{"_id":"6102b06c8ebc3e395f0f93eb","slug":"noted-historian-and-author-balwant-moreshwar-alias-babasaheb-purandare-turns-100","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: 100 साल के हुए विख्यात इतिहासकार बाबासाहेब पुरंदरे, बोले- जीवन से बहुत कुछ सीखा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: 100 साल के हुए विख्यात इतिहासकार बाबासाहेब पुरंदरे, बोले- जीवन से बहुत कुछ सीखा
Thu, 29 Jul 2021 07:13 PM IST
प्रतिभा ज्योति
पीटीआई, पुणे
पीटीआई, पुणे
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Thu, 29 Jul 2021 07:13 PM IST
सार
मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज पर अपने कार्यों के लिए विख्यात इतिहासकार और लेखक बलवंत मोरेश्वर उर्फ बाबासाहेब पुरंदरे ने गुरुवार को अपना 100वां जन्मदिन मनाया।
विज्ञापन
विख्यात इतिहासकार बाबासाहेब पुरंदरे
- फोटो : Twitter : @MulaMutha
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पद्म विभूषण से सम्मानित विख्यात इतिहासकार और लेखक बलवंत मोरेश्वर उर्फ बाबासाहेब पुरंदरे 100 साल के हो गए हैं। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने इस अवसर पर पुरंदरे को बधाई दी और टेलीफोन पर बातचीत में उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
राजभवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल ने ट्विटर पर एक संदेश में कहा कि शिव शाहीर बाबासाहेब पुरंदरे को उनके 100वें जन्मदिन पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी और उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
माता-पिता का जताया आभार
पुरंदरे ने इस मौके पर अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने 100 साल की अपनी यात्रा में बहुत कुछ सीखा है। बाबासाहब पुरंदरे का जन्म 29 जुलाई 1922 को पुणे में हुआ था। वे 17 साल की उम्र में शिवाजी के जीवन पर कहानियां लिख कर मशहूर हुए।
विज्ञापन
पुरंदरे ने ऐतिहासिक नाटक जाणता राजा (1985) को लिखा और निर्देशित किया, जिसे 200 से अधिक कलाकारों ने प्रदर्शित किया और पांच भाषाओं में अनुवाद हुआ है। मूल रूप से यह नाटक मराठी में लिखा गया था। उन्हें 2015 में महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार और 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें 2015 में महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार भी दिया गया, जिसे लेकर महाराष्ट्र में राजनीति खूब गरमाई गई थी। उन पर यह आरोप लगे कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के चरित्र और उनकी जिंदगी को लेकर विवादस्पद बातें लिखी हैं।
विज्ञापन
राजभवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल ने ट्विटर पर एक संदेश में कहा कि शिव शाहीर बाबासाहेब पुरंदरे को उनके 100वें जन्मदिन पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी और उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
विज्ञापन
माता-पिता का जताया आभार
पुरंदरे ने इस मौके पर अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने 100 साल की अपनी यात्रा में बहुत कुछ सीखा है। बाबासाहब पुरंदरे का जन्म 29 जुलाई 1922 को पुणे में हुआ था। वे 17 साल की उम्र में शिवाजी के जीवन पर कहानियां लिख कर मशहूर हुए।
विज्ञापन
पुरंदरे ने ऐतिहासिक नाटक जाणता राजा (1985) को लिखा और निर्देशित किया, जिसे 200 से अधिक कलाकारों ने प्रदर्शित किया और पांच भाषाओं में अनुवाद हुआ है। मूल रूप से यह नाटक मराठी में लिखा गया था। उन्हें 2015 में महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार और 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें 2015 में महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार भी दिया गया, जिसे लेकर महाराष्ट्र में राजनीति खूब गरमाई गई थी। उन पर यह आरोप लगे कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के चरित्र और उनकी जिंदगी को लेकर विवादस्पद बातें लिखी हैं।