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भांगड़ बम धमाका मामला: 14 दिन की NIA हिरासत में TMC के पूर्व विधायक, दक्षिण 24 परगना से किया गया था गिरफ्तार
Sat, 06 Jun 2026 10:17 PM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:17 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के भांगड़ बम धमाके मामले में एनआईए ने टीएमसी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर 14 दिन की हिरासत में भेज दिया है। उन पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है और आशंका जताई गई है कि वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। एनआईए मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। पढ़िए रिपोर्ट-
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शौकत मोल्ला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
विस्तार
पश्चिम बंगाल के भांगड़ बम धमाके मामले में वांछित अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया। यहां से उन्हें 14 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया है। एनआईए ने फरार चल रहे मामले के मुख्य साजिशकर्ता मोल्ला को शुक्रवार को राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया था। हालाांकि,मोल्ला के परिवार का दावा है कि उन्होंने आत्मसमर्पण किया।
एनआईए ने अदालत में दलील दी थी कि मोल्ला क्षेत्र के एक बेहद प्रभावशाली नेता हैं और अगर उन्हें जमानत या राहत दी गई, तो वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
एनआईए ने चलाया तलाशी अभियान
दरअसल, राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले 19 मार्च को बम बनाने के दौरान हुए इस हादसे की जांच को लेकर एनआईए लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। इस धमाके में देशी बम बनाने वालों में से एक की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। एनआईए की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए मामले में चौथे आरोपी तृणमूल के पूर्व विधायक मोल्ला के मुख्य साजिशकर्ता होने का खुलासा हुआ।
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ये भी पढ़ें: विदेश से भारत लौटकर आंदोलन क्यों?: CJP के सूत्रधार अभिजीत कितने तैयार, मौजूदा सिस्टम को चुनौती पर क्या बोले?
जांच के मुताबिक, मोल्ला ने ही दूसरे आरोपियों को बम बनाने के साथ ही धमाके वाली जगह के साथ छेड़छाड़ करने को कहा था। मोल्ला की गिरफ्तारी एक अन्य आरोपी सैन्नूर मोल्ला के पकड़े जाने के कुछ ही वक्त बाद हुई। धमाके के बाद सैन्नूर मोल्ला ने ही अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से मृतक और घायलों को इधर-उधर पहुंचाया था। उसने मृतक और घायलों को पहले एक स्थानीय अस्पताल के बाद फिर दूसरी जगह पहुंचाया और उसके बाद उन्हें एम्बुलेंस को सौंप दिया।
इस मामले में गिरफ्तार एम्बुलेंस ड्राइवर अभी न्यायिक हिरासत में है। मामले से जुड़ी किसी और साजिश का पता लगाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने जांच के लिए यह मामला राज्य पुलिस से अपने हाथ में लिया था।
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एनआईए ने अदालत में दलील दी थी कि मोल्ला क्षेत्र के एक बेहद प्रभावशाली नेता हैं और अगर उन्हें जमानत या राहत दी गई, तो वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
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एनआईए ने चलाया तलाशी अभियान
दरअसल, राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले 19 मार्च को बम बनाने के दौरान हुए इस हादसे की जांच को लेकर एनआईए लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। इस धमाके में देशी बम बनाने वालों में से एक की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। एनआईए की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए मामले में चौथे आरोपी तृणमूल के पूर्व विधायक मोल्ला के मुख्य साजिशकर्ता होने का खुलासा हुआ।
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जांच के मुताबिक, मोल्ला ने ही दूसरे आरोपियों को बम बनाने के साथ ही धमाके वाली जगह के साथ छेड़छाड़ करने को कहा था। मोल्ला की गिरफ्तारी एक अन्य आरोपी सैन्नूर मोल्ला के पकड़े जाने के कुछ ही वक्त बाद हुई। धमाके के बाद सैन्नूर मोल्ला ने ही अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से मृतक और घायलों को इधर-उधर पहुंचाया था। उसने मृतक और घायलों को पहले एक स्थानीय अस्पताल के बाद फिर दूसरी जगह पहुंचाया और उसके बाद उन्हें एम्बुलेंस को सौंप दिया।
इस मामले में गिरफ्तार एम्बुलेंस ड्राइवर अभी न्यायिक हिरासत में है। मामले से जुड़ी किसी और साजिश का पता लगाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने जांच के लिए यह मामला राज्य पुलिस से अपने हाथ में लिया था।