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दाना मांझी के लिए आगे आए बहरीन के PM, 8.9 लाख रुपए की दी मदद
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 16 Sep 2016 09:00 AM IST
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दाना मांझी
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ओडिशा के कालाहांडी में पत्नी की लाश कंधे पर लेकर तकरीबन 12 किमी चलने वाले दाना मांझी को अब विदेश से आर्थिक मदद मिली है। बहरीन के प्रधानमंत्री प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल खलीफा ने उन्हें 8.9 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी है। यह चेक उन्हें गुरुवार को मिला।
पैसे का चेक लेने के लिए दाना मांझी दिल्ली में बहरीन के एंबेसी पहुंचे थे। उन्हें एयर इंडिया की फ्लाइट से भुवनेश्वर से दिल्ली लाया गया था। बताते चलें कि एक बहरीन दीनार 178 रुपए के बराबर होता है।
इस दौरान दाना मांझी ने बताया कि वह पैसों को बचाकर रखेंगे और उसका उपयोग बेटियों के लिए करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनकी बेटियों को अच्छी शिक्षा और नौकरी मिलेगी।
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बताते चलें कि दाना मांझी की 42 साल की पत्नी को टीबी हो गया था। इलाज के लिए उन्हें भवानीपटना के जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मांझी ने शव को चटाई और चादर में लपेट कर अपने कंधे पर लेकर गांव की ओर चल पड़ा था। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी भी साथ थ। पत्नी को कंधे पर ले जाते मांझी की तस्वीर और वीडियो मीडिया में वायरल हो गया। इसके बाद से इस विषय पर बड़ा विवाद हुआ था।
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पैसे का चेक लेने के लिए दाना मांझी दिल्ली में बहरीन के एंबेसी पहुंचे थे। उन्हें एयर इंडिया की फ्लाइट से भुवनेश्वर से दिल्ली लाया गया था। बताते चलें कि एक बहरीन दीनार 178 रुपए के बराबर होता है।
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इस दौरान दाना मांझी ने बताया कि वह पैसों को बचाकर रखेंगे और उसका उपयोग बेटियों के लिए करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनकी बेटियों को अच्छी शिक्षा और नौकरी मिलेगी।
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बताते चलें कि दाना मांझी की 42 साल की पत्नी को टीबी हो गया था। इलाज के लिए उन्हें भवानीपटना के जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मांझी ने शव को चटाई और चादर में लपेट कर अपने कंधे पर लेकर गांव की ओर चल पड़ा था। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी भी साथ थ। पत्नी को कंधे पर ले जाते मांझी की तस्वीर और वीडियो मीडिया में वायरल हो गया। इसके बाद से इस विषय पर बड़ा विवाद हुआ था।
कई संस्थाओं ने भी किया मदद
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- फोटो : otv
मांझी को जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 75 हजार रुपए दिए हैं। प्रशासन ने उनकी तीनों लड़कियों का सरकारी स्कूल में एडमिशन भी करा दिया है। वहीं, रेड क्रॉस सोसायटी ने 50 हजार रुपए देने का वादा किया है।
शुलभ इंटरनेशनल ने उनके नाम से एक फिक्स डिपोजिट खोला है। उनकी बेटियों के लिए हर महीने 10 हजार रुपए देने की बात की गई है। यह भी बताया जा रहा है कि एक अनजान शख्स ने उनके बैंक अकाउंट में 80 हजार रुपए जमा करवा दिए हैं।
शुलभ इंटरनेशनल ने उनके नाम से एक फिक्स डिपोजिट खोला है। उनकी बेटियों के लिए हर महीने 10 हजार रुपए देने की बात की गई है। यह भी बताया जा रहा है कि एक अनजान शख्स ने उनके बैंक अकाउंट में 80 हजार रुपए जमा करवा दिए हैं।