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विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- नतीजों मे देरी मंजूर लेकिन 50 फीसदी वीवीपैट का हो मिलान

Sun, 07 Apr 2019 09:43 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अजय सिंह Updated Sun, 07 Apr 2019 09:43 AM IST
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Opposition parties in Supreme Court said Delay results but tally 50 percent of VVPAT slips
ईवीएम-वीवीपैट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी पार्टियों ने शनिवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों में उन्हें छह दिन की देरी मंजूर है लेकिन 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान होना चाहिए। उनका कहना है कि चुनाव आयोग का दावा है कि 13.5 लाख ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल चुनाव में होगा। 

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मतदाताओं के बीच वोटिंग मशीनों की गरिमा को बनाए रखने के लिए वीवीपैट पर्चियों का मिलान होना चाहिए। यह जवाब चुनाव आयोग के उस हलफनामे के बाद आया है जिसमें आयोग ने कहा था कि पर्चियों का मिलान करने से चुनाव नतीजों में 5.2 दिन की देरी हो जाएगी।
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आयोग के हलफनामे पर विपक्ष के नेताओं ने कहा, 'यदि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को बनाए रखने के तौर पर देखा जाए तो नतीजे घोषित करने में होने वाली 5.2 दिनों की देरी कोई गंभीर देरी नहीं है।' वरिष्ठ वकील एएम सिंघवी ने अदालत में हलफनामा दाखिल किया है। 
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जिसमें नेताओं का कहना है कि आयोग ने मैनपावर न बढ़ाने का फैसला किया है और बताया कि यदि मैनपावर को दोगुना किया जाता है तो 50 प्रतिशत वीवीपैट पर्चियों के मिलान से नतीजे आने में 2.6 दिनों की देरी होगी। यदि 33 प्रतिशत पर्चियों का मिलान किया जाता है तो नतीजों में 1.8 दिन की देरी होगी और यदि 25 प्रतिशत पर्चियों की गिनती की जाती है तो देरी केवल 1.3 दिनों की होगी।

अभी कैसे होता है मिलान?

फिलहाल चुनाव आयोग हर क्षेत्र से कोई भी एक ईवीएम चुनकर उसकी पर्चियों का मिलान करता है। अभी देश में कुल 10.35 लाख मतदान केंद्र हैं। वहीं एक विधानसभा सीट में औसतन 250 मतदान केंद्र हैं। आयोग ने कहा है कि एक मतदान केंद्र पर वीवीपैट गिनती में एक घंटे का वक्त लग जाता है। अगर इसे 50 फीसदी तक बढ़ा दिया जाए तो इसमें औसतन 5.2 दिन लगेंगे।



यह याचिका विपक्षी दलों की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने दायर की थी। उनका कहना है कि ऐसा करने से चुनाव परिणाम की घोषणा में तीन से चार घंटे की देरी होगी। लेकिन लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ेगा।

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