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Odisha Electricity Crisis: ओडिशा में बिजली संकट ने बढ़ाई सरकार की चिंता? जानें सरकार ने क्यों लागू किया ESMA
Sat, 23 May 2026 02:15 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sat, 23 May 2026 02:15 AM IST
सार
ओडिशा सरकार ने बढ़ती बिजली कटौती और संभावित हड़ताल को देखते हुए बिजली क्षेत्र में ईएसएमए लागू कर दिया है। इसके तहत GRIDCO, OPTCL, OHPC, OPGC और सभी डिस्कॉम कंपनियों में हड़ताल और विरोध प्रदर्शन पर छह महीने तक रोक रहेगी। आइए, विस्तार से जानते हैं...
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किन बिजली कंपनियों और कर्मचारियों पर लागू होगा आदेश?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली कटौती की शिकायतों के बीच ओडिशा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने बिजली क्षेत्र में हड़ताल और विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए ओडिशा एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट यानी ESMA लागू कर दिया है। सरकार का कहना है कि राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और औद्योगिक शांति कायम रखने के लिए यह फैसला जरूरी हो गया था। यह आदेश 21 जून से अगले छह महीने तक लागू रहेगा।
आखिर सरकार को ESMA लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी?
राज्य के कई हिस्सों से लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही थीं। खासकर भुवनेश्वर, कटक और बोलांगीर जैसे इलाकों में लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा था। इसी बीच बिजली विभाग में काम करने वाले अस्थायी और संविदा कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की खबरें भी सामने आईं।
इन मुद्दों पर सरकार की चिंता बढ़ी-
किन बिजली कंपनियों और कर्मचारियों पर लागू होगा आदेश?
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक यह आदेश GRIDCO, OPTCL, OHPC, OPGC और सभी डिस्कॉम कंपनियों पर लागू होगा। सरकार ने साफ किया है कि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण से जुड़े कर्मचारी अब हड़ताल या ऐसे किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, जिससे बिजली सेवाएं प्रभावित हों। अधिकारियों का कहना है कि बिजली सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित कर कानूनी रूप से हड़ताल पर रोक लगा दी गई है।
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उपमुख्यमंत्री ने फैसले को लेकर क्या कहा?
ओडिशा के उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री केवी सिंह ने कहा कि बिजली ओडिशा की प्रगति की रीढ़ है। इससे उद्योग चलते हैं, खेती को ताकत मिलती है और हर घर रोशन होता है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार ने यह निर्णायक कदम उठाया है।
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार का क्या लक्ष्य?
क्या आने वाले दिनों में और सख्ती बढ़ सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी के मौसम में ओडिशा में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में अगर बिजली क्षेत्र में हड़ताल होती तो हालात और खराब हो सकते थे। सरकार फिलहाल किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि ESMA जैसे सख्त कानून का इस्तेमाल किया गया है। आने वाले दिनों में सरकार बिजली आपूर्ति और कर्मचारियों की समस्याओं दोनों पर नजर बनाए रख सकती है।
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आखिर सरकार को ESMA लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी?
राज्य के कई हिस्सों से लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही थीं। खासकर भुवनेश्वर, कटक और बोलांगीर जैसे इलाकों में लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा था। इसी बीच बिजली विभाग में काम करने वाले अस्थायी और संविदा कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की खबरें भी सामने आईं।
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इन मुद्दों पर सरकार की चिंता बढ़ी-
- कर्मचारियों की छंटनी को लेकर नाराजगी।
- वेतन और सेवा शर्तों पर विवाद।
- आउटसोर्सिंग के खिलाफ विरोध।
- बढ़ती गर्मी में बिजली आपूर्ति पर दबाव।
किन बिजली कंपनियों और कर्मचारियों पर लागू होगा आदेश?
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक यह आदेश GRIDCO, OPTCL, OHPC, OPGC और सभी डिस्कॉम कंपनियों पर लागू होगा। सरकार ने साफ किया है कि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण से जुड़े कर्मचारी अब हड़ताल या ऐसे किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, जिससे बिजली सेवाएं प्रभावित हों। अधिकारियों का कहना है कि बिजली सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित कर कानूनी रूप से हड़ताल पर रोक लगा दी गई है।
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उपमुख्यमंत्री ने फैसले को लेकर क्या कहा?
ओडिशा के उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री केवी सिंह ने कहा कि बिजली ओडिशा की प्रगति की रीढ़ है। इससे उद्योग चलते हैं, खेती को ताकत मिलती है और हर घर रोशन होता है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार ने यह निर्णायक कदम उठाया है।
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार का क्या लक्ष्य?
- हर इलाके में निर्बाध बिजली पहुंचाना।
- औद्योगिक शांति बनाए रखना।
- लोगों की आजीविका की रक्षा करना।
- बिजली क्षेत्र को मजबूत और भरोसेमंद बनाना।
क्या आने वाले दिनों में और सख्ती बढ़ सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी के मौसम में ओडिशा में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में अगर बिजली क्षेत्र में हड़ताल होती तो हालात और खराब हो सकते थे। सरकार फिलहाल किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि ESMA जैसे सख्त कानून का इस्तेमाल किया गया है। आने वाले दिनों में सरकार बिजली आपूर्ति और कर्मचारियों की समस्याओं दोनों पर नजर बनाए रख सकती है।