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Hindi News ›   India News ›   On Hindi Diwas know how many speakers of Hindi are distributed in North East South and NorthEast India From UP to Tamil Nadu native speakers

विशेष: हिंदी बोलने वाले 90 फीसदी से ज्यादा लोग 12 राज्यों से, बाकी राज्यों में सिर्फ इतनी आबादी की भाषा है हिंदी

Tue, 14 Sep 2021 04:06 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 14 Sep 2021 04:06 AM IST
सार

भारत में हिंदी को पहली भाषा के तौर पर इस्तेमाल करने वालों की सबसे कम संख्या दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत में है। लक्षद्वीप में सिर्फ 0.2 फीसदी लोग हिंदी बोलते हैं। वहीं, मिजोरम में 0.97 फीसदी आबादी ही बोलचाल में हिंदी का इस्तेमाल करती है।

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On Hindi Diwas know how many speakers of Hindi are distributed in North East South and NorthEast India From UP to Tamil Nadu native speakers
हिंदी का सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर भारत में है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत में आज हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। अगर आंकड़ों के आधार पर बात करें तो अंग्रेजी, स्पैनिश और मंदारिन के बाद हिंदी दुनिया में चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। सिर्फ भारत ही नहीं, हिंदी बोलने और लिखने वाले लोग इस वक्त फिजी से लेकर नेपाल और दक्षिण अफ्रीका तक मिल जाएंगे। हालांकि, हिंदीभाषियों को बड़ा जमावड़ा भारत में ही है। वह भी अधिकतर आबादी उत्तर भारत में ही बसी है। आखिरी जनगणना के डाटा को आधार बनाएं तो देश में करीब 43.63 फीसदी जनता की पहली भाषा हिंदी पाई गई। यानी आज से 10 साल पहले देश के 125 करोड़ लोगों में से लगभग 53 करोड़ लोग हिंदी को ही मातृभाषा मानते थे।
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भारत में हिंदी भाषा बोलने वालों की संख्या बढ़ी, बाकियों की घटी

मजेदार बात यह है कि इस जनगणना के आंकड़ों में यह साफ हुआ था कि 1971 से 2011 के बीच हिंदी बोलने वालों की संख्या में 6 फीसदी का इजाफा हुआ, जबकि बाकी सभी भाषाओं को जानने वालों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। यानी हर दशक में हिंदी जानने वालों की संख्या औसतन 1.5 फीसदी की दर से बढ़ी। अगर पिछले एक दशक में हुई बढ़ोतरी के बाद भारत की आबादी 138 करोड़ तक पहुंचने के अनुमान को सही मान लिया जाए तो इस वक्त हिंदी बोलने वालों की संख्या तकरीबन 80 लाख तक बढ़ी होगी। यानी इतनी आबादी में करीब 54 करोड़ लोगों के हिंदी जानने का अनुमान है। 
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उत्तर भारत के दो राज्यों में हिंदी पहली भाषा नहीं

अगर पिछली जनगणना के राज्यवार भाषाई आंकड़े को देखा जाए तो पता लगता है कि कुल हिंदीभाषियों में 90 फीसदी से ज्यादा जनसंख्या भारत के 12 राज्यों में ही है। इनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश सबसे ऊपर हैं। बाकी बची आबादी मध्य भारत से लेकर दक्षिण भारत में छिटपुट बिखरी है। इन चार राज्यों के अलावा राजस्थान (89 फीसदी), छत्तीसगढ़ (83 फीसदी), बिहार (77.52 फीसदी) और झारखंड (61.94 फीसदी) चार ऐसे राज्य हैं, जहां हिंदी जानने वालों की अच्छी-खासी संख्या है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत और तटीय क्षेत्रों से जुड़े ज्यादातर राज्यों में हिंदी का प्रभाव काफी कम है। उधर, उत्तर भारत के दो राज्यों पंजाब (9.35 फीसदी) और जम्मू-कश्मीर (2011 में 20.8 फीसदी) में भी हिंदी बोलने वालों की संख्या गिनी-चुनी ही है। 
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उत्तर भारत से नीचे जाते ही हिंदी का वर्चस्व कम

देश के ज्यादातर लोगों का मानना है कि मध्य भारत में भी हिंदी एक प्रमुख भाषा है। हालांकि, आंकड़े चौंकाते हैं, क्योंकि देश के सिर्फ 12 राज्यों में ही हिंदी को मुख्य भाषा के तौर पर चुना गया (2011 के आंकड़ों में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश साथ शामिल)। इतना ही नहीं, पश्चिम भारत में गुजरात और मध्य भारत के महाराष्ट्र में भी काफी कम संख्या में लोग हिंदी को अपनी पहली भाषा बताते हैं। गुजरात में प्राथमिक तौर पर हिंदी बोलने वालों का आंकड़ा राज्य की जनसंख्या के मुकाबले 7 फीसदी से कुछ ज्यादा है। वहीं, महाराष्ट्र में यह संख्या 12 फीसदी के करीब है। उधर, पश्चिम बंगाल (6.96 फीसदी), गोवा (10.28 फीसदी) और असम (6.73 फीसदी) में भी पहली भाषा के तौर पर हिंदी को चिह्नित करने वाले लोगों की संख्या बेहद कम है।

दक्षिण भारत के राज्यों में क्या है हिंदी का हाल?

भारत में हिंदी को पहली भाषा के तौर पर इस्तेमाल करने वालों की सबसे कम संख्या दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत में है। लक्षद्वीप में सिर्फ 0.2 फीसदी लोग हिंदी बोलते हैं। वहीं, पुडुचेरी में 0.51 फीसदी, तमिलनाडु में 0.54 फीसदी और केरल में 0.15 फीसदी लोग ही हिंदी को प्रथम भाषा मानते हैं। इसके अलावा कर्नाटक में 3.29 फीसदी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना मिलाकर 3.6 फीसदी लोग ही हिंदी को बोलचाल की भाषा के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। पूर्वी राज्य ओडिशा में सिर्फ 2.95 फीसदी लोग हिंदी वक्ता हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में हिंदी में नहीं होती बातचीत

हिंदी बोलने वाले राज्यों में पूर्वोत्तर भी काफी पीछे है। सिक्किम में सिर्फ 7.9 फीसदी, अरुणाचल में 7.09 फीसदी, नगालैंड में 3.18 फीसदी तो त्रिपुरा में 2.11 फीसदी लोग ही हिंदी बोलते हैं। इसके अलावा मिजोरम में 0.97 फीसदी, मणिपुर में 1.11 फीसदी लोग ही हिंदी का इस्तेमाल करते हैं। असम में भी सिर्फ 6.73 फीसदी लोग ही हिंदी बोलते हैं। 
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