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Parliament Session: पीएम मोदी के आपातकाल वाले बयान पर भड़का विपक्ष, कहा- सरकार मौजूदा मुद्दों पर दें ध्यान
Mon, 24 Jun 2024 05:40 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 24 Jun 2024 05:40 PM IST
सार
Parliament Session: संसद सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी और आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा कहा कि कल 25 जून है। कल भारत के लोकतंत्र पर लगे उस कलंक के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
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पीएम मोदी के आपातकाल वाले बयान पर भड़का विपक्ष
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आपातकाल वाले बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस दौरान विपक्ष ने सरकार के काम करने के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार मौजूदा मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। संसद परिसर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आपातकाल को लेकर कहा कि 25 जून को भारत के लोकतंत्र पर लगे उस कलंक के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत की नई पीढ़ी कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह से नकार दिया गया था, संविधान के हर हिस्से की धज्जियां उड़ा दी गई थीं, देश को जेलखाना बना दिया गया था, लोकतंत्र को पूरी तरह दबा दिया गया था।
भाजपा चला रही अल्पमत की सरकार- मोइत्रा
वहीं प्रधानमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि चुनावों में भाजपा बहुमत हासिल करने में नाकाम रही, क्योंकि देश की जनता जान चुकी है कि ये संविधान के खिलाफ हैं। 303 सीटों से नीचे आकर भाजपा 240 पर पहुंच गई है। वे अल्पमत की सरकार चला रहे हैं। वे कहते थे 400 पार, लेकिन सामान्य तौर पर बहुमत भी हासिल नहीं कर सके। इस पीछे की वजह ये है कि देश की जनता समझ चुकी है कि भाजपा एक तरफ है और संविधान दूसरी तरफ हैं। देश की जनता ने संविधान को चुना है। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार के तहत देश में अघोषित आपातकाल लागू हो गया है। मेरा जन्म तो पहले आपातकाल के दौरान तो नहीं हुआ था लेकिन वे (भाजपा) पिछले 10 साल से देश में अघोषित आपातकाल चला रही है और देश की जनता ने कहा कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
शिवसेना (यूबीटी) और आरएसपी नेता का पलटवार
प्रधानमंत्री के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता अनिल देसाई ने कहा कि आपातकाल का दौर बहुत पहले था और सरकार को अब वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आपातकाल का समय गया लेकिन आज कैसे हालात हैं? कोई भी आपातकाल को याद नहीं करना चाहता है। मैं उम्मीद करता हूं कि बुरे दिन वापस नहीं आएंगे। वहीं आरएसपी नेता एन. के. प्रेमचंद्रन ने भी कहा कि इस समय 1975 के आपातकाल के बारे में बात करना बेमतलब है। वो 1975 में हुआ, तब से 50 साल बीत चुके हैं और ये पूरी तरह अप्रासंगिक है। हम वर्तमान में क्या हो रहा है उसपर बात कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा इस मौके पर 1975 के आपातकाल की बात करना बेमानी है।
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अपनी सलाह का खुद पालन करें पीएम- चंद्रशेखर
इस दौरान आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री को खुद के सलाह का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, इस संसद में ही 140 से ज्यादा सांसदों को निलंबित किया गया और कानून पारित किए गए। उम्मीद है कि ये सरकार जो उतनी लोकप्रिय नहीं है, लोगों की भावनाओं का सम्मान करेगी और कोई कानून नहीं थोपेगी। चंद्रशेखर ने आगे कहा, कि संविधान इस देश की नींव है।
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भाजपा चला रही अल्पमत की सरकार- मोइत्रा
वहीं प्रधानमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि चुनावों में भाजपा बहुमत हासिल करने में नाकाम रही, क्योंकि देश की जनता जान चुकी है कि ये संविधान के खिलाफ हैं। 303 सीटों से नीचे आकर भाजपा 240 पर पहुंच गई है। वे अल्पमत की सरकार चला रहे हैं। वे कहते थे 400 पार, लेकिन सामान्य तौर पर बहुमत भी हासिल नहीं कर सके। इस पीछे की वजह ये है कि देश की जनता समझ चुकी है कि भाजपा एक तरफ है और संविधान दूसरी तरफ हैं। देश की जनता ने संविधान को चुना है। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार के तहत देश में अघोषित आपातकाल लागू हो गया है। मेरा जन्म तो पहले आपातकाल के दौरान तो नहीं हुआ था लेकिन वे (भाजपा) पिछले 10 साल से देश में अघोषित आपातकाल चला रही है और देश की जनता ने कहा कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
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शिवसेना (यूबीटी) और आरएसपी नेता का पलटवार
प्रधानमंत्री के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता अनिल देसाई ने कहा कि आपातकाल का दौर बहुत पहले था और सरकार को अब वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आपातकाल का समय गया लेकिन आज कैसे हालात हैं? कोई भी आपातकाल को याद नहीं करना चाहता है। मैं उम्मीद करता हूं कि बुरे दिन वापस नहीं आएंगे। वहीं आरएसपी नेता एन. के. प्रेमचंद्रन ने भी कहा कि इस समय 1975 के आपातकाल के बारे में बात करना बेमतलब है। वो 1975 में हुआ, तब से 50 साल बीत चुके हैं और ये पूरी तरह अप्रासंगिक है। हम वर्तमान में क्या हो रहा है उसपर बात कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा इस मौके पर 1975 के आपातकाल की बात करना बेमानी है।
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अपनी सलाह का खुद पालन करें पीएम- चंद्रशेखर
इस दौरान आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री को खुद के सलाह का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, इस संसद में ही 140 से ज्यादा सांसदों को निलंबित किया गया और कानून पारित किए गए। उम्मीद है कि ये सरकार जो उतनी लोकप्रिय नहीं है, लोगों की भावनाओं का सम्मान करेगी और कोई कानून नहीं थोपेगी। चंद्रशेखर ने आगे कहा, कि संविधान इस देश की नींव है।