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शर्मनाक: दुनिया में एक अरब महिलाएं बचपन में यौन हिंसा की शिकार, भारत में हर चौथी महिला ने झेली यौन प्रताड़ना
Thu, 11 Dec 2025 05:18 AM IST
लव गौर
एजेंसी
एजेंसी
Published by: लव गौर
Updated Thu, 11 Dec 2025 05:18 AM IST
सार
एक चौंकाने वाली खबर में सामने आया है कि दुनिया में एक अरब महिलाएं बचपन में यौन हिंसा की शिकार हुई हैं। लैंसेट की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर चौथी महिला ने यौन प्रताड़ना झेली है।
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महिलाएं यौन शोषण का शिकार
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
दुनियाभर में एक अरब से अधिक महिलाएं बचपन में यौन हिंसा का शिकार हुई हैं। लैंसेट ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि साल 2023 में यौन हिंसा झेलने वालों में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग शामिल था। वहीं, 60.8 करोड़ महिलाएं भी अपने जीवन में कभी न कभी अनके पार्टनर ने ही प्रताड़ित किया।
रिपोर्ट के अनुसार सब-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया इन हिंसाओं का सबसे बड़ा केंद्र हैं, जहां हिंसा के साथ एचआईवी और अन्य बीमारियों का खतरा भी ज्यादा है। रिपोर्ट में इन मामलों में भारत की स्थिति को भी चिंताजनक बताया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 23 फीसदी महिलाओं ने पार्टनर हिंसा झेली, जबकि 30 फीसदी महिलाएं और 13 फीसदी पुरुष बचपन में यौन हिंसा का सामना कर चुके हैं। यह हिंसा सिर्फ सामाजिक या अपराध का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है।
साल 2023 में दुनिया में पार्टनर की प्रताड़ना से 145,000 मौतें
साल 2023 में दुनिया में पार्टनर की प्रताड़ना से 145,000 मौतें, जबकि बचपन की यौन हिंसा से जुड़े मामलों में 2.9 लाख मौतें दर्ज हुईं। मानसिक रोग, अवसाद, नशे की लत और आत्महत्या के खतरे इन हिंसाओं से गहरे जुड़े पाए गए। विशेषज्ञों ने कहा, कानूनी ढांचे मजबूत करने, जेंडर समानता और पीड़ितों के लिए सपोर्ट सिस्टम बढ़ाने की तत्काल जरूरत है।
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बल्कि स्वास्थ्य पर भी संकट
विशेषज्ञों ने कहा कि यह मानवाधिकार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य पर भी संकट है। टीम की प्रमुख डॉ. लुइसा फ्लोर ने कहा कि इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि घरेलू और यौन हिंसा को केवल सामाजिक या कानूनी मुद्दा मानना गलत है। यह बड़े पैमाने पर पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी है। जिसके समाधान के लिए मजबूत कानून, लिंग समानता और पीड़ितों के सपोर्ट सिस्टम को बढ़ाना जरूरी है।
ये भी पढ़ें: चिंताजनक: कुपोषण, अवरुद्ध विकास से हर साल होती है 10 लाख बच्चों की मौत, बना बड़ा वैश्विक जोखिम
डब्ल्यूएचओ ने भी किया था जिक्र
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी नवंबर, 2023 की अपनी रिपोर्ट में कहा था कि भारत में 15–49 वर्ष की हर पांचवीं महिला पार्टनर हिंसा का शिकार है। दुनियाभर में करीब 84 करोड़ महिलाएं अपने जीवन में कभी न कभी यौन हिंसा झेल चुकी हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार सब-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया इन हिंसाओं का सबसे बड़ा केंद्र हैं, जहां हिंसा के साथ एचआईवी और अन्य बीमारियों का खतरा भी ज्यादा है। रिपोर्ट में इन मामलों में भारत की स्थिति को भी चिंताजनक बताया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 23 फीसदी महिलाओं ने पार्टनर हिंसा झेली, जबकि 30 फीसदी महिलाएं और 13 फीसदी पुरुष बचपन में यौन हिंसा का सामना कर चुके हैं। यह हिंसा सिर्फ सामाजिक या अपराध का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है।
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साल 2023 में दुनिया में पार्टनर की प्रताड़ना से 145,000 मौतें
साल 2023 में दुनिया में पार्टनर की प्रताड़ना से 145,000 मौतें, जबकि बचपन की यौन हिंसा से जुड़े मामलों में 2.9 लाख मौतें दर्ज हुईं। मानसिक रोग, अवसाद, नशे की लत और आत्महत्या के खतरे इन हिंसाओं से गहरे जुड़े पाए गए। विशेषज्ञों ने कहा, कानूनी ढांचे मजबूत करने, जेंडर समानता और पीड़ितों के लिए सपोर्ट सिस्टम बढ़ाने की तत्काल जरूरत है।
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बल्कि स्वास्थ्य पर भी संकट
विशेषज्ञों ने कहा कि यह मानवाधिकार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य पर भी संकट है। टीम की प्रमुख डॉ. लुइसा फ्लोर ने कहा कि इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि घरेलू और यौन हिंसा को केवल सामाजिक या कानूनी मुद्दा मानना गलत है। यह बड़े पैमाने पर पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी है। जिसके समाधान के लिए मजबूत कानून, लिंग समानता और पीड़ितों के सपोर्ट सिस्टम को बढ़ाना जरूरी है।
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डब्ल्यूएचओ ने भी किया था जिक्र
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी नवंबर, 2023 की अपनी रिपोर्ट में कहा था कि भारत में 15–49 वर्ष की हर पांचवीं महिला पार्टनर हिंसा का शिकार है। दुनियाभर में करीब 84 करोड़ महिलाएं अपने जीवन में कभी न कभी यौन हिंसा झेल चुकी हैं।