INDIA Meeting: संयोजक को ही पीएम पद का दावेदार न मान लिया जाए, इसलिए बैठक में नहीं बनी सहमति
विपक्षी गठबंधन की बैठक से पहले कहा जा रहा था कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एजेंडा सेट किया जाएगा और सीटों के बंटवारे पर ठोस चर्चा होगी। उम्मीद थी कि बैठक में संयोजक का नाम तय होगा।
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केंद्र की मोदी सरकार को हटाने के लिए एकजुट विपक्षी पार्टियों के गठबंधन की बैठक में संयोजक और लोगों पर आम सहमति नहीं बन सकी। दरअसल संयोजक को ही पीएम पद का दावेदार न मान लिया जाए इसलिए गठबंधन के नेता किसी एक दल के नेता को संयोजक नहीं बनाना चाहते। हालांकि सभी दलों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का दंभ भरा लेकिन यह तय नहीं हो पाया कि परस्पर विरोधी दलों के बीच सीटों के बंटवारे का फार्मूला क्या होगा।
विपक्षी गठबंधन की बैठक से पहले कहा जा रहा था कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एजेंडा सेट किया जाएगा और सीटों के बंटवारे पर ठोस चर्चा होगी। उम्मीद थी कि बैठक में संयोजक का नाम तय होगा। उसके साथ कुछ और नाम जोड़े जाएंगे लेकिन ऐसा हो नहीं सका। अंदरखाने खबर है कि विपक्षी गठबंधन के नेता नहीं चाहते कि किसी एक दल के नेता को संयोजक बनाया जाए। माना जा रहा है कि विपक्षी गठबंधन का संयोजक ही प्रधानमंत्री पद का दावेदार माना जाएगा, इसलिए किसी एक नाम पर सहमति ही नहीं बन सकी। उधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने संकेत दिए कि विपक्षी गठबंधन का कोई एक नेता, चेहरा नहीं होगा बल्कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम को ही आगे रखकर चुनाव लड़ा जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से ममता रहीं दूर
इसके अलावा गठबंधन इंडिया के लोगो पर भी आम राय नहीं बन पाई। कहा गया कि जब सभी पार्टियों के पास अपना झंडा और चिह्न है तो लोगो की क्या जरूरत है। इस वजह से लोगो के अनावरण का फैसला टालना पड़ा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गठबंधन की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुई। इस दौरान उद्धव ठाकरे से लेकर शरद पवार, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव ने जमकर मोदी सरकार पर तीर चलाए लेकिन पत्रकारों को सवाल नहीं करने दिया गया।