केवल 0.56 फीसदी मरीजों को पड़ रही वेंटीलेटर की जरुरत, 1.9 फीसदी को चाहिए आईसीयू की मदद
- दिल्ली के कुल मरीजों में गंभीर रोगियों की संख्या काफी कम
- कुल 6923 कोरोना मामलों इस समय 4781 सक्रिय, इनमें से 1476 को कोविड अस्पतालों में कराना पड़ा भर्ती
- केवल 27 को पड़ी वेंटीलेटर की जरुरत, 91 को आईसीयू की लेनी पड़ी मदद भर्ती
विस्तार
राजधानी दिल्ली के कुल कोरोना पीड़ितों में गंभीर लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बेहद कम है। रविवार तक के कुल 6923 मरीजों में केवल 1476 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है। इनमें से केवल 27 लोगों यानी लगभग 0.56 फीसदी को ही वेंटीलेटर का सपोर्ट लेना पड़ा है, जबकि केवल 1.90 फीसदी या कुल 91 लोगों को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग के लिहाज से यह खबर काफी अच्छी हो सकती है क्योंकि राजधानी में वेंटीलेटरों की संख्या और आईसीयू सुविधा को लेकर काफी चिंता व्यक्त की जा रही थी।
दिल्ली वालों के लिहाज से यह आंकड़ा भी काफी राहत देने वाला है कि यहां स्वस्थ होने वालों की संख्या 2069 है जो कुल का लगभग 29.88 फीसदी होती है। यहां मरने वालों की संख्या 73 है जो कुल कोरोना पीड़ितों का 1.05 फीसदी है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर भी यह आंकड़ा लगभग 3.3 फीसदी के करीब बना हुआ है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि दिल्ली के 6923 मामलों में केवल 1476 लोग ही ऐसे हैं जिन्हें अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती होना पड़ा है। बाकी के मामले हल्के (या माइल्ड) लक्षणों वाले थे। इन लोगों को क्वारंटीन सेंटरों या उनके घरों में रखकर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती लोगों में भी केवल 91 को आईसीयू में और केवल 27 लोगों को वेंटीलेटर पर रखने की आवश्यकता पड़ी है।
मई-जून में सर्वोच्च
बीएलके अस्पताल के डॉक्टर संदीप नायर ने कहा कि कई विशेषज्ञों का अनुमान है कि मई-जून माह में कोरोना का संक्रमण अब तक के अपने सबसे तेज वेग में सामने आ सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह आंकड़ा और तेजी के साथ आगे बढ़ सकता है। लेकिन वेंटीलेटर और आईसीयू की जरुरत बेहद कम मरीजों को पड़ रही है। इस तरह अगर स्थिति गंभीर होती है तो भी हम लोगों को क्वालिटीपूर्ण स्वास्थ्यसेवा देने में सक्षम रहेंगे। दिल्ली के लिहाज से यह अच्छी खबर है।
इस तरह कोरोना ने पसारे पांव
दिल्ली में दो मार्च को कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था। तब से आज तक यानी 70 दिनों के बाद राजधानी में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 6923 तक पहुंच गई है। कोरोना को पहले एक हजार का आंकड़ा क्रॉस करने में (11 अप्रैल को 1069) पूरे 41 दिन का समय लगा था, जबकि 5 मई को 5104 से आठ मई तक 6318 तक पहुंचने में केवल चार दिन का समय लगा है। एक बार फिर यह तीन से चार दिनों के बीच सात हजार की संख्या पार करने के करीब पहुंच गया है।
दिल्ली में कोरोना के मामलों की संख्या-
- दो मार्च को पहला केस
- 11 अप्रैल- कुल केस- 1069, मौत- 19, कुल टेस्ट हुए- 11709
- 19 अप्रैल- कुल केस- 2003, मौत- 45, कुल स्वस्थ हुए- 290, कुल टेस्ट हुए- 24387
- 27 अप्रैल- कुल केस- 3108, मौत- 54, कुल स्वस्थ हुए- 877, कुल टेस्ट हुए- 39911
- 2 मई- कुल केस- 4122, मौत- 64, कुल स्वस्थ हुए- 1256, कुल टेस्ट हुए- 58,210
- 5 मई- कुल केस- 5104, मौत- 64, कुल स्वस्थ हुए- 1468, कुल टेस्ट हुए- 67852
- 10 मई- कुल केस- 6923, कुल स्वस्थ हुए- 2069, कुल टेस्ट हुए- 93810