ED: पूर्व सांसद-दो पूर्व विधायकों की 2.16 करोड़ की संपत्ति जब्त, यस बैंक-डीएचएफएल घोटाले में चार्जशीट दाखिल
एनसीपी और बीजेडी के साथ रहे हंसदा पिछले साल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में शामिल हुए थे। नाइक भी बीजू जनता दल के साथ थे।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कहा कि उसने एक कंपनी की 2.16 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जिसके पूर्व निदेशकों में एक पूर्व सांसद और ओडिशा के दो पूर्व विधायक शामिल हैं। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत नवा दिगंता कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड और उसके समूह की कंपनियों की संपत्तियों को कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी किया गया है। ईडी ने एक बयान में कहा कि समूह की कंपनियों का प्रतिनिधित्व निदेशक अंजन कुमार बलियार सिंह, प्रदीप कुमार पटनायक, कार्तिकेय परिदा और पूर्व निदेशकों जैसे मयूरभंज के पूर्व सांसद रामचंद्र हंसदा, क्योंझर सदर के पूर्व विधायक सुबर्णा नाइक और खरियार हितेश के पूर्व विधायक कुमार बागरती करते हैं।
एनसीपी और बीजेडी के साथ रहे हंसदा पिछले साल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में शामिल हुए थे। नाइक भी बीजू जनता दल के साथ थे। 2014 में इस मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्हें और हंसदा को बीजद ने निलंबित कर दिया था। बागरती को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने भाजपा के टिकट पर सीट जीती थी। कुर्क की गई संपत्ति में आईडीबीआई बैंक और इंडियन बैंक के 48 खातों में रखी गई 16 लाख रुपये की जमा राशि, पुरी जिले के नरेंद्रपुर मौजा में 2 करोड़ रुपये की दो जमीन और ओडिशा के खोरधा जिले के कैपदार मौजा में जमा राशि शामिल है। कुर्क की गई संपत्ति की कुल कीमत 2.16 करोड़ रुपये है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सीबीआई द्वारा आरोपियों के खिलाफ दायर एक प्राथमिकी और दो आरोपपत्रों से सामने आया है।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने यस बैंक-डीएचएफएल घोटाला मामले में आज विशेष पीएमएलए अदालत में 90 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसके अलवा ईडी ने पुणे के व्यवसायी अविनाश भोसले के बेटे अमित भोसले के एआरए संपत्तियों और दो अन्य के खिलाफ पुणे जमीन हड़पने के मामले में 6000 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया है।