़े चेहरे कांग्रेस पार्टी के मंच पर खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल ये नेता अपने प्रतिनिधियों को ही विपक्षी दलों की बैठक में भेज देते हैं। कई मसलों पर कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों की ताल नहीं बैठ पा रही है। कांग्रेस पार्टी पहले ही राफेल मामले को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की घोषणा कर चुकी थी। दूसरी पार्टियां उस वक्त ईवीएम जैसे केंद्रीय मुद्दे को आगे ले जाने की तैयारी करती रहीं।
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21 विपक्षी पार्टियों में शामिल एक दल के प्रतिनिधि का दावा है कि चुनावी मुद्दों को लेकर सभी विपक्षी दल एकमत नहीं हैं। उनका साफ कहना था कि कांग्रेस पार्टी ईवीएम के मसले पर सॉफ्ट कॉर्नर लेकर चल रही है। पार्टी ने कभी इस बाबत कड़ा स्टैंड नहीं लिया। इससे पहले भी कांग्रेसी नेता यही कहते रहे हैं कि ईवीएम को लेकर लोगों के मन में जो भी शक है, उसे दूर किया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी पिछले कई माह से राफेल को ही आगे लेकर चलने की हिमायती रही है। 
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नेता के मुताबिक, चूंकि अब राफेल का मुद्दा कमजोर पड़ता जा रहा है, इसलिए कांग्रेस पार्टी ईवीएम की लाइन में खड़ी हो गई। चुनावी मुद्दों पर अभी कांग्रेस पार्टी व दूसरे विपक्षी दलों पर काफी कुछ तय करना होगा। विभिन्न दलों के प्रादेशिक संगठनों से भी कोर इश्यू को लेकर बातचीत की जाएगी। कई राज्यों में कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय स्तर के मुद्दों और स्थानीय मसलों को लेकर तालमेल नहीं है। विपक्षी नेताओं में से ही एक दूसरे नेता का कहना है कि मसलों पर तालमेल बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। यह कमेटी सभी विपक्षी नेताओं से बातचीत कर एक संयुक्त घोषणा पत्र तैयार करेगी।


प्रेसवार्ता में 21 पार्टियों के नेता मौजूद और बोले सिर्फ राहुल
 
कांस्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी दलों की बैठक के बाद प्रेसवार्ता भी रखी गई थी। मंच पर करीब डेढ़ दर्जन नेताओं के लिए कुर्सियां लगाई गईं। राहुल गांधी मध्य में बैठे थे। उन्होंने ईवीएम के अलावा दूसरे मसले भी प्रेस के सामने रखे। खास बात यह रही है कि अन्य किसी भी विपक्षी नेता ने मंच से एक शब्द नहीं बोला। अपनी बात कहने के बाद राहुल ने शरद पवार की ओर माइक बढ़ाया तो उन्होंने बोलने से मना कर दिया। पवार के साथ बैठे शरद यादव की ओर राहुल जब माइक रखने लगे तो वे भी किनारा कर गए। हालांकि यादव ने तीन बार कहा, ईवीएम पर बोलो। चंद्रबाबू नायडू ने भी कुछ नहीं कहा। बाद में राहुल ने कहा, कुछ नेताओं को फ्लाइट पकड़नी है, इसलिए प्रेसवार्ता यहीं खत्म करते हैं।

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