ओडिशा: विपक्ष ने की CM के जापान दौरे की निंदा, कहा- नवीन पटनायक के नेतृत्व में छुट्टियां मना रहा प्रतिनिधिमंडल
भाजपा प्रवक्ता सत्यब्रत पांडा ने आरोप लगाया कि पटनायक के नेतृत्व में राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल पूर्वी एशियाई देश में छुट्टियां मना रहा है। उन्होंने कहा, पटनायक जापान की एक सप्ताह की यात्रा पर गए हैं, लेकिन यह कार्यक्रम वास्तव में पांच-छह घंटे के लिए है।
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सप्ताहभर के लिए जापान दौरे पर हैं। इस बीच, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस यात्रा की आलोचना की है और राज्य सरकार से निप्पॉन स्टील कॉरपोरेशन द्वारा प्रस्तावित संयंत्रों पर स्पष्टीकरण मांगा है। पटनायक ने पूर्वी एशियाई देश की यात्रा सोमवार से शुरू की।
भाजपा प्रवक्ता सत्यब्रत पांडा ने आरोप लगाया कि पटनायक के नेतृत्व में राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल पूर्वी एशियाई देश में छुट्टियां मना रहा है। उन्होंने कहा, पटनायक जापान की एक सप्ताह की यात्रा पर गए हैं, लेकिन यह कार्यक्रम वास्तव में पांच-छह घंटे के लिए है, बाकी समय छुट्टियां मनाने में बीतता है।
दुनिया का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र के दावे पर मांगा स्पष्टीकरण
पटनायक सरकार के इस दावे का जिक्र करते हुए कि निप्पॉन स्टील ने ओडिशा में तीस मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) की उत्पादन क्षमता के साथ दुनिया का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है, भाजपा नेता ने कहा, सरकार को यह स्पष्ट करने की आवश्यकता है कि क्या यह विश्व का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र है। क्या यह केंद्रपाड़ा में 24 एमपीटीए स्टील मिल और जगतपुर में 7 एमपीटीए सुविधा स्थापित करने का पुराना समझौता है।
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भाजपा ने पूछा- क्या यह वही परियोजना है जिसकी चर्चा धर्मेंद्र प्रधान ने की थी?
पांडा ने बताया कि जब धर्मेंद्र प्रधान इस्पात मंत्री थे, तो उन्होंने अक्तूबर 2022 में जापान और निप्पॉन स्टील कॉर्पोरेशन का दौरा किया, जिसके बाद कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा का दौरा किया और केंद्रपाड़ा परियोजना पर चर्चा की। उन्होंने कहा, हम राज्य सरकार से स्पष्टीकरण चाहते हैं कि क्या यह 30 एमटीपीए एक नया परियोजना प्रस्ताव है या फरवरी 2020 में जिस पर सहमति बनी थी वह है। मुख्यमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए क्योंकि हमें संदेह है कि यह एक पुरानी किताब पर एक नया कवर रखने जैसा है।
आर्सेलर मित्तल ने क्यों वापस ली परियोजना
भाजपा नेता ने राज्य सरकार से यह भी स्पष्टीकरण मांगा कि आर्सेलर मित्तल ने केउंझर में प्रस्तावित 50,000 करोड़ रुपये की इस्पात मिल परियोजना से अपना नाम वापस क्यों लिया। कंपनी ने 2006 में राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और 2013 में अपनी परियोजना वापस ले ली थी।
जयनारायण मिश्रा और मुकेश महालिंग पहले कर चुके जापान यात्रा की निंदा
इससे पहले ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता जयनारायण मिश्रा और भाजपा विधायक मुकेश महालिंग ने मुख्यमंत्री की जापान यात्रा को लेकर उनकी आलोचना की थी। पटनायक की जापान यात्रा से पहले विधानसभा के बजट सत्र को बीच में ही समाप्त करने और अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के तरीके को लेकर भी भाजपा ने राज्य सरकार की आलोचना की थी। भाजपा ने तब 'जापान छाडा, कोटिया चला' (जापान छोड़ो, कोटिया की यात्रा करो) का आह्वान किया था।