कैसा रहा केजरीवाल सरकार का एक साल? आप ने बताया बेस्ट तो भाजपा ने लगाया दिल्ली बर्बाद करने का आरोप
- दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर आम आदमी पार्टी सरकार ने यमुना को तीन साल में साफ करने का अपना वायदा दोहराया
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अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा कर लिया है। इस दौरान सरकार ने अपने कई लोक लुभावन वायदे पूरे किए हैं जिससे उसकी लोकप्रियता बढ़ी है। मुफ्त बिजली-पानी देने, महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने से लेकर प्रशासन के कामों में पारदर्शिता लाकर सरकार ने लोगों को दिलों में अपने लिए जगह बनाई है। शिक्षा-स्वास्थ्य के उसके कामों को बड़े स्तर पर प्रशंसा मिली है। कोरोना काल में लोगों की मदद करने की कठिन परीक्षा में भी वह बेहतर साबित हुई है। हालांकि, भाजपा ने इस दौरान उसके लगातार फेल होने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की हालत खराब की है।
अपने कार्यकाल के एक साल पूरा करने पर स्वयं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सामने आए और उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने सरकार का काम देखकर उन्हें दोबारा अवसर दिया है। इस अवसर का उपयोग उन्होंने दिल्ली की जनता की बेहतरी के लिए किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को दुनिया के बेहतरीन शहरों में शुमार करने के लिए वे लगातार काम करते रहेंगे। कोरोना काल में अपनी सरकार के कामकाज के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस दौरान बेहतरीन काम किया और गरीब लोगों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने दी गई।
भाजपा ने लगाया आरोप
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार के कामकाज में दिल्ली की स्थिति लगातार खराब हुई है। सरकार ने इस दौरान कोई भी ऐसा काम नहीं किया है जिसके ऊपर दिल्ली के लोग गर्व कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने लोगों से वायदा किया था कि वे लोगों को मुफ्त वाई-फाई, लाखों सीसीटीवी और अन्य सुविधाएं प्रदान करेंगे। लेकिन दिल्ली की वर्तमान स्थिति यह है कि लोग वाई-फाई कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं।
आदेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ईमानदार राजनीति का वायदा करके सत्ता में आए थे, लेकिन उनके विधायकों और अन्य नेताओं के कारण भ्रष्टाचार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने एमसीडी को उसका पैसा न देकर बेहद गलत राजनीति का परिचय दिया है।
भाजपा नेता ने कहा कि पूरे देश ने देखा है कि अरविंद केजरीवाल सरकार कोरोना की स्थिति संभालने में असफल हो रही थी और इस कारण केंद्र सरकार को दखल देना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने दखल कर दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं को न बढ़ाया होता तो महामारी में दिल्ली को बड़ा संकट झेलना पड़ सकता था। ऐसे में दिल्ली सरकार को अपनी उस असफलता को स्वीकार करना चाहिए।
यमुना पर राजनीति न करें केजरीवाल: प्रवीण शंकर कपूर
अरविंद केजरीवाल सरकार के एक साल पूरा करने पर दिल्ली कैबिनेट के मंत्री सत्येंद्र जैन ने यमुना को तीन सालों के अंदर स्वच्छ करने का वायदा दोहराया। भाजपा ने मंत्री के इस वायदे पर करारा प्रहार किया है। भाजपा नेता प्रवीन शंकर कपूर ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली के लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है।उसने अपने अनेक वायदे कर पूरे नहीं किए जिससे लोगों में निराशा बढ़ी है। सरकार को कम से कम यमुना के मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
कपूर ने कहा कि दिल्ली के लोगों को वह दिन अच्छी तरह याद है जब अरविंद केजरीवाल ने यमुना के घाट पर थोड़ी सी सफाई करवाकर पूजा किया था।
उन्होंने वायदा किया था कि यमुना जल्दी ही साफ-सुधरी हो जाएगी और लोग यहां पर यमुना आरती का दर्शन करने आएंगे। लेकिन अब केजरीवाल सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने सरकार के उसी वायदेे को दुहराया है और अगले तीन साल में यमुना साफ करने की बात कही है। मंत्री का यह बयान ही साबित करता है कि अरविंद केजरीवाल सरकार अपना पुराना वायदा निभाने में नाकाम रही है। अरविंद सरकार को कम से कम यमुना के मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।