Operation Sindoor: भारतीय सेना ने मारे 100 से अधिक पाकिस्तानी आतंकी; सर्वदलीय बैठक में राजनाथ सिंह ने बताया
भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने जिन नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किए, उसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए हैं। संसद में हुई इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे। इस दौरान विपक्ष के नेताओं को जवाबी कार्रवाई और भविष्य की तैयारियों की जानकारी दी गई।
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद आज संसद में हुई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू- कश्मीर (POJK) में आतंकी ठिकानों पर जो हमले किए, उसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं को भरोसा दिलाया कि अगर पाकिस्तान भारत में हमले करता है तो देश की सेना मुंहतोड़ जवाब देगी।
ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सर्वदलीय बैठक में मौजूद एक सूत्र ने बताया, 'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। सटीक अनुमान लगाना कठिन है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। सरकार विवरण जमा कर रही है। अगर पाकिस्तान हमला करता है तो भारत मुंहतोड़ जवाब देगा।'
बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सभी नेताओं ने परिपक्वता दिखाई और किसी तरह की नोंकझोंक नहीं की। यह बैठक दोनों देशों के तनाव के मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक आम सहमति बनाने के लिए बुलाई गई थी। सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर हमारे सशस्त्र बलों को बधाई दी और बिना किसी असहमति के सरकार को अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
बैठक में हैदराबाद से निर्वाचित ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाने के लिए वे सशस्त्र बलों और सरकार की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने यह भी कहा कि हमें टीआरएफ के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को इसे आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहिए। हमें अमेरिका से भी टीआरएफ को देश में विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए कहना चाहिए।'
इससे पहले दोनों देशों के बीच उपजे तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हम सरकार के साथ हैं। खरगे ने कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनके बारे में हमें गोपनीयता का हवाला देकर जानकारी नहीं दी गई। राहुल गांधी ने कहा कि हमने सरकार को पूरा समर्थन दिया है। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे। इनके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद रहे। इनके अलावा कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में सरकार विपक्ष के नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बाद की जवाबी कार्रवाई और भविष्य की तैयारियों को लेकर जानकारी दे रही है।
कांग्रेस ने सभी तय कार्यक्रम रोके
कांग्रेस ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार को पूरा समर्थन और सेना के साथ एकजुटता दिखाते हुए ‘संविधान बचाओ रैलियों’ समेत पार्टी के सभी तय कार्यक्रम रोक दिए हैं। वहीं तनाव के माहौल में पीएम मोदी ने तीन देशों का दौरा रद्द कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी 13 से 17 मई तक नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड के दौरे पर जाने वाले थे।
सरकार और विपक्ष की आम सहमति- आतंक के खिलाफ लड़ाई में सियासत नहीं#WATCH | Centre holds all-party meeting to brief all political parties on #OperationSindoor pic.twitter.com/q96NZnhUY6
— ANI (@ANI) May 8, 2025
कांग्रेस और एआईएमआईएम के अलावा पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी- डीएमके, ओडिशा में विपक्षी राजनीतिक दल- बीजेडी और बिहार की सत्ता में में भाजपा की राजनीतिक सहयोगी- जनता दल (यूनाइटेड) सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा के इस अतिसंवेदनशील मुद्दे पर सरकार को पूरा सहयोग देने का वादा किया। पार्टी लाइन से परे, राजनीतिक नेताओं ने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में सियासत के लिए कोई जगह नहीं है। सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर हमारे सशस्त्र बलों को बधाई दी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों को लेकर स्थानीय बलों के साथ लगातार संपर्क में हैं। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमलों के बाद पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। रक्षा अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सेना और सुरक्षा बल पाकिस्तान की किसी भी संभावित गलत हरकत के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
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गौरतलब है कि 6 से 7 मई की दरमियानी रात को 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे तक सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। 25 मिनट के इस ऑपरेशन में 24 मिसाइलों के जरिए नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया। इन नौ ठिकानों में से पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे, वहीं चार पाकिस्तान में थे। इन ठिकानों में आतंकियों को भर्ती किया जाता था। उन्हें प्रशिक्षित किया जाता था। इतना ही नहीं भारतीय सेना के इस कार्रवाई में आतंकी मसूद अजहर के परिवार के दस लोगों की मौत हो गई।
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