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OBC Survey: बिहार के बाद अब ओडिशा भी शुरू करेगा ओबीसी सर्वेक्षण, भाजपा ने कहा- वोट बैंक की राजनीति
Thu, 02 Mar 2023 04:05 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 02 Mar 2023 04:05 PM IST
सार
बिहार के बाद ओडिशा पिछड़े वर्ग के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों पर आंकड़े एकत्र करने वाला दूसरा राज्य होगा। आगामी चुनावों से पहले इस कदम को विपक्षी दलों द्वारा पिछड़े वर्गों के मतदाताओं को आकर्षित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
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नवीन पटनायक (फाइल फोटो)
- फोटो : फेसबुक
विस्तार
अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) को उचित सुविधाओं से वंचित करने के आरोपों के बीच ओडिशा सरकार ने फैसला किया है कि वह राज्य में ओबीसी के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए सर्वेक्षण कराएगी। सर्वेक्षण की प्रक्रिया 12 जुलाई तक पूरी होगी। बिहार के बाद ओडिशा पिछड़े वर्ग के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों पर आंकड़े एकत्र करने वाला दूसरा राज्य होगा।
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2024 के लोकसभा और ओडिशा विधानसभा चुनावों से पहले इस कदम को विपक्षी दलों द्वारा पिछड़े वर्गों के मतदाताओं को आकर्षित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य की आबादी का करीब 54 फीसदी हैं।
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कोरोना महामारी के चलते स्थगित करना पड़ा फैसला
राज्य सरकार का कहना है कि सर्वेक्षण राज्य में पिछड़ी जातियों के लिए प्रभावी नीति बनाने में मदद करेगा, जिससे उनके सामाजिक-आर्थिक विकास को सुनिश्चित किया जा सकेगा। अधिकारियों ने कहा, राज्य की बीजद सरकार ने पहले ओडिशा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (ओएससीबीसी) का गठन करने के बाद मई और जून 2021 में सर्वेक्षण करने का फैसला किया था, लेकिन कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण इसे स्थगित करना पड़ा।
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ओएससीबीसी ने ओडिशा में 209 समुदायों की पहचान सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) के रूप में की थी। राज्य मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में राज्य ओबीसी सूची में 21 और जातियों को शामिल करने की मंजूरी की मंजूरी दी गई, जिसके बाद यह संख्या बढ़कर अब 231 हो गई है।
राज्य सरकार के पहले प्रयास को दी गई थी चुनौती
ओबीसी के लिए 27 फीसदी कोटा निर्धारित करने के राज्य सरकार के पहले के प्रयास को ओडिशा प्रशासनिक न्यायाधिकरण में चुनौती दी गई थी, क्योंकि यह 'सार्वजनिक रोजगार में एसटी, एससी और एसईबीसी' के लिए 50 फीसदी की आरक्षण सीमा को पार कर गया था, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित किया गया है। इसे घटाकर 11.25 फीसदी से नीचे लाना पड़ा।
144 निकायों में 12 जुलाई तक पूरी होगी प्रक्रिया
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सचिव वी वी यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने ओबीसी श्रेणी के लोगों की सामाजिक और शैक्षणिक स्थितियों का सर्वेक्षण फिर से शुरू करने के ओएससीबीसी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने नगर निगमों के आयुक्तों और कलेक्टरों को लिखे पत्र में कहा कि राज्य के 114 नगर निकायों के तहत आने वाले सभी 314 ब्लॉकों और क्षेत्रों में सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया 12 जुलाई, 2023 तक पूरी हो जाएगी।
भाजपा ने साधा निशाना, कहा- वोट बैंक की राजनीति
विपक्षी भाजपा ने शिक्षा और रोजगार में ओबीसी के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए उपाय न करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की है। भाजपा विधायक सूर्यवंशी सूरज ने सरकार के इस कदम को वोट बैंक की राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा, आगामी लोकसभा और राज्य चुनावों में ओबीसी वोट हासिल करने के लिए सर्वेक्षण का आदेश दिया गया है। वहीं, कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद बाहिनीपति ने आरोप लगाया कि बीजद सरकार ने पिछले 22 वर्षों में ओबीसी के लिए कुछ नहीं किया। बीजद विधायक स्वरूप दास ने कहा कि ओडिशा सरकार समावेशी विकास में भरोसा करती है।