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Odisha Skeleton Case: भाई को बहन का कंकाल ढोने पर किया मजबूर, जांच में बैंक निकला दोषी
Fri, 01 May 2026 04:33 AM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, क्योंझर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, क्योंझर
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 01 May 2026 04:33 AM IST
सार
ओडिशा के क्योंझर में बहन का कंकाल बैंक ले जाने की घटना में जांच में बैंक प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, बैंक कर्मचारियों ने पीड़ित की मदद नहीं की।
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बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा भाई
- फोटो : @अमर उजाला
विस्तार
क्योंझर ओडिशा के क्योंझर जिले में अपनी बहन का कंकाल बैंक ले जाने की हृदयविदारक घटना में बैंक प्रबंधन को दोषी पाया गया है। सरकारी जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों में बैंक की गलती सामने आई है।
उत्तरी संभाग के राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) संग्राम केशरी महापात्र ने बृहस्पतिवार को बैंक का दौरा करने और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद कहा, प्राथमिक जांच से स्पष्ट है कि बैंक कर्मचारियों ने सहयोग नहीं किया। जीतू मुंडा (50) अपनी बहन के निधन के बाद पैसे निकालने के लिए बैंक गया था, लेकिन वहां से उसे निराश होकर लौटना पड़ा।
महापात्र ने कहा कि जीतू बैंक प्रक्रियाओं से अनजान था और बैंककर्मियों ने उसकी मदद करने के बजाय संवेदनहीनता दिखाई। दूसरी ओर प्रायोजक बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक ने कहा कि यह घटना दावा निपटान प्रक्रिया की जानकारी के अभाव और प्रक्रिया को स्वीकार न करने की वजह से हुई। फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर जांच जारी है। मामले को लेकर विधानसभा में हंगामा भी हुआ।
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उत्तरी संभाग के राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) संग्राम केशरी महापात्र ने बृहस्पतिवार को बैंक का दौरा करने और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद कहा, प्राथमिक जांच से स्पष्ट है कि बैंक कर्मचारियों ने सहयोग नहीं किया। जीतू मुंडा (50) अपनी बहन के निधन के बाद पैसे निकालने के लिए बैंक गया था, लेकिन वहां से उसे निराश होकर लौटना पड़ा।
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महापात्र ने कहा कि जीतू बैंक प्रक्रियाओं से अनजान था और बैंककर्मियों ने उसकी मदद करने के बजाय संवेदनहीनता दिखाई। दूसरी ओर प्रायोजक बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक ने कहा कि यह घटना दावा निपटान प्रक्रिया की जानकारी के अभाव और प्रक्रिया को स्वीकार न करने की वजह से हुई। फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर जांच जारी है। मामले को लेकर विधानसभा में हंगामा भी हुआ।
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