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Maharashtra: राउत ने 'एक देश एक चुनाव' पर सरकार को घेरा; बांग्लादेश मुद्दे पर उद्धव ने पीएम मोदी से पूछे सवाल
Fri, 13 Dec 2024 03:25 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 13 Dec 2024 03:25 PM IST
सार
कांग्रेस के कई सांसदों ने एक राष्ट्र एक चुनाव लाने के प्रस्तावित कदम पर आपत्ति व्यक्त की। पार्टी के मुख्य नेताओं ने इसे लेकर सवाल भी उठाए।
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संजय राउत, उद्धव ठाकरे
- फोटो : PTI
विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक की आलोचना की। उन्होंने बताया कि इस विधेयक में अपर्याप्त शोध और संशोधन किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी के 2029 तक प्रधानमंत्री बने रहने की क्षमता पर भी सवाल उठाया। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। संजय राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र और दिल्ली में सरकार लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए बनी हैं।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, इसके बारे में कोई उचित संशोधन या शोध नहीं किया गया था। मोदी जी हमेशा अपने मन की बात करते हैं। वह कभी नहीं सोचते कि विपक्ष में लोगों के मन में क्या चल रहा है। मुझे संदेह है कि मोदी जी 2029 तक प्रधानमंत्री पद पर रहेंगे भी या नहीं। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। महाराष्ट्र और दिल्ली में आपकी सरकार लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बल्कि ईवीएम के जरिए बनी हैं।
कांग्रेस के सांसदों ने जताई आपत्ति
कांग्रेस के कई सांसदों ने एक राष्ट्र एक चुनाव लाने के प्रस्तावित कदम पर आपत्ति व्यक्त की। पार्टी के मुख्य नेताओं ने इसे लेकर सवाल भी उठाए। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ल ने कहा, मुझे सुनने में आया कि एक राष्ट्र एक चुनाव को समिति में भेजा जाएगा। एक राष्ट्र एक चुनाव पर चर्चा जरूरी है। मुझे नहीं लगता कि इससे हर दिन चुनाव न कराने का लक्ष्य पूरा हो सकेगा, क्योंकि इससे विधानसभाएं भंग हो जाएगी। जब तक यह प्रावधान नहीं आएगा कि विधानसभाएं पांच वर्षों के लिए भंग नहीं होगी, तब ही एक राष्ट्र एक चुनाव का कोई मतलब होगा।
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कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आलोचना करते हुए कहा, भाजपा के पास भी लोकसभा या राज्यसभा में दो तिहाई सीट नहीं है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि किस आधार पर रामनाथ कोविंद कह रहे हैं कि जीडीपी 1.5 फीसदी बढ़ेगी। मैं उन्हें बहुत अच्छे से जानता हूं। वे कोई अर्थशास्त्री नहीं है। जेडीयू सांसद संजय झा ने इस विधेयक का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि देश में बार बार चुनावों के कारण विकास कार्य नहीं रुकेगा।
बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 'एक देश, एक चुनाव' विधेयक को मंजूरी दे दी। इससे पहले सितंबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'एक देश, एक चुनाव' को लेकर बनी कोविंद समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले 2019 में 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक देश एक चुनाव के अपने विचार को आगे बढ़ाया था। उन्होंने कहा था कि देश के एकीकरण की प्रक्रिया हमेशा चलती रहनी चाहिए। 2024 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी प्रधानमंत्री ने इस पर विचार रखा था।
बांग्लादेश मुद्दे पर उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी को घेरा
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को संसद में बताना चाहिए कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए भारत क्या कदम उठा रहा है। भाजपा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि उनका (पीएम मोदी) हिंदुत्व केवल वोटों के लिए है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों में तोड़फोड़ की जा रही है। पिछले कुछ महीनों में अल्पसंख्यक हिंदुओं को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं, लेकिन पड़ोसी देश में हिंदुओं का क्या? प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा, पीएम मोदी को संसद को बताना चाहिए कि भारत बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा दिया तो उन्हें बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार भी रोकना चाहिए।
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शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, इसके बारे में कोई उचित संशोधन या शोध नहीं किया गया था। मोदी जी हमेशा अपने मन की बात करते हैं। वह कभी नहीं सोचते कि विपक्ष में लोगों के मन में क्या चल रहा है। मुझे संदेह है कि मोदी जी 2029 तक प्रधानमंत्री पद पर रहेंगे भी या नहीं। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। महाराष्ट्र और दिल्ली में आपकी सरकार लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बल्कि ईवीएम के जरिए बनी हैं।
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कांग्रेस के सांसदों ने जताई आपत्ति
कांग्रेस के कई सांसदों ने एक राष्ट्र एक चुनाव लाने के प्रस्तावित कदम पर आपत्ति व्यक्त की। पार्टी के मुख्य नेताओं ने इसे लेकर सवाल भी उठाए। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ल ने कहा, मुझे सुनने में आया कि एक राष्ट्र एक चुनाव को समिति में भेजा जाएगा। एक राष्ट्र एक चुनाव पर चर्चा जरूरी है। मुझे नहीं लगता कि इससे हर दिन चुनाव न कराने का लक्ष्य पूरा हो सकेगा, क्योंकि इससे विधानसभाएं भंग हो जाएगी। जब तक यह प्रावधान नहीं आएगा कि विधानसभाएं पांच वर्षों के लिए भंग नहीं होगी, तब ही एक राष्ट्र एक चुनाव का कोई मतलब होगा।
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कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आलोचना करते हुए कहा, भाजपा के पास भी लोकसभा या राज्यसभा में दो तिहाई सीट नहीं है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि किस आधार पर रामनाथ कोविंद कह रहे हैं कि जीडीपी 1.5 फीसदी बढ़ेगी। मैं उन्हें बहुत अच्छे से जानता हूं। वे कोई अर्थशास्त्री नहीं है। जेडीयू सांसद संजय झा ने इस विधेयक का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि देश में बार बार चुनावों के कारण विकास कार्य नहीं रुकेगा।
बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 'एक देश, एक चुनाव' विधेयक को मंजूरी दे दी। इससे पहले सितंबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'एक देश, एक चुनाव' को लेकर बनी कोविंद समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले 2019 में 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक देश एक चुनाव के अपने विचार को आगे बढ़ाया था। उन्होंने कहा था कि देश के एकीकरण की प्रक्रिया हमेशा चलती रहनी चाहिए। 2024 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी प्रधानमंत्री ने इस पर विचार रखा था।
बांग्लादेश मुद्दे पर उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी को घेरा
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को संसद में बताना चाहिए कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए भारत क्या कदम उठा रहा है। भाजपा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि उनका (पीएम मोदी) हिंदुत्व केवल वोटों के लिए है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों में तोड़फोड़ की जा रही है। पिछले कुछ महीनों में अल्पसंख्यक हिंदुओं को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं, लेकिन पड़ोसी देश में हिंदुओं का क्या? प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा, पीएम मोदी को संसद को बताना चाहिए कि भारत बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा दिया तो उन्हें बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार भी रोकना चाहिए।
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