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Odisha: भ्रष्टाचार के मामले में सरकारी इंजीनियर गिरफ्तार, 85 प्लॉट-मार्केट कॉम्प्लेक्स और बिल्डिंग पर था कब्जा
Sat, 03 Aug 2024 04:33 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 03 Aug 2024 04:33 PM IST
सार
Odisha: भुवनेश्वर में एक वरिष्ठ सरकारी इंजीनियर को शनिवार को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है। मामले में अधिकारियों ने बताया कि सरकारी इंजीनियर के कब्जे से 85 प्लॉट, मार्केट कॉम्प्लेक्स, बिल्डिंग को बरामद किया गया है।
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भ्रष्टाचार के मामले में सरकारी इंजीनियर गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ओडिशा के सिंचाई विभाग में कार्यरत एक मुख्य निर्माण इंजीनियर को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है। जो क्योंझर जिले में एक बैराज परियोजना में तैनात था। जब उसके खिलाफ जांच की गई तो उससे जुड़ी संपत्तियों की तलाशी में इंजीनियर के पास आय से अधिक संपत्ति पाई गई।
40 साल की नौकरी में जुटाई इतनी संपत्तियां
अधिकारियों ने बताया कि इनमें एक पांच मंजिला इमारत, एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, 85 भूखंड, 335 ग्राम सोना, 78 लाख रुपये से अधिक की जमा राशि और 11.7 लाख रुपये नकद शामिल हैं। बालासोर जिले का रहने वाला आरोपी 40 साल की नौकरी में इतनी संपत्तियां जुटा चुका है। सतर्कता अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
भ्रष्टाचार निरोधक सतर्कता टीम ने दी थी जानकारी
बता दें कि शुक्रवार को ओडिशा की भ्रष्टाचार निरोधक सतर्कता टीम ने एक उच्च पदस्थ इंजीनियर के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति का पता लगाया था, जिसमें 85 प्लॉट, एक सोने का बिस्किट और अन्य कीमती सामान शामिल हैं। ये के बड़ी मात्रा में जमीन रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़ी श्रृंखला का तीसरा मामला है। पिछले सप्ताह भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आबकारी विभाग के एक अधिकारी के स्वामित्व वाले 52 प्लॉट और एक अन्य वरिष्ठ इंजीनियर और उसके परिवार के पास 34 प्लॉट का पता लगाया था।
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एक बयान में सतर्कता विभाग ने कहा कि उनके जासूसों ने आनंदपुर बैराज डिवीजन के मुख्य निर्माण इंजीनियर प्रवास कुमार प्रधान के कब्जे से एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, एक पांच मंजिला इमारत और 85 प्लॉट - जिसमें पश्चिम बंगाल में एक प्लॉट भी शामिल है - के साथ-साथ 218 ग्राम सोना, एक सोने का बिस्किट और 11.7 लाख रुपये की नकदी का पता लगाया है।
अपने और परिवार के लोगों के नाम पर खरीदे प्लॉट
बयान में कहा गया है, प्रवास कुमार प्रधान ने अलग-अलग वर्षों में अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर प्लॉट खरीदे थे। कुल पंजीकृत बिक्री विलेख का मूल्य 2 करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि, वास्तविक मूल्य अधिक होने की संभावना है, जिसकी पुष्टि की जा रही है। इसके अलावा, अधिकारियों ने कहा कि बैंक, डाक, बीमा और अन्य जमाओं का भी पता लगाया जा रहा है और तलाशी जारी है।
इससे पहले भी में राज्य में की गई कार्रवाई
राज्य में इस हफ्ते की शुरुआत में, आबकारी के संयुक्त आयुक्त राम चंद्र मिश्रा को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनके पास छह बहुमंजिला इमारतों और दो अपार्टमेंट के अलावा 52 प्लॉट पाए गए। एक अन्य घटना में, सतर्कता विभाग ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक और बोलनगीर के लोअर सुकटेल प्रोजेक्ट के मुख्य निर्माण अभियंता सुनील कुमार राउत के कब्जे में आठ एकड़ में फैले एक फार्महाउस सहित 34 भूखंडों का पता लगाया था।
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40 साल की नौकरी में जुटाई इतनी संपत्तियां
अधिकारियों ने बताया कि इनमें एक पांच मंजिला इमारत, एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, 85 भूखंड, 335 ग्राम सोना, 78 लाख रुपये से अधिक की जमा राशि और 11.7 लाख रुपये नकद शामिल हैं। बालासोर जिले का रहने वाला आरोपी 40 साल की नौकरी में इतनी संपत्तियां जुटा चुका है। सतर्कता अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
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भ्रष्टाचार निरोधक सतर्कता टीम ने दी थी जानकारी
बता दें कि शुक्रवार को ओडिशा की भ्रष्टाचार निरोधक सतर्कता टीम ने एक उच्च पदस्थ इंजीनियर के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति का पता लगाया था, जिसमें 85 प्लॉट, एक सोने का बिस्किट और अन्य कीमती सामान शामिल हैं। ये के बड़ी मात्रा में जमीन रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़ी श्रृंखला का तीसरा मामला है। पिछले सप्ताह भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आबकारी विभाग के एक अधिकारी के स्वामित्व वाले 52 प्लॉट और एक अन्य वरिष्ठ इंजीनियर और उसके परिवार के पास 34 प्लॉट का पता लगाया था।
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एक बयान में सतर्कता विभाग ने कहा कि उनके जासूसों ने आनंदपुर बैराज डिवीजन के मुख्य निर्माण इंजीनियर प्रवास कुमार प्रधान के कब्जे से एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, एक पांच मंजिला इमारत और 85 प्लॉट - जिसमें पश्चिम बंगाल में एक प्लॉट भी शामिल है - के साथ-साथ 218 ग्राम सोना, एक सोने का बिस्किट और 11.7 लाख रुपये की नकदी का पता लगाया है।
अपने और परिवार के लोगों के नाम पर खरीदे प्लॉट
बयान में कहा गया है, प्रवास कुमार प्रधान ने अलग-अलग वर्षों में अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर प्लॉट खरीदे थे। कुल पंजीकृत बिक्री विलेख का मूल्य 2 करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि, वास्तविक मूल्य अधिक होने की संभावना है, जिसकी पुष्टि की जा रही है। इसके अलावा, अधिकारियों ने कहा कि बैंक, डाक, बीमा और अन्य जमाओं का भी पता लगाया जा रहा है और तलाशी जारी है।
इससे पहले भी में राज्य में की गई कार्रवाई
राज्य में इस हफ्ते की शुरुआत में, आबकारी के संयुक्त आयुक्त राम चंद्र मिश्रा को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनके पास छह बहुमंजिला इमारतों और दो अपार्टमेंट के अलावा 52 प्लॉट पाए गए। एक अन्य घटना में, सतर्कता विभाग ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक और बोलनगीर के लोअर सुकटेल प्रोजेक्ट के मुख्य निर्माण अभियंता सुनील कुमार राउत के कब्जे में आठ एकड़ में फैले एक फार्महाउस सहित 34 भूखंडों का पता लगाया था।