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ओडिशा में बढ़ा आरक्षण का दायरा: एससी-एसटी और ओबीसी छात्रों को मिलेगा अधिक लाभ; जानें कहां-कहां लागू होगा फैसला

Sun, 05 Apr 2026 10:23 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: Devesh Tripathi Updated Sun, 05 Apr 2026 10:23 AM IST
सार

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुए कैबिनेट बैठक में अलग-अलग विभागों के 14 अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस कैबिनेट बैठक में चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में आरक्षण के कोटे में वृद्धि का भी फैसला लिया गया।

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Odisha Govt hikes quotas for STs SCs introduces reservation for OBCs in medical technical education
ओडिशा में बढ़ा आरक्षण का दायरा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ओडिशा सरकार ने राज्य में सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और  सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के लिए चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में आरक्षण के कोटे में वृद्धि की है। यह फैसला शनिवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि एसटी छात्रों के लिए कोटा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 22.50 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह एससी छात्रों के लिए आरक्षण आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 16.25 प्रतिशत किया गया है। ओडिशा में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के रूप में पहचाने जाने वाले ओबीसी छात्रों के लिए राज्य सरकार ने 11.25 प्रतिशत का आरक्षण भी शुरू किया है।
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कहां-कहां लागू होगा फैसला?
यह नई आरक्षण व्यवस्था राज्य भर के विश्वविद्यालयों, उनसे संबद्ध कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, कंप्यूटर अनुप्रयोग, चिकित्सा, सर्जरी, दंत चिकित्सा, नर्सिंग, फार्मेसी, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, होम्योपैथी, कृषि और संबद्ध विज्ञान, वास्तुकला, योजना और सिनेमाई कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लागू होगी। साथ ही राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित अन्य पाठ्यक्रमों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर प्रमाण पत्र, डिप्लोमा और डिग्री प्रदान करने में भी इस नई आरक्षण प्रणाली का पालन किया जाएगा।

जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण
मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य में एसटी आबादी 22 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद लंबे समय से तकनीकी, व्यावसायिक, चिकित्सा और संबद्ध पाठ्यक्रमों में उनके लिए आरक्षण केवल 12 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि अब इसे उनकी जनसंख्या के अनुपात के अनुसार बढ़ाया गया है।

सीटों की संख्या में वृद्धि
फैसले के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की कुल 2,421 स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों में से 12 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर एसटी छात्र केवल 290 सीटें ही सुरक्षित कर पाते थे। हालांकि, उनके कोटे को 22.5 प्रतिशत तक बढ़ाने के बाद, अब 545 एसटी छात्र चिकित्सा सीटें सुरक्षित कर पाएंगे। इसी प्रकार, एससी राज्य की आबादी का 17 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हैं, लेकिन उनके लिए केवल आठ प्रतिशत आरक्षण था। पहले आरक्षित श्रेणी के तहत केवल 193 एससी छात्र ही सीटें प्राप्त कर पाते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 393 हो जाएगी।

राज्य की कुल 44,579 इंजीनियरिंग सीटों में से, एसटी के लिए सीटों की संख्या 5,349 से बढ़कर 10,030 हो जाएगी। एससी के लिए यह संख्या 3,566 से बढ़कर 7,244 हो जाएगी, और पहली बार, एसईबीसी छात्रों के लिए 515 सीटें आरक्षित की जाएंगी।

समृद्ध ओडिशा की ओर कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम समृद्ध ओडिशा के निर्माण की दिशा में एक मजबूत माध्यम होगा। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ओडिशा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक नई योजना 'मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना' शुरू करेगा, जिसके तहत लाभार्थियों को हर महीने 5 किलोग्राम अतिरिक्त चावल मुफ्त प्रदान किया जाएगा।


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राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (एसएफएसएस) के तहत लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना' के माध्यम से अतिरिक्त चावल कोटा वितरित करने का निर्णय लिया है। 
वर्तमान में, राज्य में 97,97,572 परिवारों के 3,22,89,692 सदस्य एनएफएसए से लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि एसएफएसएस से 2,98,725 परिवारों के 5,62,737 सदस्य लाभ उठा रहे हैं। अब इन सभी लाभार्थियों को नई योजना का लाभ मिलेगा। कैबिनेट ने विभिन्न विभागों के 14 अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।

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