India China Ties: अजीत डोभाल से मिले चीनी विदेश मंत्री; सीमा पर शांति और PM मोदी की चीन यात्रा को लेकर हुई बात
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, 'सीमा विवाद पर चीन और भारत के विशेष प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के इस दौर के लिए नई दिल्ली में आपसे फिर मिलकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में हमें जो असफलताएं झेलनी पड़ीं, वे दोनों देशों की जनता के हित में नहीं थीं।'
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भारत दौरे पर आए चीनी विदेश मंत्री वांग यी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के बीच मंगलवार को अहम बैठक हुई। इस दौरान डोभाल ने कहा कि सीमा पर शांति और सौहार्द बना हुआ है। मुझे उम्मीद है कि विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता सफल होगी। हमारे प्रधानमंत्री एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए चीन का दौरा करने वाले हैं। इसलिए आज की वार्ता बहुत महत्वपूर्ण है।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक के दौरान एनएसए अजीत डोभाल ने कहा, 'एक सकारात्मक रुख देखने को मिला है। सीमा पर शांति है। सौहार्द बना हुआ है। हमारे द्विपक्षीय संबंध और भी मजबूत हुए हैं। हम अपने नेताओं के प्रति अत्यंत आभारी हैं, जिन्होंने पिछले अक्तूबर में कजान में एक नया रुख स्थापित किया और तब से हमें काफी फायदा हुआ है। जो नया माहौल बना है, उससे हमें उन विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने में मदद मिली है, जिन पर हम काम कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि पिछली वार्ता की तरह यह 24वीं विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता भी उतनी ही सफल होगी। हमारे प्रधानमंत्री जल्द ही एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए भारत आएंगे। इसलिए मुझे लगता है कि ये विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ताएं बहुत महत्वपूर्ण हैं।'
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, 'सीमा विवाद पर चीन और भारत के विशेष प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के इस दौर के लिए नई दिल्ली में आपसे फिर मिलकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में हमें जो असफलताएं झेलनी पड़ीं, वे दोनों देशों की जनता के हित में नहीं थीं। फिर पिछले साल अक्तूबर में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच कजान में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। उस बैठक ने हमारे द्विपक्षीय संबंधों के विकास की दिशा तय की और सीमा विवाद के उचित समाधान के लिए प्रोत्साहत किया।'
चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि सीमाओं पर अब जो स्थिरता बहाल हुई है, उसे देखकर हमें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल के अंत में विशेष प्रतिनिधियों की 23वें दौर की वार्ता बहुत अच्छी रही। उस बैठक में हम मतभेदों के समाधान, सीमाओं को स्थिर करने और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर एक नई और महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंचे। हमने विशिष्ट लक्ष्यों की पहचान की और एक कार्यशील ढांचा तैयार किया। सीमाओं पर अब जो स्थिरता बहाल हुई है, उसे देखकर हमें बहुत खुशी हो रही है। मैं भारतीय पक्ष के विशेष प्रतिनिधि के रूप में आपके (अजीत डोभाल) प्रयासों की सराहना करता हूं। अब द्विपक्षीय संबंधों में सुधार और विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
यी ने कहा, 'चीन एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा को बहुत महत्व देता है। यह यात्रा हमारे ही न्योते पर हो रही है। हमारा मानना है कि भारतीय पक्ष भी तियानजिन में एक सफल शिखर सम्मेलन में योगदान देगा। इतिहास और वास्तविकता एक बार फिर साबित करती है कि एक स्वस्थ और स्थिर चीन-भारत संबंध हमारे दोनों देशों के मौलिक और दीर्घकालिक हितों की पूर्ति करता है। यह वही है, जो सभी विकासशील देश देखना चाहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'दोनों पक्षों को अपने नेताओं की बातें माननी चाहिए। उनके रणनीतिक मार्गदर्शन पर ही चलना चाहिए। रणनीतिक संचार के माध्यम से आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए। आदान-प्रदान और सहयोग के माध्यम से साझा हितों को आगे बढ़ाना चाहिए। सीमाओं से जुड़े मुद्दों का उचित समाधान करना चाहिए। इससे ही हमारे संबंध स्वस्थ और सुदृढ़ तरीके से आगे बढ़ पाएंगे। अभी-अभी छोटे समूह की बैठक में हमारी गहन और विस्तृत बातचीत हुई है। बड़े समूह की बैठक में मैं आपके साथ मिलकर और अधिक आम सहमति बनाने, आगे की सीमा वार्ता की दिशा और लक्ष्यों को निर्धारित करने के लिए तैयार हूं। मैं हमारे द्विपक्षीय संबंधों के सुधार और आगे के विकास के लिए अधिक सटीक माहौल तैयार करने के लिए तैयार हूं।'