{"_id":"652e7fba47f4174a380efb24","slug":"nsa-ajit-doval-says-terrorism-most-serious-threats-to-international-peace-and-security-2023-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"NSA: 'मध्य एशियाई क्षेत्र में विकास के प्रति भारत प्रतिबद्ध'; अजीत डोभाल ने आतंकवाद पर की कड़ी टिप्पणी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NSA: 'मध्य एशियाई क्षेत्र में विकास के प्रति भारत प्रतिबद्ध'; अजीत डोभाल ने आतंकवाद पर की कड़ी टिप्पणी
Tue, 17 Oct 2023 06:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 17 Oct 2023 06:06 PM IST
सार
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मध्य एशियाई देशों में मादक पदार्थों की तस्करी को गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि अक्सर आतंकवादी संगठनों और संगठित अपराध गिरोह इसका लाभ उठा रहे हैं। मादक पदार्थों की तस्करी को खत्म करने के लिए निकट समन्वय की आवश्यकता है।
विज्ञापन
मध्य एशिया-इंडिया सुरक्षा सलाहकारों की बैठक।
- फोटो : सोशल मीडिया।
विस्तार
इस्राइल और आतंकी संगठन हमास के बीच चल रही जंग के बीच भारत-मध्य एशियाई देशों के सुरक्षा सलाहकारों की दूसरी बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख एक बार फिर साफ किया है। इस बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवाद अपने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है। आतंकवाद का कोई भी कृत्य अनुचित है, चाहे उसके पीछे कारण कुछ भी हो। इस दौरान उन्होंने मध्य एशिया क्षेत्र में विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धिता भी दोहराई।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि क्षमता निर्माण और अनुभव साझा करना इस क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की आधारशिला है। भारत मध्य एशियाई देशों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि उन्हें साइबर खतरों के खिलाफ सुरक्षा बनाने और एक सुरक्षित साइबर पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में मदद मिल सके। इस बाबत भारत ने सभी मध्य एशियाई देशों की साइबर सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों को आमंत्रित किया था। वे रणनीतिक साइबर अनुभव के लिए भारत आ रहे हैं।
विज्ञापन
देशों की संप्रभुता क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान बेहद जरूरी
डोभाल ने कहा कि कनेक्टिविटी पहल में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना जरूरी है। उन्हें पर्यावरणीय मापदंडों का भी पालन करना चाहिए, वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित करनी चाहिए और कर्ज का बोझ नहीं बनना चाहिए। चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) की बढ़ती आलोचना के बीच डोभाल की यह टिप्पणी आई। डोभाल ने कहा, इस संदर्भ में, मध्य एशिया और भारत के बीच सीधी भूमि पहुंच का अभाव एक विसंगति है। पाकिस्तान के परोक्ष संदर्भ में कहा कि यह अनुपस्थिति एक विशेष देश की इन्कार करने की सचेत नीति का परिणाम है। डोभाल ने कहा कि यह स्थिति न सिर्फ इस देश के लिए आत्म-पराजय है बल्कि यह पूरे क्षेत्र की सामूहिक भलाई को भी कम करती है।
विज्ञापन
चाबहार बंदरगाह को आईएनएसटीसी में शामिल करने के फायदे गिनाए
डोभाल ने चाबहार बंदरगाह को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (आईएनएसटीसी) में शामिल करने के फायदों को भी रेखांकित किया। डोभाल ने मध्य एशियाई पड़ोसियों को समुद्री व्यापार के लिए चाबहार बंदरगाह के साथ-साथ एक भारतीय कंपनी के संचालित शहीद बाहेस्ती टर्मिनल का उपयोग करने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने चाबहार बंदरगाह को आईएनएसटीसी के ढांचे में शामिल करने के लिए समर्थन मांगा। उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान दोनों जल्द ही आईएनएसटीसी में शामिल होंगे। इसके साथ ही सभी पांच मध्य एशियाई देश आईएनएसटीसी के सदस्य होंगे।
अफगानिस्तान के हालत पर जताई चिंता
डोभाल ने कहा कि अफगानिस्तान के हालात अभी भी चिंतनीय बने हुए हैं। हमारी आम तात्कालिक प्राथमिकताओं में मानवीय सहायता प्रदान करना, आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी से लड़ने वाली एक वास्तविक समावेशी और प्रतिनिधि सरकार का गठन सुनिश्चित करना और महिलाओं, बच्चों और उनके अल्पसंख्यकों के अधिकारों को संरक्षित करना शामिल है। डाेभाल ने कहा कि भारत अफगान लोगों को प्रदान की जाने वाली मानवीय सहायता में काफी हद तक शामिल है।