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मौसम विभाग ने अरब सागर के ऊपर तूफान की चेतावनी जारी की
Sun, 31 May 2020 05:09 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 31 May 2020 05:09 AM IST
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मानसून (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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भारत के मौसम विभाग-आईएमडी ने अरब सागर के लिए दोहरे दबाव का अलर्ट जारी किया है। क्योंकि केरल के ऊपर मानसून की शुरुआत के लिए बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियों के लिए उत्तरवर्ती तत्परता दिख रही है। मानसून के बढ़ने पर लगभग 10 दिन पहले चक्रवाती महातूफान तूफान अम्फान ने ब्रेक लगाया था।
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मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काईमेट वेदर ने शुक्रवार को कहा था कि मानसून को समय से पहले लाने के लिए अरब सागर में अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं, लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून के लिए अभी पूरी तरह से स्थितियां अनुकूल नहीं हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने कहा कि सोशल मीडिया में केरल में मानसून की शुरुआत के बारे में खबरें सही नहीं हैं। केरल में अभी मानसून का आगमन नहीं हुआ है।
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आईएमडी ने कहा है दक्षिण तटीय ओमान और उससे सटे यमन पर जुड़वां अवसाद का पता लगा है। इसके अगले 12 घंटों में और अधिक गहरे अवसाद में बदलने की संभावनाएं बन रही हैं। इसके चलते आने वाले 12 घंटों के दौरान और इसके बाद पश्चिम दक्षिण-पश्चिम की ओर धीरे धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।
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इस कारण अगले 48 घंटों के दौरान एक और निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर बनने की संभावना है। यह उत्तर-पश्चिमोत्तर की ओर बढ़ने और पूर्व मध्य और आसपास के 48 घंटों के दौरान इसके दक्षिण-पूर्व अरब सागर से सटे अवसाद पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है।
मानसून के आगमन पर आईएमडी ने संकेत दिया है कि मानसून धीमी गति से कम दबाव वाला क्षेत्र दक्षिण-पूर्व और निकटवर्ती पूर्व मध्य अरब सागर (लक्षद्वीप के आसपास) में दो दिनों में यानि रविवार तक विकसित हो सकता है। यह उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान एक अवसाद में केंद्रित हो सकता है।
इससे पहले स्काईमेट वेदर के सीईओ जतिन सिंह ने केरल के ऊपर मानसून को लेकर स्थितियों का खुलासा करते हुए मानसून के दस्तक देने की बधाई दी थी। केरल से मानसून की शुरुआत होने के बाद 4 महीने तक देश में बारिश का मौसम रहता है। जून से सितंबर तक देश में 75 फीसदी बारिश होती है।
स्काईमेट ने भविष्यवाणी की थी कि 28 मई को मानसून केरल में देर से या पहले 2 दिन की देरी या जल्दी के साथ आएगा। जबकि मौसम विभाग ने पहले मानसून के चार दिन की देरी से 5 जून को केरल आने की संभावना जताई थी। इसके बाद इस सप्ताह के शुरू में मौसम विभाग ने कहा था कि बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण मानसून की प्रगति में मदद करेगा।
आईएमडी के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण अरब सागर, मालद्वीव कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व खाड़ी के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युजंय महापात्रा ने कहा है कि केरल में मानसून की शुरुआत का एलान करने का अभी सही समय नहीं है।
मानसून की घोषणा के लिए तीन स्थितियां जरूरी
आईएमडी के अनुसार मानसून की शुरुआत की घोषणा करने के लिए तीन प्रमुख स्थितियां हैं। पहला अगर 10 मई के बाद 14 मौसम स्टेशनों में 60 फीसदी इलाकों में मिनीकॉय, अमिनी, तिरुवनंतपुरम, पुनालुर, कोल्लम, अल्लापुझा, कोट्टायम, कोच्चि, त्रिशूर, कोझीकोड, थालास्सेरी, कन्नूर, कुडुल और मैंगलोर में लगातार दो दिन तक 2.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश रिपोर्ट होती है तो उसके दूसरे दिन केरल से मानसून की शुरुआत घोषित की जाएगी। दूसरा वेस्टरलीज की गहराई 600 हेक्टोस्पैजल तक बनाए रखी जानी चाहिए और तीसरा आउट वेव लांगवेव रेडिएशन 200 से नीचे होना चाहिए।