अब फेसबुक के जरिए रेलयात्रियों के करीब आएंगे प्रभु
- ट्वीटर के साथ ही इंस्टाग्राम से भी प्रभु बरसा रहे कृपा
- रेलवे का पूरा महकमा सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर होगा
विस्तार
आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात करते दिखते है तो अब केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु फेसबुक पर लाइव दिखेंगे। आप प्रभु के कार्यक्रमों को उनके संदेश को घर बैठे फेसबुक पर देख सकेंगे। रेल मंत्री के कार्यक्रम को अगर लाइव नहीं देख पाते है तो रिकार्डेड संदेश भी सुन सकते हैं। इसके लिए प्रभु के फेसबुक पेज पर लिंक उपलब्ध रहेगा।
फेसबुक व वाइबर पर चैट भी कर सकते है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स ट्विटर से बच्चों को ट्रेन में दूध उपलब्ध कराने से लेकर बिछड़ों को इंस्टाग्राम से मिलाने वाले रेलमंत्री सुरेश प्रभु फेसबुक पर लाइव होंगे। प्रभु के साथ ही रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, 17 जोन के रेल महाप्रबंधक, सभी जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी व 68 रेल मंडल प्रबंधक भी फेसबुक पर लाइव होंगे।
रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की योजनाओं व कार्यक्रम से कई लोग अवगत नहीं हो पाते हैं। ऐसे में फेसबुक लाइव उनके लिए मददगार साबित होगा। इसके जरिए फेसबुक से जुड़े लोग सीधा मंत्री तक अपनी प्रतिक्रिया व सुझाव भी दे सकेंगे।
वायरल हो गया प्रभु का मैसेज
गौरतलब है कि ट्वीटर के बाद अब इंस्टाग्राम से भी प्रभु यात्रियों की मदद कर रहे है। इंस्टाग्राम से जुड़ते ही रेल मंत्री ने पिछले दिनों नागपुर रेलवे स्टेशन पर अपनों से बिछड़ी अवनी नाम की एक बच्ची को उसके घरवालों से भी मिलवा दिया। मंगलवार को सोशल नेटवर्किंग साईट इंस्टाग्राम से प्रभु जुड़े। नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर एक अवनी नाम की बच्ची आरपीएफ की महिला कांस्टेबल को मिली।
इसकी सूचना जब रेलमंत्री को मिली तो उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर महिला कांस्टेबल के साथ बच्ची की तस्वीर पोस्ट कर बताया कि बच्ची आरपीएफ के पास सुरक्षित है और उसके घरवाले संपर्क कर सकते हैं। इंस्टाग्राम पर फोटो डालते ही यह वायरल हो गया। देखते ही देखते इसे हजारों लोगों ने अन्य नेटवर्किंग साईट पर शेयर किया। हजारों लोगों ने लाइक किया तो 30 लाख से अधिक लोगों ने इसे देखा।
इस अभियान से बच्ची अपने घरवालों के पास उसी रात पहुंच गई। बच्ची के मामा ने इंस्टाग्राम पर प्रभु को इससे अवगत भी किया। इससे पहले भी हरियाणा के एक बच्चे को उसके घरवालो मिलवाया गया था। परिजनों ने जब बच्चे के खोने की सूचना सोशल साईट के माध्यम से दी तो प्रभु ने बच्चे के छूटने के समय और सूचना मिलने के बीच के समय का गणना कर दोनों दिशाओं में चलने वाली ट्रेन व तय दूरी के हिसाब से आरपीएफ को सतर्क किया। गणित इतना सटीक बैठा कि बच्चा बरामद कर लिया गया।