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Politics: रिजिजू से कानून मंत्रालय की गद्दी छिनते ही विपक्षी वार शुरू, कहा- कानूनों के पीछे का विज्ञान समझना..

Thu, 18 May 2023 02:09 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 18 May 2023 02:09 PM IST
सार

रिजिजू पर  लगातार निशाना साधा जा रहा है। इस क्रम में, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने रिजिजू को एक विफल कानून मंत्री बताया, जबकि अनुभवी वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि कानून को समझना आसान नहीं था।

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Opposition parties took a swipe at Kiren Rijiju who was on Thursday moved from the law ministry
कपिल सिब्बल ने रिजिजू पर साधा निशाना। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किरेन रिजिजू को गुरुवार सुबह बड़ा झटका लगा है। उन्हें कानून मंत्रालय के बाहर का रास्ता दिखाकर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का कार्यभार सौंपा दिया गया है। गद्दी छिनते ही  रिजिजू पर विपक्षी वार शुरू हो गए हैं। कोई उन्हें असफल कानून मंत्री बता रहा तो कोई कानून के पीछे का विज्ञान समझा रहा है। 

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रिजिजू पर  लगातार निशाना साधा जा रहा है। इस क्रम में, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने रिजिजू को एक विफल कानून मंत्री बताया, जबकि अनुभवी वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि कानूनों के पीछे के विज्ञान को समझना आसान नहीं था।

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मणिकम टैगोर का वार

टैगोर ने कहा कि विफल कानून मंत्री को पृथ्वी विज्ञान दिया गया है। वह कर भी क्या सकते हैं? आशा है कि अर्जुन राम मेघवाल कानून मंत्री के रूप में गरिमापूर्ण तरीके से काम करेंगे।

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सिब्बल का गुड लक

वहीं, पूर्व कानून मंत्री सिब्बल ने छुटकी लेते हुए रिजिजू को विज्ञान मंत्रालय के लिए गुड लक कहा। उन्होंने कहा कि कानूनों के पीछे के विज्ञान को समझना आसान नहीं है। अब वह विज्ञान के नियमों से जूझने की कोशिश करेंगे। 

मोदानी-सेबी बताई वजह

इतना ही नहीं, उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना ने भी तंज कसा। राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल किया कि क्या यह बदलाव महाराष्ट्र के फैसले की शर्मिंदगी के कारण किया गया है? या मोदानी-सेबी की जांच की वजह से?

न्यायपालिका के कामकाज में दखल देने की कोशिश
उद्धव गुट वाली शिवसेना के नेता व राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने किरेन रिजिजू के प्रति न्यायपालिका की 'नाराजगी' पर ध्यान दिया है। इसलिए ही उन्हें केंद्रीय कानून मंत्रालय से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने इसे न्याय व्यवस्था की जीत बताई है।

राउत ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार में कोई भी कानून विभाग को स्वतंत्र रूप से संभालने में सक्षम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिजिजू ने न्यायपालिका के कामकाज में दखल देने की कोशिश की और यहां तक कि भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और कई अन्य का अपमान किया। पूरी न्याय व्यवस्था मंत्री के खिलाफ थी। सरकार को इस पर ध्यान देना रही था। यह न्याय व्यवस्था की जीत है।

राकांपा का आरोप- रिजिजू कानून से ऊपर होने की कोशिश कर रहे थे
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के मुख्य प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने दावा किया कि रिजिजू कानून और अपने कर्तव्य से ऊपर होने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले सभी केंद्रीय मंत्रियों के लिए यह एक उदाहरण होना चाहिए।

 



रिजिजू ने पीएम को कहा शुक्रिया
हालांकि, मंत्रालय बदले जाने के बाद अपने पहले ट्वीट में रिजिजू ने खुद को कानून मंत्री के तौर पर मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रिया कहा है। उन्होंने ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री के तौर पर सेवा देने सम्मान की बात है। मैं सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों, हाई कोर्ट्स के सभी चीफ जस्टिस, लोअर जुडिशरी और सभी लॉ अफसरों को उनसे मिले समर्थन के लिए शुक्रिया कहता हूं। उनके समर्थन ने हमारे नागरिकों को न्याय में आसानी सुनिश्चित हुई।' रिजिजू ने ट्वीट में आगे लिखा कि वह उसी उत्साह और ताकत के साथ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में भी काम करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के विजन को पूरा करने की कोशिश करेंगे।

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