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Jaishankar: 'सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर', नेपाली समकक्ष के साथ बैठक में बोले विदेश मंत्री जयशंकर
Sat, 06 Jun 2026 11:25 PM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, नई दिल्ली।
आईएएनएस, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 06 Jun 2026 11:25 PM IST
सार
भारत-नेपाल संबंध विश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित हैं और दोनों देश अब एआई, स्टार्टअप और ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि यह साझेदारी विकास, व्यापार और सुरक्षा के क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुई है। नेपाली समकक्ष के साथ बैठक में जयशंकर ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
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नेपाली समकक्ष के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर
- फोटो : एक्स/डॉ. एस जयशंकर
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को भारत-नेपाल साझेदारी की मजबूत नींव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह नींव लोगों के बीच मजबूत आपसी संबंधों, सीमा पार संपर्क और साझा सांस्कृतिक विरासत पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर है।
'विश्वास, सद्भाव पारस्परिक लाभ पर आधारित भारत-नेपाल संबंध'
जयशंकर ने नई दिल्ली में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के साथ बैठक की। इस दौरान अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने कहा, भारत और नेपाल के संबंध बहुत विशेष हैं। यह मजबूत नींव पर आधारित हैं, जिसमें लोगों के बीच जीवंत संबंध, सीमापार जुड़ाव और साझा सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराएं शामिल हैं। यह आपसी विश्वास, सद्भाव और पारस्परिक लाभ पर आधारित है। हमारे द्विपक्षीय संबंध व्यापार, वाणिज्य, निवेश, ऊर्जा, विकास सहयोग, शिक्षा, आपदा प्रतिक्रिया और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में लगातार विकसित हुए हैं।
'भारत ने सुनिश्चित की ईंधन की निर्बाध आपूर्ति'
उन्होंने आगे कहा, आज हमारे पास इसे स्टार्टअप, एआई, सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य जैसे नए क्षेत्रों में और आगे ले जाने का अवसर है। हम अपनी लंबी और अनोखी खुली सीमा के साथ सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी मिलकर काम करते हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बावजूद भारत ने नेपाल को बिना रुकावट ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की है।
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उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध को जो महत्व दिया गया है, वह नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रमुख रवि लामिछाने की हाल की भारत यात्रा के दौरान भी दिखाई दिया है। विदेश मंत्री ने कहा, मैं इस अवसर पर आपकी सरकार की सफलता के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आपकी सरकार के लक्ष्यों और भारत की ओर से पड़ोसी देशों के लिए की गई पहलों के बीच मजबूत समानता है।
ये भी पढ़ें: भांगड़ बम धमाका मामला: 14 दिन की NIA हिरासत में TMC के पूर्व विधायक, दक्षिण 24 परगना से किया गया था गिरफ्तार
'संबंधों की दिशा को निर्णायक रूप से बदलने का अवसर'
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत-नेपाल संबंधों की दिशा को निर्णायक रूप से बदलने और उनकी पूरी क्षमता को प्राप्त करने का एक स्पष्ट अवसर है, जिसे मजबूत सहयोग के माध्यम से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, मैं आज बहुत स्पष्ट और मजबूत संदेश देना चाहता हूं कि सहयोग और साझेदारी आवश्यक है। हमें लगता है कि आज हमारे पास भारत-नेपाल संबंधों की दिशा को निर्णायक रूप से बदलने और उनके पूर्ण संभावनाओं को साकार करने का अवसर है। मुझे विश्वास है कि आज की हमारी चर्चा इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
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'विश्वास, सद्भाव पारस्परिक लाभ पर आधारित भारत-नेपाल संबंध'
जयशंकर ने नई दिल्ली में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के साथ बैठक की। इस दौरान अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने कहा, भारत और नेपाल के संबंध बहुत विशेष हैं। यह मजबूत नींव पर आधारित हैं, जिसमें लोगों के बीच जीवंत संबंध, सीमापार जुड़ाव और साझा सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराएं शामिल हैं। यह आपसी विश्वास, सद्भाव और पारस्परिक लाभ पर आधारित है। हमारे द्विपक्षीय संबंध व्यापार, वाणिज्य, निवेश, ऊर्जा, विकास सहयोग, शिक्षा, आपदा प्रतिक्रिया और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में लगातार विकसित हुए हैं।
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'भारत ने सुनिश्चित की ईंधन की निर्बाध आपूर्ति'
उन्होंने आगे कहा, आज हमारे पास इसे स्टार्टअप, एआई, सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य जैसे नए क्षेत्रों में और आगे ले जाने का अवसर है। हम अपनी लंबी और अनोखी खुली सीमा के साथ सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी मिलकर काम करते हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बावजूद भारत ने नेपाल को बिना रुकावट ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की है।
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उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध को जो महत्व दिया गया है, वह नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रमुख रवि लामिछाने की हाल की भारत यात्रा के दौरान भी दिखाई दिया है। विदेश मंत्री ने कहा, मैं इस अवसर पर आपकी सरकार की सफलता के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आपकी सरकार के लक्ष्यों और भारत की ओर से पड़ोसी देशों के लिए की गई पहलों के बीच मजबूत समानता है।
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'संबंधों की दिशा को निर्णायक रूप से बदलने का अवसर'
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत-नेपाल संबंधों की दिशा को निर्णायक रूप से बदलने और उनकी पूरी क्षमता को प्राप्त करने का एक स्पष्ट अवसर है, जिसे मजबूत सहयोग के माध्यम से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, मैं आज बहुत स्पष्ट और मजबूत संदेश देना चाहता हूं कि सहयोग और साझेदारी आवश्यक है। हमें लगता है कि आज हमारे पास भारत-नेपाल संबंधों की दिशा को निर्णायक रूप से बदलने और उनके पूर्ण संभावनाओं को साकार करने का अवसर है। मुझे विश्वास है कि आज की हमारी चर्चा इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।