{"_id":"5e0cef0b8ebc3e87b96e2942","slug":"only-peace-can-be-removed-by-resolving-border-dispute-with-china-says-manoj-mukund-naravane","type":"story","status":"publish","title_hn":"शांति बनाए रखने से ही हो सकता है चीन से सीमा विवाद का हल : जनरल नरवाने","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
शांति बनाए रखने से ही हो सकता है चीन से सीमा विवाद का हल : जनरल नरवाने
Thu, 02 Jan 2020 12:42 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 02 Jan 2020 12:42 AM IST
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नारावाने (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवाने ने बुधवार को उम्मीद जताई कि चीन की सीमा पर शांति और धैर्य बनाए रखने से ही सीमा विवाद का स्थायी अंतिम समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरी मोर्चे पर सैन्य क्षमताओं में बढ़ोतरी की जाएगी। सेना प्रमुख के तौर पर पहला गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद उन्होंने चीन के साथ सीमा विवाद पर कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है। सीमा का हल निकाला जाना बाकी है।
विज्ञापन
हालांकि हमने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने में काफी कामयाबी हासिल की है और इसके लिए हमारी ओर से लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी। इसी तरह शांति से हम किसी अंतिम समाधान तक पहुंचेंगे। सेना प्रमुख बनने से पहले नरवाने चीन से सटी करीब 3488 किमी की सीमा की सुरक्षा करने वाली ईस्टर्न कमांड के प्रमुख रह चुके हैं। भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद दशकों से चला आ रहा है। चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा जताता है जबकि भारत इसका विरोध करता आ रहा है।
विज्ञापन
सेना का आधुनिकीकरण प्राथमिकता
जनरल नरवाने ने कहा कि उनके नेतृत्व में किसी भी ऑपरेशन के लिए तैयार रहने और उसे अत्याधुनिक बनाना सेना की शीर्ष प्राथमिकताओं में से अहम हैं। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता किसी भी चुनौती के लिए तैयार रहना और हर वक्त ऑपरेशन के लिए खुद को तैयार रखना है। यह आधुनिकीकरण के परिणामस्वरूप संभव होगा। हम देश के उत्तर और उत्तर-पूर्व क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने में लगातार लगे हुए हैं।
विज्ञापन
मानवाधिकारों का सम्मान करती है सेना
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना मानवाधिकारों का विशेष तौर पर सम्मान करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम आम लोगों के बीच सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान देंगे। देश को सुरक्षा के मोर्च पर आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि देश की तीनों सेनाएं थल, नौ और वायुसेना देश की रक्षा के हर वक्त और हमेशा तैयार हैं। उन्होंने लोगों को नए साल की शुभकामना भी दी और उम्मीद जताई कि इस दशक में देश में बहुत अधिक प्रगति करेगा।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
जनरल नरवाने ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह अमर जवान ज्योति भी गए।
मंगलवार को संभाला है कार्यभार
जनरल नरवाने ने मंगलवार को ही थल सेना के 28वें प्रमुख के तौर पर पदभार ग्रहण किया है। उन्होंने सेवानिवृत्त जनरल बिपिन रावत की जगह ली है जिन्हें चीफ ऑफ डिफेंस नियुक्त किया गया है। जनरल नरवाने सेना प्रमुख बनने से पहले सेना में उपप्रमुख थे।